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272 को प्लॉट किए आवंटित, सुविधाएं सिफर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:52 PM IST
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सिटी में एक कंपनी ने 272 लोगों को प्लॉट आवंटित करने के साथ रुपये तो ले लिए, लेकिन अभी तक इस रिहायशी इलाके में लोगों को सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई हैं। इसी को लेकर डीसी ने इस संबंध में इस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसपी अभिषेक जोरवाल को निर्देश दिए हैं।
डीटीपी रामकुमार का कहना है कि नियमानुसार इस कंपनी के लाइसेंस की वैधता वर्ष 2011 से 2015 तक थी। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कंपनी को ही ग्राम एवं नगर आयोजना विभाग निदेशालय में आवेदन करना था।
यह है मामला
प्लॉटधारकों ने सीएम विंडो पर शिकायत डाली की थी कि कंपनी ने अंबाला शहर में गुरुद्वारा मंजी साहिब के नजदीक 64.40 एकड़ क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने के लिए ग्राम एवं नगर आयोजन विभाग से वर्ष 2011 में लाइसेंस प्राप्त किया था। इसके तहत कॉलोनाइजर को ऐसी कॉलोनी में प्लॉटधारकों के लिए सड़क, सीवेज, बिजली के खंभे पार्क सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद शहरी विकास प्राधिकरण की तर्ज पर कॉलोनी विकसित करने के अधिकार दिए जाते हैं। कंपनी ने 272 लोगों को प्लॉट आवंटित करके उनसे राशि जमा करवा ली लेकिन अभी तक वहां पर सड़क, सीवेज सहित कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है जबकि यह सभी सुविधाएं वर्ष 2013 तक उपलब्ध होनी चाहिए थी।
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सीएम विंडो पर डाली थी शिकायत
ग्राम एवं नगर आयोजन विभाग की ओर से ऐसे मामलों के निपटारे के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति का प्रावधान किया गया है। उसी के तहत उपायुक्त ने सीएम विंडो की इस शिकायत के लिए कंपनी प्रतिनिधि तरुण मल्होत्रा और प्लॉटधारकों राजेश लूथरा, अशोक कुमार सहित अन्य शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।
जिला नगर योजनाकार को भी निर्देश दिए हैं कि बैठक की कार्रवाई की रिपोर्ट आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अपने विभाग के निदेशक को भेजने के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी दें ताकि इकॉनोमिक सेल के माध्यम से भी कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
- प्रभजोत सिंह, डीसी अंबाला
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डीटीपी रामकुमार का कहना है कि नियमानुसार इस कंपनी के लाइसेंस की वैधता वर्ष 2011 से 2015 तक थी। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कंपनी को ही ग्राम एवं नगर आयोजना विभाग निदेशालय में आवेदन करना था।
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यह है मामला
प्लॉटधारकों ने सीएम विंडो पर शिकायत डाली की थी कि कंपनी ने अंबाला शहर में गुरुद्वारा मंजी साहिब के नजदीक 64.40 एकड़ क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने के लिए ग्राम एवं नगर आयोजन विभाग से वर्ष 2011 में लाइसेंस प्राप्त किया था। इसके तहत कॉलोनाइजर को ऐसी कॉलोनी में प्लॉटधारकों के लिए सड़क, सीवेज, बिजली के खंभे पार्क सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद शहरी विकास प्राधिकरण की तर्ज पर कॉलोनी विकसित करने के अधिकार दिए जाते हैं। कंपनी ने 272 लोगों को प्लॉट आवंटित करके उनसे राशि जमा करवा ली लेकिन अभी तक वहां पर सड़क, सीवेज सहित कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है जबकि यह सभी सुविधाएं वर्ष 2013 तक उपलब्ध होनी चाहिए थी।
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सीएम विंडो पर डाली थी शिकायत
ग्राम एवं नगर आयोजन विभाग की ओर से ऐसे मामलों के निपटारे के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति का प्रावधान किया गया है। उसी के तहत उपायुक्त ने सीएम विंडो की इस शिकायत के लिए कंपनी प्रतिनिधि तरुण मल्होत्रा और प्लॉटधारकों राजेश लूथरा, अशोक कुमार सहित अन्य शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।
जिला नगर योजनाकार को भी निर्देश दिए हैं कि बैठक की कार्रवाई की रिपोर्ट आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अपने विभाग के निदेशक को भेजने के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी दें ताकि इकॉनोमिक सेल के माध्यम से भी कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
- प्रभजोत सिंह, डीसी अंबाला