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एक वर्ष बाद सिंचाई विभाग सुधारेगा गलती, जल्द हटेगा रजिस्ट्री से प्रतिबंध
Updated Tue, 11 Sep 2018 01:24 AM IST
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एक वर्ष बाद सिंचाई विभाग सुधारेगा गलती, हटेगा रजिस्ट्री से प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। टांगरी नदी के बाहरी सीमा में बसी कॉलोनियों के निवासियों को जल्द राहत मिलेगी। सिंचाई विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व की गई गलती को अब सुधारा जाएगा। विभाग ने टांगरी नदी तल में अवैध निर्माण को रोकने के लिए केनाल एंड ड्रेनेट एक्ट 1974 का हवाला देते हुए कई क्षेत्रों की जमीन को अवैध घोषित कर दिया था। इस अधिसूचना में कई विकसित कॉलोनियों जिनमें टांगरी पार खोजकीपुर (प्रभु प्रेम पुरम) सहित अन्य के खसरे नंबर भी शामिल हो गए थे जिस कारण यहां रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध लग गया था। मगर अब विभाग द्वारा अपनी इस गलती को सुधारा जा रहा है। जिन कालोनियों के खसरा नंबर पूर्व की अधिसूचना में जारी हो गए थे अब उन्हें निकाला जाएगा। विभाग आगामी दिनों में अधिसूचना जारी कर इन खसरा नंबरों को डी-नोटिफाई करने की तैयारी में है। मुख्यालय से इसकी मंजूरी भी मिल गई है और आगामी दिनों में इसकी अधिसूचना पुन: जारी हो सकती है।
यह खसरा नंबर अब होंगे वैध
विभाग द्वारा पूर्व में जिन खसरा नंबरों को अवैध घोषित किया गया था उन्हें अब डी-नोटिफाई करके वैध किया जाएगा। इनमें रामपुर क्षेत्र के 11 नंबर एरिया में खसरा नंबर 9, 12, 19, 20, 21, 22 व 17 नंबर में खसरा नंबर एक व दो। इसी तरह सरसेहड़ी में 46/1 शामिल हैं। इसके अलावा खोजकीपुर में 8 नंबर एरिया में 10, 11, 20 और 21। नौ नंबर एरिया में 1, 10, 11, 20/2। इसी तरह 10 नंबर एरिया में 7, 8, 9, 12 से 19, 22 से 25/1 और 26 शामिल हैं। 15 नंबर एरिया का 2 से 4, 8 से 11 और 27 से 36 खसरा नंबर शामिल है। 22 नंबर का तीन मिन, 4 मिन, 5, 6 मिन, 7 मिन, 11 से 16 शामिल हैं। 23 नंबर एरिया का 4 से 15, 29 से 38 नंबर खसरा और 50 से 58 खसरा नंबर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य खसरे नंबर भी हैं।
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इसलिए निकाली थी अधिसूचना
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा टांगरी नदी के तल पर बन रही अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना जारी कर नदी के अंदरूनी क्षेत्र को अवैध घोषित किया गया था ताकि यहां कोई निर्माण न हो सके। इसकी जानकारी तहसील में भी दी गई थी ताकि यहां रजिस्ट्री पंजीकृत न हो सके।
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मंत्री के हस्तक्षेप के बाद सुधारी गलती
मंत्री अनिल विज तक लोगों ने मामले को लेकर शिकायत दी थी जिसके बाद मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को पुन: अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए थे। विभाग द्वारा अब ग्राउंड में सर्वे पूरा कर मुख्यालय जानकारी भेजी गई है और मुख्यालय से भी इसकी मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही नई अधिसूचना जारी होगी जिससे हजारों निवासी इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीद या इसे बेच सकेंगे। बीते एक वर्ष से प्रतिबंध होने के कारण केवल इकरारनामे पर ही जमीन की खरीद-फिरोख्त हो रही थी।
कोट्स
रामपुर, सरसेहड़ी व खोजकीपुर के कई खसरा नंबर जल्द ही डी-नोटिफाई होंगे। मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिल चुकी है और आगामी दिनों में अधिसूचना जारी हो सकती है।
