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सफाई कर्मचारी ने सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत पर लगाया जान से मारने की धमकी देने का आरोप
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अक्सर विवादों में रहे शहर नगर निगम में कार्यरत सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त पर सफाई कर्मचारी ने जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
बता दें कि नगर निगम में कच्चा सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत गोवर्धन नगर वासी राजिंद्र कुमार ने 27 जून को विजिलेंस अंबाला, सीएम विंडो और विधायक असीम गोयल को सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त के खिलाफ शिकायत दी थी कि उसने राजिंद्र को सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाला 100 गज का प्लाट धोखे से अपने नाम कर लिया है और उस जगह पर मकान व दुकान बना ली है। सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाले इन प्लाटों को बेचा नहीं जा सकता। इसी बीच राजिंद्र ने वीरवार को नगर निगम में हेल्थ ब्रांच में पहुंचकर बताया कि सेनेटरी इंस्पेक्टर ने उससे कहा था कि वह इस प्लाट पर मकान बनाएगा और उसे चार लाख रुपये देगा। उसका परिवार भी इसी मकान में रह सकता है। राजिंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील दत्त ने उसे केवल 1 लाख रुपये दिए और उसके परिवार को भी उस मकान में नहीं रहने दिया।
राजिंद्र ने बताया कि उसके प्लाट में पड़े सामान को सुनील दत्त ने पास के हनुमान मंदिर में रखवा दिया, जिसके बाद उसे किराये के मकान में रहना पड़ रहा है और इसी वजह से उसका परिवार उसे छोड़कर चला गया है। राजिंद्र ने यह भी आरोप लगाया है कि इस वक्त इस मकान में सेनेटरी इंस्पेक्टर का भाई, जोकि करधान गांव से आया है, वह रह रहा है और मकान में ही एक दुकान कर चला रहा है। राजिंद्र ने आरोप लगाया कि जब भी वह उनसे बात करने जाता है तो उसे सुनील दत्त और उसका भाई उसे जान से मारने की धमकी देकर दोबारा उस जगह न दिखाई देने को कहते हैं। बता दें कि यह मामला एसडीएम कोर्ट पहुंच चुका है। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को दोनों पक्षों की वहां पेशी है।
मैंने प्लाट के बदले दिए थे 4 लाख रुपये
सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने बताया कि उसने राजिंद्र को इस प्लाट के बदले में 4 लाख रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि राजिंद्र ने इस प्लाट की रजिस्ट्री भी नहीं करवाई। उन्होंने बताया कि उसने यह प्लाट करीब 8 साल पहले राजिंद्र से लिया था।
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गोवर्धन नगर में किसी भी मकान का नहीं नक्शा पास
बता दें कि इस स्कीम के तहत मिलने वाले प्लाट को लाभपात्र किसी को बेच नहीं सकता। फिर राजिंद्र ने प्लाट के बदले में 4 लाख रुपये क्यों लिए। हालांकि राजिंद्र का कहना है कि उन दिनों सुनील दत्त नया-नया नगर निगम में आया था तब उसे वहां रहने के लिए जगह की जरूरत थी। उस दौरान यह सौदा हुआ था, लेकिन सुनील ने वादा किया था कि वह उसके परिवार को भी वहां रहने देगा। वहीं दूसरी सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त का कहना है कि इस मकान के अलावा गोवर्धन नगर में किसी भी मकान की रजिस्ट्री नहीं हुई और न ही किसी भी मकान का नक्शा पास है, क्योंकि बिना रजिस्ट्री नक्शा नहीं बनता।
कुछ दिन पूर्व कमिश्नर के सामने हुई हाथापाई
बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त और सीनियर अकाउंटेंट की नगर निगम कमिश्नर के कमरे में उनके ही सामने वेतन को लेकर भी हाथापाई हुई थी। वहीं गत माह नगर निगम में जिस क्वार्टर में सुनील दत्त रहता था वहां बिजली निगम का विजिलेंस के साथ छापा भी पड़ा भा। गत माह शहर के मनमोहन नगर के एक नाले से मवेशियों को निकालने के लिए सुनील दत्त ने बिना कमिश्नर के संज्ञान में बात डाले तीन लोगों को बाड़े पर लाकर नाले में उतार दिया था।
