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ट्रेन की सुविधा से महरूम 12 गांव के 30 हजार लोग
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सड़क मार्ग से कटे 12 गांव के लगभग 30 हजार लोग ट्रेन की सुविधा के लिए तरस रहे हैं। उन्हें ट्रेन में सफर किए हुए दो साल से अधिक का समय हो गया है। इसमें दिहाड़ीदार मजदूर, प्राइवेट कर्मचारी, रेलवे कर्मचारी व विद्यार्थी शामिल हैं। यह परेशानी मंडल के अधीन आने वाले केसरी व दुखेड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव न होने की वजह से है।
इस रेल मार्ग से चलने वाली सात ट्रेनों में से सिर्फ एक ट्रेन का ही ठहराव उक्त रेलवे स्टेशनों पर है। वो भी दोपहर के समय, जब सभी अपने-अपने काम में व्यस्त होते हैं। ट्रेनों के ठहराव को लेकर निवर्तमान सरपंचों व पंचों सहित स्थानीय लोगों की तरफ से एक पत्र रेल प्रबंधक को भेजा गया है, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके और वे भी रेल सेवा का फायदा उठा सकें।
दैनिक यात्रियों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनदायिनी कही जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई हैं। जो चल रही हैं, उनका ठहराव भी विशेष स्टेशनों पर कर दिया गया है। रेल प्रबंधक को भेजे गए पत्र में ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों ने अपनी परेशानियों की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2020 में कोरोना की वजह से ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था। हालात सुधरने पर धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन आरंभ किया गया। मौजूदा समय में अधिकांश ट्रेन चल रही हैं। मगर, दैनिक यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली पैसेंजर ट्रेन अभी भी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई हैं।
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एक लाख से अधिक दैनिक यात्री करते थे सफर
गांव केसरी की आबादी 5500 के करीब है। इसी प्रकार बीहटा की छह हजार, हल्दरी की 2500, नगलाजटां की 1500, घसीटपुर की 1500, शेरगढ़ की 400, धुराला की 2500, हरड़ा की 1800, हरड़ी 400, संभालखा एक हजार, सबगा 2100 व पसियाला की आबादी 5500 के करीब है, जोकि कुल मिलाकर 30 हजार 700 है। इसी प्रकार अंबाला-सहारनपुर सेक्शन पर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी एक लाख से अधिक थी, जोकि पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से मासिक सीजन टिकट पर सफर करते थे।
ट्रेन नंबर 4501/2 का मिले ठहराव
मौजूदा समय में अंबाला छावनी से सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बीच चलने वाली अनारक्षित ट्रेन नंबर 04532 का ठहराव ही दुखेड़ी, केसरी, तंदवाल, बराड़ा, मुस्तफाबाद व दराजपुर रेलवे स्टेशनों पर है। मगर, यह ट्रेन छावनी रेलवे स्टेशन से दोपहर को 12.40 बजे रवाना होती है। इस कारण इस ट्रेन का फायदा न तो दैनिक यात्री उठा पा रहे हैं, न छात्र और न ही ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री। उनकी मांग है कि सहारनपुर-ऊना हिमाचल-सहारनपुर के बीच चलने वाली अनारक्षित ट्रेन नंबर 04501/02 का ठहराव केसरी, दुखेड़ी सहित अन्य उपरोक्त स्टेशनों पर दिया जाए। यह ट्रेन सुबह और शाम के समय चलती है। इसलिए इसमें अधिकांश यात्री सफर कर पाएंगे और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
भेजा है प्रपोजल
ट्रेनों के केसरी और दुखेड़ी रेलवे स्टेशनों पर ठहराव को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिनिधियों की तरफ से पत्र मिला है। इस संबंध में प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा गया है, जो भी आगामी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके आधार पर प्रक्रिया बनाई जाएगी।
- गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल
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इस रेल मार्ग से चलने वाली सात ट्रेनों में से सिर्फ एक ट्रेन का ही ठहराव उक्त रेलवे स्टेशनों पर है। वो भी दोपहर के समय, जब सभी अपने-अपने काम में व्यस्त होते हैं। ट्रेनों के ठहराव को लेकर निवर्तमान सरपंचों व पंचों सहित स्थानीय लोगों की तरफ से एक पत्र रेल प्रबंधक को भेजा गया है, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके और वे भी रेल सेवा का फायदा उठा सकें।
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दैनिक यात्रियों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनदायिनी कही जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई हैं। जो चल रही हैं, उनका ठहराव भी विशेष स्टेशनों पर कर दिया गया है। रेल प्रबंधक को भेजे गए पत्र में ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों ने अपनी परेशानियों की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2020 में कोरोना की वजह से ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था। हालात सुधरने पर धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन आरंभ किया गया। मौजूदा समय में अधिकांश ट्रेन चल रही हैं। मगर, दैनिक यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली पैसेंजर ट्रेन अभी भी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई हैं।
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एक लाख से अधिक दैनिक यात्री करते थे सफर
गांव केसरी की आबादी 5500 के करीब है। इसी प्रकार बीहटा की छह हजार, हल्दरी की 2500, नगलाजटां की 1500, घसीटपुर की 1500, शेरगढ़ की 400, धुराला की 2500, हरड़ा की 1800, हरड़ी 400, संभालखा एक हजार, सबगा 2100 व पसियाला की आबादी 5500 के करीब है, जोकि कुल मिलाकर 30 हजार 700 है। इसी प्रकार अंबाला-सहारनपुर सेक्शन पर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी एक लाख से अधिक थी, जोकि पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से मासिक सीजन टिकट पर सफर करते थे।
ट्रेन नंबर 4501/2 का मिले ठहराव
मौजूदा समय में अंबाला छावनी से सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बीच चलने वाली अनारक्षित ट्रेन नंबर 04532 का ठहराव ही दुखेड़ी, केसरी, तंदवाल, बराड़ा, मुस्तफाबाद व दराजपुर रेलवे स्टेशनों पर है। मगर, यह ट्रेन छावनी रेलवे स्टेशन से दोपहर को 12.40 बजे रवाना होती है। इस कारण इस ट्रेन का फायदा न तो दैनिक यात्री उठा पा रहे हैं, न छात्र और न ही ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री। उनकी मांग है कि सहारनपुर-ऊना हिमाचल-सहारनपुर के बीच चलने वाली अनारक्षित ट्रेन नंबर 04501/02 का ठहराव केसरी, दुखेड़ी सहित अन्य उपरोक्त स्टेशनों पर दिया जाए। यह ट्रेन सुबह और शाम के समय चलती है। इसलिए इसमें अधिकांश यात्री सफर कर पाएंगे और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
भेजा है प्रपोजल
ट्रेनों के केसरी और दुखेड़ी रेलवे स्टेशनों पर ठहराव को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिनिधियों की तरफ से पत्र मिला है। इस संबंध में प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा गया है, जो भी आगामी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके आधार पर प्रक्रिया बनाई जाएगी।
- गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल