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निजी स्कूलों में किताबों व ड्रेस पर लूट का अभिभावकों ने किया विरोध
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निजी स्कूलों में किताबें और ड्रेस बेचने का अभिभावकों ने किया विरोध, एसडीएम को दी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। निजी स्कूलों में कॉपी-किताब और ड्रेस के नाम पर कमीशनखोरी के चलते मची लूट का अभिभावकों ने विरोध किया है। बीडी फ्लोर के पीछे स्थित लिटिल एंजल्स स्कूल के करीब 30 बच्चों के अभिभावक शुक्रवार को समाजसेवी ओंकार सिंह की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम विवेक चौधरी को शिकायत दी। इसके बाद एसडीएम ने मौके पर ही स्कूल प्रिंसिपल से बात की और शिकायत पत्र को मार्क कर बीईओ कार्यालय में देने के लिए कहा। उन्होंने एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद कार्यवाहक बीईओ को उन्होंने शिकायत दी। उधर, प्रिंसिपल ने अपने टीचर से हुई गलती को माना और कहा कि अभिभावकों से बात कर मामले का समाधान किया जाएगा।
एडमिशन के नाम पर जिले के कई स्कूलों में मनमानी फीस के अलावा परिसर या बाहर दुकानदारों से सेटिंग कर किताबें और ड्रेस भी बेची जा रही हैं। शुक्रवार दोपहर को लिटिल एंजल्स स्कूल के बच्चों के अभिभावक समाजसेवी ओंकार सिंह की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय में इकट्ठा हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं, फिर भी अधिक एडमिशन फीस मांगी जा रही है। वहीं परिसर में ही किताबें व ड्रेस दिए जा रहे हैं। एसडीएम विवेक चौधरी के कार्यालय पहुंचने पर अभिभावकों ने उन्हें शिकायत दी। लोगों की शिकायत सुनने के बाद उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल राज कोहली से बात की और मामले में समाधान करने को कहा। यही नहीं उन्होंने शिकायत पत्र को मार्क कर बीईओ को देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में मामले का समाधान हो जाएगा।
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स्कूलों की मनमानी रोके सरकार : ओंकार सिंह
समाजसेवी ओंकार सिंह ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल प्रबंधन निजी प्रशासकों की किताबें, कापियां, बैग व पेन पेंसिलें जबरदस्ती दे रहा है। साथ ही दाखिला फीस जो सरकारी नियमानुसार पहली, छठी, नौवीं व 11वीं कक्षा में ली जा सकती है, वो हर वर्ष ली जा रही है। शिक्षा जो सेवा का माध्यम होना चाहिए, व्यवसाय बन चुकी है। बच्चों के स्कूलों में दाखिलों का समय है, हर घर में बच्चे हैं, प्रत्येक अभिभावक परेशान हैं और सरकार व प्रशासन आंखें मूंदे हुए हैं। इस अवसर पर तुषार कौशिक, जगजीत सिंह, सिन्नी सेठी, तरणप्रीत सिंह, अमजद खान, संतोष गुप्ता, सुनील गुप्ता, अजय जैन, ऋतु, ममता, सरोज, संजू, राम रत्न, रिंकू, नीलम, मनीषा, आरती पासी, लक्ष्मी देवी, मनोरमा, शालू, सोनिया, सतनाम सिंह, दमनप्रीत सिंह व अन्य मौजूद थे।
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ये बोले अभिभावक
बीडी फ्लोर मिल निवासी लक्ष्मी देवी ने बताया कि उनकी दो पोती पलक व योगिता लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ती हैं। इसके बावजूद उनके बच्चों से एडमिशन फीस मांगी जा रही है। यही नहीं स्कूल में किताबें भी खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीडी फ्लोर मिल निवासी साक्षी ने कहा कि उनका बेटी इवा भी लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ती है। स्कूल संचालक जबरदस्ती स्कूल में ही किताबें बेच रहे हैं। कि एडमिशन फीस व किताबों की लूट के मामले में उचित कार्रवाई करे, ताकि बच्चों को न्याय मिल सके।
बीडी फ्लोर मिल निवासी महिला संजू ने बताया कि उनका बेटा शगुन पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनकी स्कूल में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल परिसर में किताबें दी जा रही हैं। हिम्मत करके हम लोगों ने आवाज उठाई है। प्रशासन से मांग है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करे। वहीं मनोरमा ने कहा कि उनके बच्चे भी लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ते हैं। मनमानी फीस मांगी जा रही है।
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इस मामले की जानकारी एसडीएम ने खुद फोन पर दी है। जिस टीचर ने ऐसा किया, उसने खुद शर्मिंदगी महसूस की है। अभिभावकों से बातकर इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
- राज कोहली, प्रिंसिपल, लिटिल एंजल स्कूल
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एसडीएम द्वारा मार्क की गई शिकायत मुझे मिली है। मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
- ओमप्रकाश, कार्यवाहक बीईओ
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लोगों की शिकायत सुनने के बाद मैंने खुद प्रिंसिपल से बात की है। साथ ही पत्र को मार्क कर अभिभावकों को बीईओ को देने के लिए कहा है, ताकि जल्द व उचित कार्रवाई हो सके।
