{"_id":"5b5479584f1c1bee748b555b","slug":"61532262744-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता के पैसे जेब में डालने के मामले में कैशियर सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता के पैसे जेब में डालने के मामले में कैशियर सस्पेंड
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा। उगाला गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उपभोक्ताओं के रुपये खाते में जमा न कर जेब में डालने के मामले में सीनियर रीजनल मैनेजर ने कैशियर को सस्पेंड कर दिया। दो उपभोक्ताओं ने बैंक मैनेजर को शिकायत दी थी कि उनके पैसे कैशियर ने जमा न करा अपनी जेब में डाल लिए हैं। इस पर मैनेजर विजय गुप्ता ने बैंक में आकर जांच की तो स्थिति स्पष्ट हुई जिसकी रिपोर्ट सीनियर रीजनल मैनेजर रणजीव शर्मा को भेजी गई।
बता दें कि उगाला के गुलाब सिंह ने बैंक में 16,500 रुपये जमा करवाए थे। कैशियर अशोक कुमार ने एक रसीद गुलाब सिंह को दी और दूसरी फाड़ दी थी। गुलाब को शक हुआ तो उसने अगले दिन पासबुक में एंट्री करवाई तो राशि की एंट्री नहीं थी। उस समय कैशियर ने अपनी गलती मानते हुए एक माह बाद 16,500 रुपये जमा करवा दिए थे। इसके बाद भूपिंद्र सिंह फौजी के 10 हजार रुपये भी जमा नहीं किए थे। भूपिंद्र सिंह के पिता शमशेर सिंह ने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर को की थी। दोनों ही मामलों में आरोप था कि कैशियर ने रुपये अपनी जेब में डाल लिए हैं। मामला सीनियर रीजनल मैनेजर रणजीव शर्मा के संज्ञान में आया तो उसकी जांच कर उसे सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन
बराड़ा। उगाला गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उपभोक्ताओं के रुपये खाते में जमा न कर जेब में डालने के मामले में सीनियर रीजनल मैनेजर ने कैशियर को सस्पेंड कर दिया। दो उपभोक्ताओं ने बैंक मैनेजर को शिकायत दी थी कि उनके पैसे कैशियर ने जमा न करा अपनी जेब में डाल लिए हैं। इस पर मैनेजर विजय गुप्ता ने बैंक में आकर जांच की तो स्थिति स्पष्ट हुई जिसकी रिपोर्ट सीनियर रीजनल मैनेजर रणजीव शर्मा को भेजी गई।
बता दें कि उगाला के गुलाब सिंह ने बैंक में 16,500 रुपये जमा करवाए थे। कैशियर अशोक कुमार ने एक रसीद गुलाब सिंह को दी और दूसरी फाड़ दी थी। गुलाब को शक हुआ तो उसने अगले दिन पासबुक में एंट्री करवाई तो राशि की एंट्री नहीं थी। उस समय कैशियर ने अपनी गलती मानते हुए एक माह बाद 16,500 रुपये जमा करवा दिए थे। इसके बाद भूपिंद्र सिंह फौजी के 10 हजार रुपये भी जमा नहीं किए थे। भूपिंद्र सिंह के पिता शमशेर सिंह ने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर को की थी। दोनों ही मामलों में आरोप था कि कैशियर ने रुपये अपनी जेब में डाल लिए हैं। मामला सीनियर रीजनल मैनेजर रणजीव शर्मा के संज्ञान में आया तो उसकी जांच कर उसे सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन