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पांच माह में केवल 15 दिन की पेमेंट, ठेकेदार बोला- कैसे उठाऊं डोर-टू-डोर गारबेज
Updated Sat, 27 Oct 2018 01:02 AM IST
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पांच माह में केवल 15 दिन की पेमेंट, ठेकेदार बोला- कैसे उठाऊं डोर-टू-डोर कूड़ा
प्रस्तावित लीड
फोटो नंबर------30 व 39
दूसरी ओर नगर निगम ने कांट्रेक्ट को टर्मिनेट करने की कार्रवाई की आरंभ
ठेकेदार ने निगम को दिया लिखित जवाब, 29 अक्तूबर तक हो सकता है निर्णय
ठेकेदार पर कूड़ा छंटाई और क्यू आर कोड स्कैन नहीं करने का आरोप
रमिंद्र सिंह
अंबाला सिटी। ट्विन सिटी में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर नगर निगम और ठेकेदार के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। निगम ने ठेकेदार पर कई कमियों के आरोप लगाकर उसे नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा था। अब ठेकेदार ने इसका जवाब निगम को सौंप दिया है। शुक्रवार तक निगम ने निर्णय लेना था कि ठेका रद्द किया जाए या नहीं, मगर कमिश्नर के अंबाला नहीं होने पर मामला 29 अक्तूबर तक पहुंच गया है। 29 को अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कांट्रेक्ट का भविष्य तय होगा। निगम अधिकारियों की मानें तो ठेकेदार के काम में हजारों कमियां थीं जिस वजह से कांट्रेक्ट को रद्द किया जा सकता है जबकि दूसरी ओर ठेकेदार ने ही निगम पर कई आरोप लगा दिए हैं। उनका आरोप है कि पांच माह में केवल 15 दिन की पेमेंट निगम द्वारा की गई है। ऐसे में सैकड़ों कर्मियों को वह अपने पल्ले से कैसे पेमेंट देंगे। निगम व ठेकेदार के बीच घमासान छिड़ा है जबकि जनता इसमें बुरी तरह से पिस रही है। घरों का कूड़ा इकट्ठा करने कर्मी नहीं आ रहे जबकि प्राइवेट कर्मी मुंह मांगे दाम लोगों से मांग रहे हैं। प्रशासन से लेकर राजनेता तक इस पर चुप्पी साधे हैं जबकि त्यौहार सिर पर हैं।
निगम ने यह लगाए थे ठेकेदार पर आरोप
- गीले व सूखे कूड़े की अलग-अलग छंटाई नहीं की जा रही है। कई जगहों से कूड़ा नहीं उठ रहा।
- हर घर के बाहर क्यू आर कोड को स्मार्ट फोन से कूड़ा कलेक्शन कर्मी स्कैन नहीं कर रहे हैं। 1.12 लाख प्रॉपर्टी में से महज चार हजार क्यू आर कोड स्कैन किए जा रहे है।
- कूड़े के मासिक बिल भी ठेकेदार के कर्मचारी लोगों से नहीं वसूल रहे हैं।
ठेकेदार का जवाब
- गीले व सूखे कूड़े की छंटाई की जा रही है। इसकी फोटो व वीडियोग्राफी भी हो रही है।
- कूड़े के मासिक बिल लोगों से वसूलना निगम का कार्य है। टेंडर क्लॉज में दर्ज है कि ठेकेदार द्वारा केवल बिल लेने में मदद की जाएगी। ठेकेदार कैसे अपनी तरफ से बिल काटकर लोगों को दे सकता है जबकि निगम प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कूड़ा कलेक्शन के बिल भेज रहा है।
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- मई में कांट्रेक्ट आरंभ हो गया था जिसमें से अब तक केवल 15 दिन का पैसा निगम से मिला है। लेबर को दो माह तक अपनी जेब से पैसे दिए गए। अब लाखों रुपया उनका वेतन बकाया है।
- क्यू आर कोड स्कैन किए जा रहे हैं और कांट्रेक्ट को बीच में रद्द करना न्याय संगत नहीं है।
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ट्विन सिटी का अलग-अलग हुआ था कांट्रेक्ट
ट्विन सिटी में मई में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का अलग-अलग कांट्रेक्ट किया था। इसमें कैंट का 44 लाख और सिटी का 67 लाख रुपये में कांट्रेक्ट हुआ था। इसकी अवधि अप्रैल 2019 तक है, मगर ठेकेदार के कार्य में कमियों को देखते हुए अब इस कांट्रेक्ट को टर्मिनेट करने पर विचार चल रहा है।
कोट्स
ठेकेदार को नोटिस दिया गया था जिस पर उसने जवाब फाइल कर दिया है। 29 अक्तूबर को कांट्रेक्ट पर कोई निर्णय लिया जाएगा। ठेकेदार के कार्य में कई कमियां हैं, इसी को देखते हुए निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ी तो नया कांट्रेक्ट भी दिया जा सकता है।
-जयबीर सिंह आर्य, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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निगम द्वारा केवल 15 दिन की पेमेंट की गई है और बिना पैसे कैसे काम चलेगा। निगम द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत हैं और दबाव बनाने का कार्य किया जा रहा है।