- विवेक चौधरी, एसडीएम, अंबाला कैंट
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। निजी स्कूलों में कॉपी-किताब और ड्रेस के नाम पर कमीशनखोरी के चलते मची लूट का अभिभावकों ने विरोध किया है। बीडी फ्लोर के पीछे स्थित लिटिल एंजल्स स्कूल के करीब 30 बच्चों के अभिभावक शुक्रवार को समाजसेवी ओंकार सिंह की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम विवेक चौधरी को शिकायत दी। इसके बाद एसडीएम ने मौके पर ही स्कूल प्रिंसिपल से बात की और शिकायत पत्र को मार्क कर बीईओ कार्यालय में देने के लिए कहा। उन्होंने एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद कार्यवाहक बीईओ को उन्होंने शिकायत दी। उधर, प्रिंसिपल ने अपने टीचर से हुई गलती को माना और कहा कि अभिभावकों से बात कर मामले का समाधान किया जाएगा।
एडमिशन के नाम पर जिले के कई स्कूलों में मनमानी फीस के अलावा परिसर या बाहर दुकानदारों से सेटिंग कर किताबें और ड्रेस भी बेची जा रही हैं। शुक्रवार दोपहर को लिटिल एंजल्स स्कूल के बच्चों के अभिभावक समाजसेवी ओंकार सिंह की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय में इकट्ठा हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं, फिर भी अधिक एडमिशन फीस मांगी जा रही है। वहीं परिसर में ही किताबें व ड्रेस दिए जा रहे हैं। एसडीएम विवेक चौधरी के कार्यालय पहुंचने पर अभिभावकों ने उन्हें शिकायत दी। लोगों की शिकायत सुनने के बाद उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल राज कोहली से बात की और मामले में समाधान करने को कहा। यही नहीं उन्होंने शिकायत पत्र को मार्क कर बीईओ को देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में मामले का समाधान हो जाएगा।
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स्कूलों की मनमानी रोके सरकार : ओंकार सिंह
समाजसेवी ओंकार सिंह ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल प्रबंधन निजी प्रशासकों की किताबें, कापियां, बैग व पेन पेंसिलें जबरदस्ती दे रहा है। साथ ही दाखिला फीस जो सरकारी नियमानुसार पहली, छठी, नौवीं व 11वीं कक्षा में ली जा सकती है, वो हर वर्ष ली जा रही है। शिक्षा जो सेवा का माध्यम होना चाहिए, व्यवसाय बन चुकी है। बच्चों के स्कूलों में दाखिलों का समय है, हर घर में बच्चे हैं, प्रत्येक अभिभावक परेशान हैं और सरकार व प्रशासन आंखें मूंदे हुए हैं। इस अवसर पर तुषार कौशिक, जगजीत सिंह, सिन्नी सेठी, तरणप्रीत सिंह, अमजद खान, संतोष गुप्ता, सुनील गुप्ता, अजय जैन, ऋतु, ममता, सरोज, संजू, राम रत्न, रिंकू, नीलम, मनीषा, आरती पासी, लक्ष्मी देवी, मनोरमा, शालू, सोनिया, सतनाम सिंह, दमनप्रीत सिंह व अन्य मौजूद थे।
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ये बोले अभिभावक
बीडी फ्लोर मिल निवासी लक्ष्मी देवी ने बताया कि उनकी दो पोती पलक व योगिता लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ती हैं। इसके बावजूद उनके बच्चों से एडमिशन फीस मांगी जा रही है। यही नहीं स्कूल में किताबें भी खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीडी फ्लोर मिल निवासी साक्षी ने कहा कि उनका बेटी इवा भी लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ती है। स्कूल संचालक जबरदस्ती स्कूल में ही किताबें बेच रहे हैं। कि एडमिशन फीस व किताबों की लूट के मामले में उचित कार्रवाई करे, ताकि बच्चों को न्याय मिल सके।
बीडी फ्लोर मिल निवासी महिला संजू ने बताया कि उनका बेटा शगुन पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनकी स्कूल में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल परिसर में किताबें दी जा रही हैं। हिम्मत करके हम लोगों ने आवाज उठाई है। प्रशासन से मांग है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करे। वहीं मनोरमा ने कहा कि उनके बच्चे भी लिटिल एंजल स्कूल में पढ़ते हैं। मनमानी फीस मांगी जा रही है।
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इस मामले की जानकारी एसडीएम ने खुद फोन पर दी है। जिस टीचर ने ऐसा किया, उसने खुद शर्मिंदगी महसूस की है। अभिभावकों से बातकर इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
- राज कोहली, प्रिंसिपल, लिटिल एंजल स्कूल
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एसडीएम द्वारा मार्क की गई शिकायत मुझे मिली है। मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
- ओमप्रकाश, कार्यवाहक बीईओ
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लोगों की शिकायत सुनने के बाद मैंने खुद प्रिंसिपल से बात की है। साथ ही पत्र को मार्क कर अभिभावकों को बीईओ को देने के लिए कहा है, ताकि जल्द व उचित कार्रवाई हो सके।
- विवेक चौधरी, एसडीएम, अंबाला कैंट