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फैशन के दौर में डिजाईनर ड्रेस व तकनीकी कला की जरूरत : कंबोज
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:55 AM IST
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अंबाला सिटी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अधीनस्थ कार्यरत कृषि विज्ञान केंद्र ने चार दिवसीय तकनीकी एवं डिजाइनिंग वस्त्र कला का केंद्र परिसर में प्रशिक्षण करवाया गया जिसमें 25 महिलाओं ने भाग लिया। केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीआर कंबोज ने महिलाओं योगदान के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से दी जा रही विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काफी महिलाएं सिलाई, कढ़ाई के काम से जुड़ी है पर उन्हें पूरी तरह से उनकी मेहनत नहीं मिल पाती। फैशन के दौर में मार्केट में जगह बनाने के लिए डिजाइनर ड्रेस व तकनीकी कला की जरूरत है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए शिविर में महिलाओं को डिजाइनर कपड़ों की ड्राफिटंग, कंटिग, पैच वर्क, टार्ड ड्राई तकनीक, फ्रेब्रिक पेंटिंग, ब्लॉक पिंटिग व अन्य कला की विस्तृत जानकारी दी व अभ्यास भी करवाया गया ताकि वो अपनी कला को आय उर्पाजन का साधन बना सकें। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिलबाग एवं पशुरोगशाला की वैज्ञानिक डॉ. वंदना ने भी महिलाओं को मधुमक्खी पालन एवं पशुपालन संबंधित जानकारी दी। शिविर के अंत में महिलाओं ने अपने द्वारा बनाए गए सामान का प्रदर्शन किया।
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उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से दी जा रही विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काफी महिलाएं सिलाई, कढ़ाई के काम से जुड़ी है पर उन्हें पूरी तरह से उनकी मेहनत नहीं मिल पाती। फैशन के दौर में मार्केट में जगह बनाने के लिए डिजाइनर ड्रेस व तकनीकी कला की जरूरत है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए शिविर में महिलाओं को डिजाइनर कपड़ों की ड्राफिटंग, कंटिग, पैच वर्क, टार्ड ड्राई तकनीक, फ्रेब्रिक पेंटिंग, ब्लॉक पिंटिग व अन्य कला की विस्तृत जानकारी दी व अभ्यास भी करवाया गया ताकि वो अपनी कला को आय उर्पाजन का साधन बना सकें। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिलबाग एवं पशुरोगशाला की वैज्ञानिक डॉ. वंदना ने भी महिलाओं को मधुमक्खी पालन एवं पशुपालन संबंधित जानकारी दी। शिविर के अंत में महिलाओं ने अपने द्वारा बनाए गए सामान का प्रदर्शन किया।
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