-विकास धीमान, एसडीओ, सिंचाई एवं संसाधन विभाग, अंबाला कैंट।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। टांगरी नदी के बाहरी सीमा में बसी कॉलोनियों के निवासियों को जल्द राहत मिलेगी। सिंचाई विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व की गई गलती को अब सुधारा जाएगा। विभाग ने टांगरी नदी तल में अवैध निर्माण को रोकने के लिए केनाल एंड ड्रेनेट एक्ट 1974 का हवाला देते हुए कई क्षेत्रों की जमीन को अवैध घोषित कर दिया था। इस अधिसूचना में कई विकसित कॉलोनियों जिनमें टांगरी पार खोजकीपुर (प्रभु प्रेम पुरम) सहित अन्य के खसरे नंबर भी शामिल हो गए थे जिस कारण यहां रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध लग गया था। मगर अब विभाग द्वारा अपनी इस गलती को सुधारा जा रहा है। जिन कालोनियों के खसरा नंबर पूर्व की अधिसूचना में जारी हो गए थे अब उन्हें निकाला जाएगा। विभाग आगामी दिनों में अधिसूचना जारी कर इन खसरा नंबरों को डी-नोटिफाई करने की तैयारी में है। मुख्यालय से इसकी मंजूरी भी मिल गई है और आगामी दिनों में इसकी अधिसूचना पुन: जारी हो सकती है।
यह खसरा नंबर अब होंगे वैध
विभाग द्वारा पूर्व में जिन खसरा नंबरों को अवैध घोषित किया गया था उन्हें अब डी-नोटिफाई करके वैध किया जाएगा। इनमें रामपुर क्षेत्र के 11 नंबर एरिया में खसरा नंबर 9, 12, 19, 20, 21, 22 व 17 नंबर में खसरा नंबर एक व दो। इसी तरह सरसेहड़ी में 46/1 शामिल हैं। इसके अलावा खोजकीपुर में 8 नंबर एरिया में 10, 11, 20 और 21। नौ नंबर एरिया में 1, 10, 11, 20/2। इसी तरह 10 नंबर एरिया में 7, 8, 9, 12 से 19, 22 से 25/1 और 26 शामिल हैं। 15 नंबर एरिया का 2 से 4, 8 से 11 और 27 से 36 खसरा नंबर शामिल है। 22 नंबर का तीन मिन, 4 मिन, 5, 6 मिन, 7 मिन, 11 से 16 शामिल हैं। 23 नंबर एरिया का 4 से 15, 29 से 38 नंबर खसरा और 50 से 58 खसरा नंबर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य खसरे नंबर भी हैं।
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इसलिए निकाली थी अधिसूचना
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा टांगरी नदी के तल पर बन रही अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना जारी कर नदी के अंदरूनी क्षेत्र को अवैध घोषित किया गया था ताकि यहां कोई निर्माण न हो सके। इसकी जानकारी तहसील में भी दी गई थी ताकि यहां रजिस्ट्री पंजीकृत न हो सके।
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मंत्री के हस्तक्षेप के बाद सुधारी गलती
मंत्री अनिल विज तक लोगों ने मामले को लेकर शिकायत दी थी जिसके बाद मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को पुन: अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए थे। विभाग द्वारा अब ग्राउंड में सर्वे पूरा कर मुख्यालय जानकारी भेजी गई है और मुख्यालय से भी इसकी मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही नई अधिसूचना जारी होगी जिससे हजारों निवासी इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीद या इसे बेच सकेंगे। बीते एक वर्ष से प्रतिबंध होने के कारण केवल इकरारनामे पर ही जमीन की खरीद-फिरोख्त हो रही थी।
कोट्स
रामपुर, सरसेहड़ी व खोजकीपुर के कई खसरा नंबर जल्द ही डी-नोटिफाई होंगे। मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिल चुकी है और आगामी दिनों में अधिसूचना जारी हो सकती है।
-विकास धीमान, एसडीओ, सिंचाई एवं संसाधन विभाग, अंबाला कैंट।