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मीटिंग में आशा वर्करों ने उठाई मांगे
Updated Thu, 20 Jul 2017 07:06 PM IST
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अंबाला कैंट। आशा वर्कर यूनियन की संयुक्त मीटिंग इंदिरा पार्क में हुई जिसमें कई पदाधिकारियों व सदस्यों ने हिस्सा लिया। मीटिंग में आशा वर्करों को मिलने वाली 50 प्रतिशत अधिक राशि पर चर्चा हुई। वर्करों ने बताया कि सरकार बजट नहीं होने की बात कहकर हमेशा पल्ला झाड़ रही है।
फैमिली प्लांनिंग के केस कराने पर उन्हें जो पेमेंट मिलती है वह दो सालों से रुकी हुई है। टीबी के मरीजों को जो आशा वर्कर दवाईयां खिलाती हैं उसका भुगतान भी नहीं किया गया है जोकि गलत है। जन्नी सुरक्षा योजना के उपभोक्ता को भी यह पेमेंट नहीं मिली है जब उनको को दूर की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंबाला जिला को-ऑर्डिनेटर वर्करों पर दबाव बनाते हुए उनसे काम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर डॉक्टरों और नर्सों से सिविल अस्पताल में प्रताड़ित होना पड़ता है, उन्हें कहा जाता है कि यहां आशा वर्करों की क्या जरूरत है, उन्हें बाहर तक खड़ा कर दिया जाता है। इतना ही नहीं कंडोम के पैकेटों पर आशा लिखा जाना यह भी उनके लिए अपमानजनक है। आशा वर्करों पर काम का बोझ लाद दिया जाता है। जो कार्य उनके नहीं होते वह भी उनसे करवाए जाते हैं। मीटिंग में आशा वर्कर की जिला प्रधान अंजू, सचिव प्रेम लता व अन्य ने कहा कि 21 जुलाई को अंबाला जिले की सभी आशा वर्कर इंदिरा पार्क में सुबह 10 बजे इकट्ठा होंगी और विरोध की रूपरेखा तय की जाएगी।
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फैमिली प्लांनिंग के केस कराने पर उन्हें जो पेमेंट मिलती है वह दो सालों से रुकी हुई है। टीबी के मरीजों को जो आशा वर्कर दवाईयां खिलाती हैं उसका भुगतान भी नहीं किया गया है जोकि गलत है। जन्नी सुरक्षा योजना के उपभोक्ता को भी यह पेमेंट नहीं मिली है जब उनको को दूर की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंबाला जिला को-ऑर्डिनेटर वर्करों पर दबाव बनाते हुए उनसे काम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर डॉक्टरों और नर्सों से सिविल अस्पताल में प्रताड़ित होना पड़ता है, उन्हें कहा जाता है कि यहां आशा वर्करों की क्या जरूरत है, उन्हें बाहर तक खड़ा कर दिया जाता है। इतना ही नहीं कंडोम के पैकेटों पर आशा लिखा जाना यह भी उनके लिए अपमानजनक है। आशा वर्करों पर काम का बोझ लाद दिया जाता है। जो कार्य उनके नहीं होते वह भी उनसे करवाए जाते हैं। मीटिंग में आशा वर्कर की जिला प्रधान अंजू, सचिव प्रेम लता व अन्य ने कहा कि 21 जुलाई को अंबाला जिले की सभी आशा वर्कर इंदिरा पार्क में सुबह 10 बजे इकट्ठा होंगी और विरोध की रूपरेखा तय की जाएगी।
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