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जुए में हारे रुपये चुकाने को रची लूट की साजिश
अंबाला
Updated Tue, 29 Oct 2013 12:00 AM IST
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अंबाला पुलिस कमिश्नर राजवीर सिंह देसवाल ने सोमवार को शहर के सेखों पेट्रोल पंप के पास बीते शुक्रवार को 45 लाख रुपये लूट का मामला पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है।
पुलिस का कहना है लूट की साजिश खुद शिकायतकर्ता जितेंद्र पटेल ने शहर के एक सराफा कारोबारी अमन जैन के साथ मिलकर जुए में हारे रुपये चुकाने के लिए रची थी। पुलिस ने लूटे गए 45 लाख रुपये में से 38.53 लाख रुपये बरामद भी कर लिए हैं। शिकायतकर्ता और सराफा कारोबारी दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह था मामला
अहमदाबाद का रहने वाला जितेंद्र पटेल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उसकी आंखों में मिर्च झोंक कर 45 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के बाद पुलिस की एक विशेष टीम इस लूट की जांच कर रही थी।
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ऐसे खुला फर्जी लूट का राज
वारदात के बाद प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी शक हुआ। पुलिस ने अगले दिन दोबारा वारदात स्थल पर पहुंची।
जांच में पुलिस ने पाया कि वहां मिर्च पाउडर बिखरा नहीं पड़ा था बल्कि जमीन पर गिरने के कुछेक स्पॉट थे। पुलिस की थ्योरी यह कह रही थी कि यदि मिर्च पाउडर आंखों में झोंका गया होगा तो पाउडर सड़क पर फैलकर गिरना चाहिए था। इसके अलावा पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता के कपड़ों पर कट के निशान तो हैं, मगर शरीर पर नहीं। केवल हाथ पर कट का निशान है, वह भी गहरे नहीं है।
पुलिस को शक था कि यह निशान खुद चाकू से बनाए गए हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके पास 45 लाख रुपये थे, जो 87 बंडलों में थे और एक्टिवा की डिग्गी में रखे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने नोटनुमा रदी के बंडल तैयार कर डिग्गी में रखा।
लेकिन डिक्की 77 बंडल ही आए। इसके बाद पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। पुलिस ने पीड़ित के घर पर छापामारी कर तलाशी ली और वहां से पुलिस को 24.53 लाख रुपये बरामद हुए, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ की।
शुरू में तो वह गुमराह करता रहा लेकिन सख्ती दिखाने पर सब कुछ उगल दिया। पीड़ित ने बताया कि वह सराफा कारोबारी के साथ ऑनलाइन सोना-चांदी का सट्टा खेलता था, इसमें उसने अमन जैन से 25 लाख रुपये लिए थे, जो हार गया।
हारने के बाद अमन जैन पीड़ित जितेंद्र पटेल पर 25 लाख रुपये लौटाने का दबाव बना रहा था। इसी के चलते दोनों ने उस राशि को लूटने की योजना बनाई, जो राशि जितेेंद्र पटेल अंबाला के सराफ और कपड़ा और कास्मेटिक कारोबारियों से इकट्ठा करता था।
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पुलिस का कहना है लूट की साजिश खुद शिकायतकर्ता जितेंद्र पटेल ने शहर के एक सराफा कारोबारी अमन जैन के साथ मिलकर जुए में हारे रुपये चुकाने के लिए रची थी। पुलिस ने लूटे गए 45 लाख रुपये में से 38.53 लाख रुपये बरामद भी कर लिए हैं। शिकायतकर्ता और सराफा कारोबारी दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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यह था मामला
अहमदाबाद का रहने वाला जितेंद्र पटेल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उसकी आंखों में मिर्च झोंक कर 45 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के बाद पुलिस की एक विशेष टीम इस लूट की जांच कर रही थी।
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ऐसे खुला फर्जी लूट का राज
वारदात के बाद प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी शक हुआ। पुलिस ने अगले दिन दोबारा वारदात स्थल पर पहुंची।
जांच में पुलिस ने पाया कि वहां मिर्च पाउडर बिखरा नहीं पड़ा था बल्कि जमीन पर गिरने के कुछेक स्पॉट थे। पुलिस की थ्योरी यह कह रही थी कि यदि मिर्च पाउडर आंखों में झोंका गया होगा तो पाउडर सड़क पर फैलकर गिरना चाहिए था। इसके अलावा पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता के कपड़ों पर कट के निशान तो हैं, मगर शरीर पर नहीं। केवल हाथ पर कट का निशान है, वह भी गहरे नहीं है।
पुलिस को शक था कि यह निशान खुद चाकू से बनाए गए हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके पास 45 लाख रुपये थे, जो 87 बंडलों में थे और एक्टिवा की डिग्गी में रखे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने नोटनुमा रदी के बंडल तैयार कर डिग्गी में रखा।
लेकिन डिक्की 77 बंडल ही आए। इसके बाद पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। पुलिस ने पीड़ित के घर पर छापामारी कर तलाशी ली और वहां से पुलिस को 24.53 लाख रुपये बरामद हुए, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ की।
शुरू में तो वह गुमराह करता रहा लेकिन सख्ती दिखाने पर सब कुछ उगल दिया। पीड़ित ने बताया कि वह सराफा कारोबारी के साथ ऑनलाइन सोना-चांदी का सट्टा खेलता था, इसमें उसने अमन जैन से 25 लाख रुपये लिए थे, जो हार गया।
हारने के बाद अमन जैन पीड़ित जितेंद्र पटेल पर 25 लाख रुपये लौटाने का दबाव बना रहा था। इसी के चलते दोनों ने उस राशि को लूटने की योजना बनाई, जो राशि जितेेंद्र पटेल अंबाला के सराफ और कपड़ा और कास्मेटिक कारोबारियों से इकट्ठा करता था।