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6196 पंजीकृत मजदूरों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला, अंबाला
Updated Sat, 11 Jan 2014 12:00 AM IST
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अंबाला सिटी। हरियाणा सरकार की ओर से एक जनवरी 2014 से भवन निर्माण के क्षेत्र में लगे मजदूरों और श्रमिकों के कल्याण के लिए शुरू की गई नई योजना का जिले में 6196 पंजीकृत मजदूरों को लाभ मिलेगा।
उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें अपना पंजीकरण सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य अंबाला के कार्यालय में करवाना आवश्यक है।
श्रम मंत्रालय के अंतर्गत कार्य कर रहे विभाग की ओर से भवन निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहे श्रमिकों का पंजीकरण करने के साथ-साथ उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध योजनाओं का न केवल लाभ उपलब्ध करवाया जाता है बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जाता है कि उनके परिवारों को सरकार द्वारा जारी सभी सुविधाओं का लाभ मिले बल्कि उनका किसी प्रकार से शोषण न हो।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मजूदरों को बढ़ी न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा, वहीं मृत्यु होने पर श्रमिक के आश्रितों को 80 हजार से 1.50 लाख रुपये की राशि और विकलांग होने की अवस्था में आजीवन पेंशन दी जाती है। यदि मजदूर की मृत्यु कार्य स्थल पर काम करते समय हो तो उसे 1.50 लाख रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दी जाती है और बीमारी होने पर 80 हजार रुपये की राशि उनके आश्रितों को उपलब्ध करवाई जाती है।
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उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें अपना पंजीकरण सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य अंबाला के कार्यालय में करवाना आवश्यक है।
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श्रम मंत्रालय के अंतर्गत कार्य कर रहे विभाग की ओर से भवन निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहे श्रमिकों का पंजीकरण करने के साथ-साथ उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध योजनाओं का न केवल लाभ उपलब्ध करवाया जाता है बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जाता है कि उनके परिवारों को सरकार द्वारा जारी सभी सुविधाओं का लाभ मिले बल्कि उनका किसी प्रकार से शोषण न हो।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मजूदरों को बढ़ी न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा, वहीं मृत्यु होने पर श्रमिक के आश्रितों को 80 हजार से 1.50 लाख रुपये की राशि और विकलांग होने की अवस्था में आजीवन पेंशन दी जाती है। यदि मजदूर की मृत्यु कार्य स्थल पर काम करते समय हो तो उसे 1.50 लाख रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दी जाती है और बीमारी होने पर 80 हजार रुपये की राशि उनके आश्रितों को उपलब्ध करवाई जाती है।