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अंबाला सिटी। अक्सर विवादों में रहे शहर नगर निगम में कार्यरत सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त पर सफाई कर्मचारी ने जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
बता दें कि नगर निगम में कच्चा सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत गोवर्धन नगर वासी राजिंद्र कुमार ने 27 जून को विजिलेंस अंबाला, सीएम विंडो और विधायक असीम गोयल को सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त के खिलाफ शिकायत दी थी कि उसने राजिंद्र को सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाला 100 गज का प्लाट धोखे से अपने नाम कर लिया है और उस जगह पर मकान व दुकान बना ली है। सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाले इन प्लाटों को बेचा नहीं जा सकता। इसी बीच राजिंद्र ने वीरवार को नगर निगम में हेल्थ ब्रांच में पहुंचकर बताया कि सेनेटरी इंस्पेक्टर ने उससे कहा था कि वह इस प्लाट पर मकान बनाएगा और उसे चार लाख रुपये देगा। उसका परिवार भी इसी मकान में रह सकता है। राजिंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील दत्त ने उसे केवल 1 लाख रुपये दिए और उसके परिवार को भी उस मकान में नहीं रहने दिया।
राजिंद्र ने बताया कि उसके प्लाट में पड़े सामान को सुनील दत्त ने पास के हनुमान मंदिर में रखवा दिया, जिसके बाद उसे किराये के मकान में रहना पड़ रहा है और इसी वजह से उसका परिवार उसे छोड़कर चला गया है। राजिंद्र ने यह भी आरोप लगाया है कि इस वक्त इस मकान में सेनेटरी इंस्पेक्टर का भाई, जोकि करधान गांव से आया है, वह रह रहा है और मकान में ही एक दुकान कर चला रहा है। राजिंद्र ने आरोप लगाया कि जब भी वह उनसे बात करने जाता है तो उसे सुनील दत्त और उसका भाई उसे जान से मारने की धमकी देकर दोबारा उस जगह न दिखाई देने को कहते हैं। बता दें कि यह मामला एसडीएम कोर्ट पहुंच चुका है। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को दोनों पक्षों की वहां पेशी है।
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मैंने प्लाट के बदले दिए थे 4 लाख रुपये
सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने बताया कि उसने राजिंद्र को इस प्लाट के बदले में 4 लाख रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि राजिंद्र ने इस प्लाट की रजिस्ट्री भी नहीं करवाई। उन्होंने बताया कि उसने यह प्लाट करीब 8 साल पहले राजिंद्र से लिया था।
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गोवर्धन नगर में किसी भी मकान का नहीं नक्शा पास
बता दें कि इस स्कीम के तहत मिलने वाले प्लाट को लाभपात्र किसी को बेच नहीं सकता। फिर राजिंद्र ने प्लाट के बदले में 4 लाख रुपये क्यों लिए। हालांकि राजिंद्र का कहना है कि उन दिनों सुनील दत्त नया-नया नगर निगम में आया था तब उसे वहां रहने के लिए जगह की जरूरत थी। उस दौरान यह सौदा हुआ था, लेकिन सुनील ने वादा किया था कि वह उसके परिवार को भी वहां रहने देगा। वहीं दूसरी सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त का कहना है कि इस मकान के अलावा गोवर्धन नगर में किसी भी मकान की रजिस्ट्री नहीं हुई और न ही किसी भी मकान का नक्शा पास है, क्योंकि बिना रजिस्ट्री नक्शा नहीं बनता।
कुछ दिन पूर्व कमिश्नर के सामने हुई हाथापाई
बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त और सीनियर अकाउंटेंट की नगर निगम कमिश्नर के कमरे में उनके ही सामने वेतन को लेकर भी हाथापाई हुई थी। वहीं गत माह नगर निगम में जिस क्वार्टर में सुनील दत्त रहता था वहां बिजली निगम का विजिलेंस के साथ छापा भी पड़ा भा। गत माह शहर के मनमोहन नगर के एक नाले से मवेशियों को निकालने के लिए सुनील दत्त ने बिना कमिश्नर के संज्ञान में बात डाले तीन लोगों को बाड़े पर लाकर नाले में उतार दिया था।