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Ambala News: कपड़ा और साइंस उद्योग को 350 करोड़ का नुकसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:49 AM IST
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350 crore loss to textile and science industry
अंबाला। अघोषित बाढ़ जहां एक तरफ जान तीन दिन तक आफत में डाले रखी तो अंबाला के कारोबार को भी 350 करोड़ रुपये का झटका लगा है। इसमें कपड़ा उद्योग को 50 करोड़ रुपये से अधिक तो साइंस उद्योग को 300 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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तीन दिन से अंबाला छावनी के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित लगभग 106 प्लांटों में पानी भरा है। इसमें दर्जनों ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिसमें आठ से नौ फीट तक पानी है। मशीनें पूरी तरह से डूब चुकी हैं, यहां तक कि कंप्यूटर, गाड़ियां और स्टॉक में रखा करोड़ों का माल बर्बाद हो गया। उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की है कि उनसे टैक्स लिए जाते हैं। अब उन्हें मुआवजा दिया जाए।
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संकट में 20 हजार लाेगों की नौकरी

उद्योग संचालकों का कहना है कि अंबाला में साइंस उद्योग में संचालित होने वाली यूनिटों में करीब 20 हजार श्रमिक और कर्मचारी काम करते हैं। अब जलभराव से उद्योगों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार अगर मुआवजा देकर राहत नहीं देती है तो 20 हजार कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है।
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व्यापारियों के छूट रहे पसीने
अंबाला शहर में स्थित एशिया की सबसे बड़ी कपड़ा मार्केट में भी तीन दिनों से बारिश का पानी दुकानों में भरा है। मंगलवार को पानी का स्तर कुछ कम हुआ तो दुकानदारों में दुकान में जाकर देखा। यहां पर काफी सामान बारिश के गंदे पानी के कारण खराब हो गया है। कुछ दुकानदारों ने कोशिश कर नीचे रखे अपने माल को ऊंचे स्थान पर पहुंचाने की कोशिश जरूर की।

सरकार मुआवजा देकर दे राहत

अंबाला साइंस एक्यूपमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) के उपप्रधान सौरभ नागपाल बताते हैं कि इस बार जैसा हाल कभी भी इंडस्ट्रियल एरिया में देखने को नहीं मिला। अभी कई यूनिटों में तो 10-10 फीट तक पानी है। हमारी मशीनें डूब चुकी हैं और भारी नुकसान हुआ है। करोड़ों की इंडस्ट्री बैठ गई है। यह अच्छी बात है कि लोगों की जान बचाई जा रही है, मगर पानी निकासी के लिए तेजी से काम करना चाहिए। हमें टैक्स में छूट मिले या सरकार मुआवजा दे तब ही कुछ राहत मिल सकती है।


उद्योगों पर संकट बरकरार

असीमा में हेल्प डेस्क प्रभारी और उद्योगपति रजत जैन ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियों में 6 फीट तो कई में 10 फीट तक पानी भरा है। भारी नुकसान हुआ है, हम पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं। इन लोगों ने लोन लेकर काम किया वह तो अब इस कुदरत की मार से उभरेंगे भी या नहीं यह समय बताएगा। मगर सरकार को कुछ तो उद्योगों को राहत देनी चाहिए हमारी यही आशा है।
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