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- 11 अगस्त को असंतुष्टों ने डीसी अंबाला को भेजा था अविश्वास प्रस्ताव
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:06 AM IST
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दो तिहाई बहुमत से नारायणगढ़ नगरपालिका चेयरपर्सन की कुर्सी गई
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़।
नारायणगढ़ नगर पालिका की अध्यक्ष जगदीप कौर के खिलाफ लगभग तीन महीने पहले उपायुक्त को दिया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को आखिरकार पास हो ही गया। एसडीएम बराड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्वाचित सदन के दो तिहाई सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। 10 सदस्यों द्वारा प्रस्ताव के पक्ष में हाथ खड़े करके किए गए मतदान के बाद ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। वहीं एसडीएम ने प्रस्ताव पास होने के बाद बैठक में उपस्थित पार्षदों को लिखित कार्रवाई पढ़ कर सुनाई। नगर पालिका कार्यालय में सुबह से ही महिला पुलिसकर्मियों सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा लेकिन माहौल शांतिपूर्वक रहा। उधर, चेयरपर्सन गुट के पांच पार्षद बैठक से दूर ही रहे।
11 अगस्त को 11 सदस्यों ने कौर के खिलाफ खोला था मोर्चा
बता दें कि नपा की चेयरपर्सन जगदीप कौर के खिलाफ 11 निर्वाचित सदस्यों ने 11 अगस्त को डीसी अंबाला को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था और इस प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख निश्चित की गई थी। इस तारीख से पूर्व ही चेयरमैन गुट ने असंतुष्ट गुट के दो पार्षदों को अपने पक्ष में कर लिया था, लेकिन 29 सितंबर से पूर्व ही असंतुष्ट गुट ने चेयरमैन गुट के एक पार्षद को अपने खेेमे में वापस ले लिया, जिससे असंतुष्ट गुट की संख्या फिर 10 हो गई थी जोकि अंतिम समय तक एकजुट रहे। लेकिन उस दिन एसडीएम के छुट्टी पर चले जाने के कारण बैठक स्थगित हो गई थी और दोबारा एसडीएम ने 17 नवंबर को बैठक बुलाई थी।
बैठक में पार्षद रहे मौजूद
शुक्रवार को बुलाई गई बैठक के शुरू होने से पहले ही वार्ड एक से पार्षद वीना चानना, 2 से सुधा शर्मा, 3 से मनिका अग्रवाल (वाइस चेयरपर्सन), 4 से रति राम, 5 से श्रवण कुमार, 6 से प्रवीण कुमार, 7 से जयप्रकाश, 9 से राखी देवी, 13 से सुरेश धीमान और 14 से नीलम वालिया बैठक स्थल पर पहुंच गए। हालांकि बैठक के लिए 11 बजे का समय निश्चित किया गया था परंतु बैठक साढ़े 12 बजे शुरू हुई। मौजूद सभी 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हाथ उठा कर अपना मत व्यक्त किया। एसडीएम गिरीश अरोड़ा ने इस प्रस्ताव के पास होने की घोषणा की। इस प्रकार करीब सवा साल पहले (4 अगस्त 2016 को) चेयरपर्सन के पद पर आसीन हुई जगदीप कौर को पद से हटा दिया गया।
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एसडीएम गए छुट्टी पर
एसडीएम मोनिका गुप्ता के छुट्टी पर जाने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि शायद राजनीतिक दबाव के कारण बैठक इस बार भी न हो। शायद मंत्री के दबाव में कुछ पार्षद टूट ही न जाये लेकिन यह सभी कयास प्रस्ताव पास होते ही धरे रह गए। मई 2016 में नपा के चुनाव में चुनकर आए 15 पार्षदों में से मात्र मनिका अग्रवाल ही पूर्व में भाजपा से जुड़ी हुई थीं। शेष सभी पार्षद कांग्रेस इनेलो व बसपा से जुड़े थे। परंतु बाद में पार्षद प्रवीण नामदेव, जयप्रकाश, रति राम, श्रवण कुमार, राखी देवी आदि ने भाजपा में आस्था जताई थी। इन पार्षदों का कहना है कि उनका विरोध पार्टी और मंत्री के खिलाफ नहीं था और न है। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पास होने के अंतिम समय तक चेयरमैन गुट द्वारा असंतुष्ट गुट के पार्षदों में से किसी एक-दो पार्षदों को अपने खेमे में करने का प्रयास जारी रहा जोकि अंतिम समय तक कामयाब नहीं हो सका।
