{"_id":"5b60be754f1c1be94b8b7cdd","slug":"31533066869-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित पक्ष का लघुसचिवालय पर प्रदर्शन, पुलिस पर उठाये सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित पक्ष का लघुसचिवालय पर प्रदर्शन, पुलिस पर उठाये सवाल
Updated Wed, 01 Aug 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। उपमंडल के गांव बड़ागांव के सरपंच पति व शिक्षक सैशन जज के हत्याकांड में वारदात के लगभग बीस दिन बाद भी पुलिस अभी तक नामजद सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि सीआईए पंचकूला ने सोमवार को इस हत्याकांड के मुख्य आरोप कुलदीप राणा को गिरफ्तार कर अदालत से उसका पांच दिन का रिमांड ले लिया था, परंतु मृतक के परिजन नामजद सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर काफी गुस्से में हैं। पुलिस की ढीली कार्यशैली के चलते मंगलवार को मृतक सैशन जज के परिजनों के साथ-साथ महा ब्राह्मण सभा के अनेक लोगों ने लघु सचिवालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार, पुलिस प्रशासन व राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
मंगलवार को मृतक के भाई विजय कुमार, माता कांता देवी, पत्नी सरपंच रेखा रानी सहित परिजन, ग्रामीण व हरियाणा के अन्य हिस्सों से आए ब्राह्मण समाज के लोग मिनी सचिवालय नारायणगढ़ के बाहर पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से मुरथल से प्रदीप, समालखा से कृष्ण, आनंद, पानीपत से महावीर, परशुराम पानीपत, करनाल से जोगिंद्र, सुरेंद्र, शौंकी, जंडली से संजीव, दूबलधन से नवीन, राजेश आदि उपस्थित रहे। उन्होंने सैशन जज हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र करने की मांग की। डीएसपी अमित भाटिया मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस राज्यमंत्री नायब सैनी के दबाव में काम कर रही है और जिन आरोपियों के नाम इस हत्याकांड में दिए गए हैं उनको गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। जिन 12 आरोपियों के नाम दिए गए थे। उनमें से किसी भी आरोपी का नाम केस से नहीं निकलना चाहिए।
डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि मुख्यारोपी कुलदीप राणा गिरफ्तार हो चुका है। उसे 3 अगस्त को पूछताछ के लिए नारायणगढ़ लाया जाएगा। इस केस में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि 5 अगस्त तक प्रशासन द्वारा सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेश के महाब्राह्मण समाज के लोग एकत्रित होकर नगर में धरना व प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतरेंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नारायणगढ़। उपमंडल के गांव बड़ागांव के सरपंच पति व शिक्षक सैशन जज के हत्याकांड में वारदात के लगभग बीस दिन बाद भी पुलिस अभी तक नामजद सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि सीआईए पंचकूला ने सोमवार को इस हत्याकांड के मुख्य आरोप कुलदीप राणा को गिरफ्तार कर अदालत से उसका पांच दिन का रिमांड ले लिया था, परंतु मृतक के परिजन नामजद सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर काफी गुस्से में हैं। पुलिस की ढीली कार्यशैली के चलते मंगलवार को मृतक सैशन जज के परिजनों के साथ-साथ महा ब्राह्मण सभा के अनेक लोगों ने लघु सचिवालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार, पुलिस प्रशासन व राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
मंगलवार को मृतक के भाई विजय कुमार, माता कांता देवी, पत्नी सरपंच रेखा रानी सहित परिजन, ग्रामीण व हरियाणा के अन्य हिस्सों से आए ब्राह्मण समाज के लोग मिनी सचिवालय नारायणगढ़ के बाहर पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से मुरथल से प्रदीप, समालखा से कृष्ण, आनंद, पानीपत से महावीर, परशुराम पानीपत, करनाल से जोगिंद्र, सुरेंद्र, शौंकी, जंडली से संजीव, दूबलधन से नवीन, राजेश आदि उपस्थित रहे। उन्होंने सैशन जज हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र करने की मांग की। डीएसपी अमित भाटिया मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस राज्यमंत्री नायब सैनी के दबाव में काम कर रही है और जिन आरोपियों के नाम इस हत्याकांड में दिए गए हैं उनको गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। जिन 12 आरोपियों के नाम दिए गए थे। उनमें से किसी भी आरोपी का नाम केस से नहीं निकलना चाहिए।
विज्ञापन
डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि मुख्यारोपी कुलदीप राणा गिरफ्तार हो चुका है। उसे 3 अगस्त को पूछताछ के लिए नारायणगढ़ लाया जाएगा। इस केस में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि 5 अगस्त तक प्रशासन द्वारा सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेश के महाब्राह्मण समाज के लोग एकत्रित होकर नगर में धरना व प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतरेंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
विज्ञापन