-राज कुमार हुड्डा, कांट्रेक्टर, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन।
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दूसरी ओर नगर निगम ने कांट्रेक्ट को टर्मिनेट करने की कार्रवाई की आरंभ
ठेकेदार ने निगम को दिया लिखित जवाब, 29 अक्तूबर तक हो सकता है निर्णय
ठेकेदार पर कूड़ा छंटाई और क्यू आर कोड स्कैन नहीं करने का आरोप
रमिंद्र सिंह
अंबाला सिटी। ट्विन सिटी में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर नगर निगम और ठेकेदार के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। निगम ने ठेकेदार पर कई कमियों के आरोप लगाकर उसे नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा था। अब ठेकेदार ने इसका जवाब निगम को सौंप दिया है। शुक्रवार तक निगम ने निर्णय लेना था कि ठेका रद्द किया जाए या नहीं, मगर कमिश्नर के अंबाला नहीं होने पर मामला 29 अक्तूबर तक पहुंच गया है। 29 को अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कांट्रेक्ट का भविष्य तय होगा। निगम अधिकारियों की मानें तो ठेकेदार के काम में हजारों कमियां थीं जिस वजह से कांट्रेक्ट को रद्द किया जा सकता है जबकि दूसरी ओर ठेकेदार ने ही निगम पर कई आरोप लगा दिए हैं। उनका आरोप है कि पांच माह में केवल 15 दिन की पेमेंट निगम द्वारा की गई है। ऐसे में सैकड़ों कर्मियों को वह अपने पल्ले से कैसे पेमेंट देंगे। निगम व ठेकेदार के बीच घमासान छिड़ा है जबकि जनता इसमें बुरी तरह से पिस रही है। घरों का कूड़ा इकट्ठा करने कर्मी नहीं आ रहे जबकि प्राइवेट कर्मी मुंह मांगे दाम लोगों से मांग रहे हैं। प्रशासन से लेकर राजनेता तक इस पर चुप्पी साधे हैं जबकि त्यौहार सिर पर हैं।
निगम ने यह लगाए थे ठेकेदार पर आरोप
- गीले व सूखे कूड़े की अलग-अलग छंटाई नहीं की जा रही है। कई जगहों से कूड़ा नहीं उठ रहा।
- हर घर के बाहर क्यू आर कोड को स्मार्ट फोन से कूड़ा कलेक्शन कर्मी स्कैन नहीं कर रहे हैं। 1.12 लाख प्रॉपर्टी में से महज चार हजार क्यू आर कोड स्कैन किए जा रहे है।
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ठेकेदार का जवाब
- गीले व सूखे कूड़े की छंटाई की जा रही है। इसकी फोटो व वीडियोग्राफी भी हो रही है।
- कूड़े के मासिक बिल लोगों से वसूलना निगम का कार्य है। टेंडर क्लॉज में दर्ज है कि ठेकेदार द्वारा केवल बिल लेने में मदद की जाएगी। ठेकेदार कैसे अपनी तरफ से बिल काटकर लोगों को दे सकता है जबकि निगम प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कूड़ा कलेक्शन के बिल भेज रहा है।
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- मई में कांट्रेक्ट आरंभ हो गया था जिसमें से अब तक केवल 15 दिन का पैसा निगम से मिला है। लेबर को दो माह तक अपनी जेब से पैसे दिए गए। अब लाखों रुपया उनका वेतन बकाया है।
- क्यू आर कोड स्कैन किए जा रहे हैं और कांट्रेक्ट को बीच में रद्द करना न्याय संगत नहीं है।
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ट्विन सिटी का अलग-अलग हुआ था कांट्रेक्ट
ट्विन सिटी में मई में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का अलग-अलग कांट्रेक्ट किया था। इसमें कैंट का 44 लाख और सिटी का 67 लाख रुपये में कांट्रेक्ट हुआ था। इसकी अवधि अप्रैल 2019 तक है, मगर ठेकेदार के कार्य में कमियों को देखते हुए अब इस कांट्रेक्ट को टर्मिनेट करने पर विचार चल रहा है।
कोट्स
ठेकेदार को नोटिस दिया गया था जिस पर उसने जवाब फाइल कर दिया है। 29 अक्तूबर को कांट्रेक्ट पर कोई निर्णय लिया जाएगा। ठेकेदार के कार्य में कई कमियां हैं, इसी को देखते हुए निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ी तो नया कांट्रेक्ट भी दिया जा सकता है।
-जयबीर सिंह आर्य, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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निगम द्वारा केवल 15 दिन की पेमेंट की गई है और बिना पैसे कैसे काम चलेगा। निगम द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत हैं और दबाव बनाने का कार्य किया जा रहा है।
-राज कुमार हुड्डा, कांट्रेक्टर, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन।