{"_id":"5c86bc11bdec221450544ae7","slug":"201552333841-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता का उल्लंघन होने पर आम नागरिक वीडियो या फोटो कर सकते हैं अपलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता का उल्लंघन होने पर आम नागरिक वीडियो या फोटो कर सकते हैं अपलोड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर अब आम आदमी की भी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अपने कार्यालय में सी-विजिल एप से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए जनता की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल एप सी-विजिल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिये कोई भी नागरिक निर्वाचन नियमों के उल्लंघन की शिकायत कर सकता है। इस एप की खास बात यह है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्राधिकारी को 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इससे पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस एप का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा चुका है।
डीसी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सी-विजिल एप के बारे में इससे जुड़े अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और कहा कि किसी भी सूरत में आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इन पर फर्जी सूचना और गलत जानकारी का चुनाव के दौरान अभियान चलता है। इसे रोकने में आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मदद की पहल की है। वहीं मीडिया में पेड न्यूज एवं फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर मीडिया निगरानी समितियों की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने बैठक में कहा कि सी-विजिल एप पर जो भी शिकायत डाली जाएगी उसकी लाइव फोटो होनी चाहिए तभी यह शिकायत अपलोड हो सकेगी। इसके बाद यह शिकायत संबंधित जांचकर्ता के पास पहुंचेगी और जांचकर्ता अपने रिमार्क के साथ अपने संबंधित एआरओ के पास भिजवाएंगे। उन्होंने कहा कि सी-विजिल के तहत सभी एप अलग-अलग होंगे यानी नागरिक का अलग और चुनाव के दौरान लगाए गए कर्मचारियों व अधिकारियों का अलग एप होगा। इस सी-विजिल एप पर आने वाली शिकायतों का समाधान समय अवधि में हो सकेगा। वहीं इस एप की खासियत यह है कि इसमें शिकायत गोपनीय रखी जायेगी।
---
प्रत्याशियों को देना होगा पांच साल का ब्योर
चुनाव में प्रत्याशियों को अपनी और परिवार की आय और संपत्ति का पांच साल का ब्योरा भी देना होगा। उन्होंने बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से एप से जुड़ी किसी भी समस्या का मौके पर समाधान किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा, अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम कमलप्रीत कौर, एसडीएम बराड़ा भारत भूषण कौशिक, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, चुनाव तहसीलदार आंचल गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
---
पांच मिनट के अंदर फोटो करनी होगी अपलोड
सी-विजिल के बारे में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि फोटो लेने उपरांत संबंधित नागरिक को 5 मिनट के अंदर इस एप पर फोटो अपलोड करनी होगी और संबंधित अधिकारी को 100 मिनट के अंदर इसका जवाब देना होगा। यह फोटो गैलरी में नहीं जाएगी। इस एप पर दो मिनट की वीडियो भी अपलोड की जा सकती है। एक समय में फोटो या फिर वीडियो ही अपलोड होगी। नोटिफिकेशन की तिथि के साथ ही इस एप पर अपलोड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अपने कार्यालय में सी-विजिल एप से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए जनता की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल एप सी-विजिल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिये कोई भी नागरिक निर्वाचन नियमों के उल्लंघन की शिकायत कर सकता है। इस एप की खास बात यह है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्राधिकारी को 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इससे पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस एप का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा चुका है।
डीसी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सी-विजिल एप के बारे में इससे जुड़े अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और कहा कि किसी भी सूरत में आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इन पर फर्जी सूचना और गलत जानकारी का चुनाव के दौरान अभियान चलता है। इसे रोकने में आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मदद की पहल की है। वहीं मीडिया में पेड न्यूज एवं फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर मीडिया निगरानी समितियों की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने बैठक में कहा कि सी-विजिल एप पर जो भी शिकायत डाली जाएगी उसकी लाइव फोटो होनी चाहिए तभी यह शिकायत अपलोड हो सकेगी। इसके बाद यह शिकायत संबंधित जांचकर्ता के पास पहुंचेगी और जांचकर्ता अपने रिमार्क के साथ अपने संबंधित एआरओ के पास भिजवाएंगे। उन्होंने कहा कि सी-विजिल के तहत सभी एप अलग-अलग होंगे यानी नागरिक का अलग और चुनाव के दौरान लगाए गए कर्मचारियों व अधिकारियों का अलग एप होगा। इस सी-विजिल एप पर आने वाली शिकायतों का समाधान समय अवधि में हो सकेगा। वहीं इस एप की खासियत यह है कि इसमें शिकायत गोपनीय रखी जायेगी।
विज्ञापन
---
प्रत्याशियों को देना होगा पांच साल का ब्योर
चुनाव में प्रत्याशियों को अपनी और परिवार की आय और संपत्ति का पांच साल का ब्योरा भी देना होगा। उन्होंने बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से एप से जुड़ी किसी भी समस्या का मौके पर समाधान किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा, अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम कमलप्रीत कौर, एसडीएम बराड़ा भारत भूषण कौशिक, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, चुनाव तहसीलदार आंचल गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
---
पांच मिनट के अंदर फोटो करनी होगी अपलोड
सी-विजिल के बारे में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि फोटो लेने उपरांत संबंधित नागरिक को 5 मिनट के अंदर इस एप पर फोटो अपलोड करनी होगी और संबंधित अधिकारी को 100 मिनट के अंदर इसका जवाब देना होगा। यह फोटो गैलरी में नहीं जाएगी। इस एप पर दो मिनट की वीडियो भी अपलोड की जा सकती है। एक समय में फोटो या फिर वीडियो ही अपलोड होगी। नोटिफिकेशन की तिथि के साथ ही इस एप पर अपलोड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।