{"_id":"5ade3f984f1c1b54098b6247","slug":"41524514712-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- नगापालिका नारायणगढ़ के अध्यक्ष पद खाली होने का मामला -","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- नगापालिका नारायणगढ़ के अध्यक्ष पद खाली होने का मामला -
Updated Tue, 24 Apr 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट का आदेश, छह हफ्ते में कराएं नपा अध्यक्ष का चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़ (अंबाला)।
लगभग पांच महीने से अध्यक्ष के बिना चल रही नारायणगढ़ नगरपालिका को जल्द नया अध्यक्ष मिल सकता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पार्षदों की याचिका का निपटारा करते हुए छह सप्ताह के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की कथित लेटलतीफी के चलते नपा के 10 पार्षदों ने कोर्ट की शरण ली थी।
ज्ञात रहे कि नपा अध्यक्ष का पद गत साल 17 नवंबर से रिक्त है। निर्वाचित पार्षदों में से 10 पार्षदों के बार-बार आग्रह के बावजूद भी जब प्रशासन ने हाउस की कोई विशेष या साधारण मीटिंग भी नहीं बुलाई तो पार्षदों ने हाईकोर्ट की शरण लेते हुए 16 मार्च को याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं के वकील सुखविंद्र नारा ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार को अब छह सप्ताह से पहले नपा अध्यक्ष का चुनाव करवाना होगा। नवंबर 2017 के बाद पार्षदों के अनुरोध के बावजूद प्रशासन ने मार्च मध्य तक कोई कदम नहीं उठाया था। इसके बाद 10 पार्षद वीना चानना, सुधा शर्मा, मनिका अग्रवाल, रति राम, श्रवण कुमार, जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राखी देवी, सुरेश धीमान, नीलम वालिया ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद हरकत में आते हुए पहले तो नपा प्रशासन ने 27 मार्च को हाउस की बैठक बुला कर बजट, नक्शे व अन्य विकास संबंधी कार्य बारे प्रस्ताव पारित कर दिए थे। उसके बाद जिला प्रशासन ने इस पद के चुनाव के लिए पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दी थी लेकिन चुनाव की कोई तिथि नियत नहीं की थी। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब प्रशासन को डेढ़ महीने के अंदर-अंदर नपा अध्यक्ष का चुनाव करवाना होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़ (अंबाला)।
लगभग पांच महीने से अध्यक्ष के बिना चल रही नारायणगढ़ नगरपालिका को जल्द नया अध्यक्ष मिल सकता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पार्षदों की याचिका का निपटारा करते हुए छह सप्ताह के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की कथित लेटलतीफी के चलते नपा के 10 पार्षदों ने कोर्ट की शरण ली थी।
ज्ञात रहे कि नपा अध्यक्ष का पद गत साल 17 नवंबर से रिक्त है। निर्वाचित पार्षदों में से 10 पार्षदों के बार-बार आग्रह के बावजूद भी जब प्रशासन ने हाउस की कोई विशेष या साधारण मीटिंग भी नहीं बुलाई तो पार्षदों ने हाईकोर्ट की शरण लेते हुए 16 मार्च को याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं के वकील सुखविंद्र नारा ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार को अब छह सप्ताह से पहले नपा अध्यक्ष का चुनाव करवाना होगा। नवंबर 2017 के बाद पार्षदों के अनुरोध के बावजूद प्रशासन ने मार्च मध्य तक कोई कदम नहीं उठाया था। इसके बाद 10 पार्षद वीना चानना, सुधा शर्मा, मनिका अग्रवाल, रति राम, श्रवण कुमार, जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राखी देवी, सुरेश धीमान, नीलम वालिया ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद हरकत में आते हुए पहले तो नपा प्रशासन ने 27 मार्च को हाउस की बैठक बुला कर बजट, नक्शे व अन्य विकास संबंधी कार्य बारे प्रस्ताव पारित कर दिए थे। उसके बाद जिला प्रशासन ने इस पद के चुनाव के लिए पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दी थी लेकिन चुनाव की कोई तिथि नियत नहीं की थी। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब प्रशासन को डेढ़ महीने के अंदर-अंदर नपा अध्यक्ष का चुनाव करवाना होगा।
विज्ञापन