साल 2000 से लगातार हर प्लान में आ रहा अविश्वास प्रस्ताव
स्थानीय नगरपालिका में अध्यक्ष बदलने की परंपरा तीसरे प्लान में भी जारी रही। जगदीप कौर इस नगरपालिका की ऐसी तीसरी अध्यक्ष है, जिन्हें इस बदलाव का शिकार होना पड़ा। इससे पहले 2000 से 2005 की पारी में शुगन लाल को बदल कर कमलेश को चेयरपर्सन बनाया गया था। साल 2005 से 2010 के कार्यकाल में संजीव वर्मा को बदल कर अमित वालिया को चेयरमैन बनाया गया व अब जगदीप कौर को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से बदला गया है। अब इनकी जगह कौन बनेगा फिलहाल यह साफ नहीं है।
अमित अग्रवाल को छह साल के लिए पार्टी से निकाला
वहीं वाइस चेयरपर्सन मनिका अग्रवाल के पति को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसको लेकर भाजपा नारायणगढ़ मंडल की बैठक मंडल अध्यक्ष नवीन शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जबकि राज्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने एक मत से पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अमित अग्रवाल को छह साल के निष्कासित किया है। बैठक में राज्यमंत्री एवं विधायक नायब सैनी, जिला महामंत्री राजेश बतौरा, राकेश बिंदल, ओम प्रकाश चानना, मास्टर रामनिरंजन मौजूद रहे। उधर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राज सिंह ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिला सचिव अमित अग्रवाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सचिव पद से हटाते हुए छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़।
नारायणगढ़ नगर पालिका की अध्यक्ष जगदीप कौर के खिलाफ लगभग तीन महीने पहले उपायुक्त को दिया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को आखिरकार पास हो ही गया। एसडीएम बराड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्वाचित सदन के दो तिहाई सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। 10 सदस्यों द्वारा प्रस्ताव के पक्ष में हाथ खड़े करके किए गए मतदान के बाद ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। वहीं एसडीएम ने प्रस्ताव पास होने के बाद बैठक में उपस्थित पार्षदों को लिखित कार्रवाई पढ़ कर सुनाई। नगर पालिका कार्यालय में सुबह से ही महिला पुलिसकर्मियों सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा लेकिन माहौल शांतिपूर्वक रहा। उधर, चेयरपर्सन गुट के पांच पार्षद बैठक से दूर ही रहे।
11 अगस्त को 11 सदस्यों ने कौर के खिलाफ खोला था मोर्चा
बता दें कि नपा की चेयरपर्सन जगदीप कौर के खिलाफ 11 निर्वाचित सदस्यों ने 11 अगस्त को डीसी अंबाला को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था और इस प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख निश्चित की गई थी। इस तारीख से पूर्व ही चेयरमैन गुट ने असंतुष्ट गुट के दो पार्षदों को अपने पक्ष में कर लिया था, लेकिन 29 सितंबर से पूर्व ही असंतुष्ट गुट ने चेयरमैन गुट के एक पार्षद को अपने खेेमे में वापस ले लिया, जिससे असंतुष्ट गुट की संख्या फिर 10 हो गई थी जोकि अंतिम समय तक एकजुट रहे। लेकिन उस दिन एसडीएम के छुट्टी पर चले जाने के कारण बैठक स्थगित हो गई थी और दोबारा एसडीएम ने 17 नवंबर को बैठक बुलाई थी।
