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नर्सिंग स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर जताया रोष
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:28 AM IST
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नर्सिंग स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
स्वास्थ्य विभाग का नर्सिंग स्टाफ दो दिनों की सांकेतिक हड़ताल पर चला गया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि यदि उनकी मांगें न मानीं गईं तो वह आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगी। नर्सिंग सिस्टर, स्टाफ नर्स और मैटरनल स्टाफ में तैनात कर्मचारी इन दिनों सरकार से काफी नाराज हैं। स्टाफ ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए हैं। नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की प्रदेश महासचिव निशा ने नर्सिंग स्टाफ की दिक्कतों के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार कई साल से कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रही। नर्सिंग स्टाफ चाहती हैं कि उन्हें केंद्र के समान वेतन और पेबैंड, ट्रांसफर और प्रमोशन पॉलिसी में राहत दे। हायर एजुकेशन के लिए स्टडी लीव के तहत छुट्टियां नहीं मिल रही हैं। सीनियर स्टाफ की प्रमोशन की भी कोई सही पॉलिसी नहीं है। छठे पे कमीशन से ऐसा ही भेदभाव चल रहा है जिसके बारे में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश की लगभग चार हजार नर्सिंग सिस्टर और नर्सिंग स्टाफ काले बिल्ले लगाकर हड़ताल पर है। हालांकि यह हड़ताल के बावजूद काम पर डटीं हैं और आम दिनों की तरह ही मरीजों की देखभाल की जा रही है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाएं आम दिनों की तरह ही बिना किसी बाधा के चलती रहीं। कैंट सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. सतीश ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ ने प्रशासन को अपनी मांगों और हड़ताल के बारे में अवगत करवाया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
स्वास्थ्य विभाग का नर्सिंग स्टाफ दो दिनों की सांकेतिक हड़ताल पर चला गया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि यदि उनकी मांगें न मानीं गईं तो वह आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगी। नर्सिंग सिस्टर, स्टाफ नर्स और मैटरनल स्टाफ में तैनात कर्मचारी इन दिनों सरकार से काफी नाराज हैं। स्टाफ ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए हैं। नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की प्रदेश महासचिव निशा ने नर्सिंग स्टाफ की दिक्कतों के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार कई साल से कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रही। नर्सिंग स्टाफ चाहती हैं कि उन्हें केंद्र के समान वेतन और पेबैंड, ट्रांसफर और प्रमोशन पॉलिसी में राहत दे। हायर एजुकेशन के लिए स्टडी लीव के तहत छुट्टियां नहीं मिल रही हैं। सीनियर स्टाफ की प्रमोशन की भी कोई सही पॉलिसी नहीं है। छठे पे कमीशन से ऐसा ही भेदभाव चल रहा है जिसके बारे में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश की लगभग चार हजार नर्सिंग सिस्टर और नर्सिंग स्टाफ काले बिल्ले लगाकर हड़ताल पर है। हालांकि यह हड़ताल के बावजूद काम पर डटीं हैं और आम दिनों की तरह ही मरीजों की देखभाल की जा रही है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाएं आम दिनों की तरह ही बिना किसी बाधा के चलती रहीं। कैंट सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. सतीश ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ ने प्रशासन को अपनी मांगों और हड़ताल के बारे में अवगत करवाया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं है।