{"_id":"69dff630b37764a58c0780aa","slug":"600-foot-shop-slab-collapses-during-construction-five-laborers-injured-after-being-trapped-ambala-news-c-36-1-sknl1017-161654-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: निर्माण के दौरान गिरा दुकान का 600 फीट का लेंटर, पांच मजदूर दबने पर घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: निर्माण के दौरान गिरा दुकान का 600 फीट का लेंटर, पांच मजदूर दबने पर घायल
विज्ञापन
साहा। साहा-शहजादपुर रोड स्थित संदीप वेल्डिंग वर्कशॉप के पास एक निर्माणाधीन दुकान में लिंटर डालते समय दोपहर 4 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। लिंटर के नीचे लगा रखी एक बल्ली अचानक खिसकने के कारण गार्डर, सरिये व लेंटर भरभराकर नीचे गिर गया। इतने में मजदूर संभल पाते कि छह दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त मौके पर करीब 8 से 10 मजदूर व मिस्त्री काम कर रहे थे। घायलों में हेमा माजरा गांव निवासी रवि (26), राजाराम (24) व विपिन कुमार (26) को उपचार के लिए कैंट के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जबकि दो अन्य मजदूरों को मुलाना एमएम अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
चीख-पुकार के बीच निकाला गया बाहर, गार्डर के नीचे दबा मजदूर मांगता रहा मदद
हादसे में बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों व स्थानीय दुकानदारों ने मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। तीन मजदूर तो 15 से 20 मिनट तक मलबे के नीचे दबे रहे व मदद मांगते रहे। भारी भरकम गार्डर व सरिये, ईंटे आदि मलबा उठाने के बाद उन्हें निकाला गया।
एंबुलेंस की मदद से तीन को कैंट के नागरिक अस्पताल तो दो को मुलाना के एमएम अस्पताल में दाखिल करवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर मलबे से निकालने में थोड़ी भी देरी होती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। ठेकेदार रामचरण ने बताया कि करीब 7 से 8 मजदूरों के साथ शहजादपुर रोड पर लेंटर डालने का काम करवा रहा था। लेंटर का काम लगभग खत्म होने वाला था कि ढांचा गिर गया।
विज्ञापन
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों में ठेकेदार के प्रति रोष है। फिलहाल पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और जांच जारी है कि यह हादसा शटरिंग कमजोर होने की वजह से हुआ या किसी अन्य तकनीकी लापरवाही के कारण।
विज्ञापन
चीख-पुकार के बीच निकाला गया बाहर, गार्डर के नीचे दबा मजदूर मांगता रहा मदद
हादसे में बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों व स्थानीय दुकानदारों ने मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। तीन मजदूर तो 15 से 20 मिनट तक मलबे के नीचे दबे रहे व मदद मांगते रहे। भारी भरकम गार्डर व सरिये, ईंटे आदि मलबा उठाने के बाद उन्हें निकाला गया।
विज्ञापन
एंबुलेंस की मदद से तीन को कैंट के नागरिक अस्पताल तो दो को मुलाना के एमएम अस्पताल में दाखिल करवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर मलबे से निकालने में थोड़ी भी देरी होती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। ठेकेदार रामचरण ने बताया कि करीब 7 से 8 मजदूरों के साथ शहजादपुर रोड पर लेंटर डालने का काम करवा रहा था। लेंटर का काम लगभग खत्म होने वाला था कि ढांचा गिर गया।
विज्ञापन
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों में ठेकेदार के प्रति रोष है। फिलहाल पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और जांच जारी है कि यह हादसा शटरिंग कमजोर होने की वजह से हुआ या किसी अन्य तकनीकी लापरवाही के कारण।