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बैठक में पार्षद रहे मौजूद
शुक्रवार को बुलाई गई बैठक के शुरू होने से पहले ही वार्ड एक से पार्षद वीना चानना, 2 से सुधा शर्मा, 3 से मनिका अग्रवाल (वाइस चेयरपर्सन), 4 से रति राम, 5 से श्रवण कुमार, 6 से प्रवीण कुमार, 7 से जयप्रकाश, 9 से राखी देवी, 13 से सुरेश धीमान और 14 से नीलम वालिया बैठक स्थल पर पहुंच गए। हालांकि बैठक के लिए 11 बजे का समय निश्चित किया गया था परंतु बैठक साढ़े 12 बजे शुरू हुई। मौजूद सभी 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हाथ उठा कर अपना मत व्यक्त किया। एसडीएम गिरीश अरोड़ा ने इस प्रस्ताव के पास होने की घोषणा की। इस प्रकार करीब सवा साल पहले (4 अगस्त 2016 को) चेयरपर्सन के पद पर आसीन हुई जगदीप कौर को पद से हटा दिया गया।
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एसडीएम गए छुट्टी पर
एसडीएम मोनिका गुप्ता के छुट्टी पर जाने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि शायद राजनीतिक दबाव के कारण बैठक इस बार भी न हो। शायद मंत्री के दबाव में कुछ पार्षद टूट ही न जाये लेकिन यह सभी कयास प्रस्ताव पास होते ही धरे रह गए। मई 2016 में नपा के चुनाव में चुनकर आए 15 पार्षदों में से मात्र मनिका अग्रवाल ही पूर्व में भाजपा से जुड़ी हुई थीं। शेष सभी पार्षद कांग्रेस इनेलो व बसपा से जुड़े थे। परंतु बाद में पार्षद प्रवीण नामदेव, जयप्रकाश, रति राम, श्रवण कुमार, राखी देवी आदि ने भाजपा में आस्था जताई थी। इन पार्षदों का कहना है कि उनका विरोध पार्टी और मंत्री के खिलाफ नहीं था और न है। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पास होने के अंतिम समय तक चेयरमैन गुट द्वारा असंतुष्ट गुट के पार्षदों में से किसी एक-दो पार्षदों को अपने खेमे में करने का प्रयास जारी रहा जोकि अंतिम समय तक कामयाब नहीं हो सका।
साल 2000 से लगातार हर प्लान में आ रहा अविश्वास प्रस्ताव
स्थानीय नगरपालिका में अध्यक्ष बदलने की परंपरा तीसरे प्लान में भी जारी रही। जगदीप कौर इस नगरपालिका की ऐसी तीसरी अध्यक्ष है, जिन्हें इस बदलाव का शिकार होना पड़ा। इससे पहले 2000 से 2005 की पारी में शुगन लाल को बदल कर कमलेश को चेयरपर्सन बनाया गया था। साल 2005 से 2010 के कार्यकाल में संजीव वर्मा को बदल कर अमित वालिया को चेयरमैन बनाया गया व अब जगदीप कौर को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से बदला गया है। अब इनकी जगह कौन बनेगा फिलहाल यह साफ नहीं है।
अमित अग्रवाल को छह साल के लिए पार्टी से निकाला
वहीं वाइस चेयरपर्सन मनिका अग्रवाल के पति को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसको लेकर भाजपा नारायणगढ़ मंडल की बैठक मंडल अध्यक्ष नवीन शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जबकि राज्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने एक मत से पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अमित अग्रवाल को छह साल के निष्कासित किया है। बैठक में राज्यमंत्री एवं विधायक नायब सैनी, जिला महामंत्री राजेश बतौरा, राकेश बिंदल, ओम प्रकाश चानना, मास्टर रामनिरंजन मौजूद रहे। उधर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राज सिंह ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिला सचिव अमित अग्रवाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सचिव पद से हटाते हुए छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है।