फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   ानी निकासी के लिए 33 लाख से बना डिस्पोजल बंद

ानी निकासी के लिए 33 लाख से बना डिस्पोजल बंद

Thu, 25 Oct 2018 01:12 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
ानी निकासी के लिए 33 लाख से बना डिस्पोजल बंद
पानी निकासी के लिए 33 लाख से बना डिस्पोजल बंद
विज्ञापन

फोटो नंबर :: 20, 21
38 साल पहले एक एकड़ एक कनाल छह मरले में बना था डिस्पोजल
कर्मचारियों के लिए बने मकान भी हो चुके हैं कंडम
गत दिनों बकनौर गांव में पुराने कुएं में गिरकर हो चुकी चार लोगों की मौत
आशीष भारद्वाज/रमाकांत अत्री
बराड़ा/मुलाना। बकनौर गांव में पुराने पड़े कुएं में चार लोगों के गिरने से हुई मौत के बाद भी प्रशासन नहीं जागा है। विभिन्न गांवों में पुराने कुएं खुले पड़े हैं जबकि अन्य बड़े होल भी हैं जहां बड़े हादसे हो सकते हैं।
कस्बे की अनाज मंडी से पानी निकासी के लिए करीब 38 साल पहले एक एकड़ एक कनाल छह मरले जमीन में 33 लाख रुपये से बना डिस्पोजल चलने से पहले ही बंद हो चुका था। इस भूमि पर अनाज मंडी से लेकर डिस्पोजल तक सीवरेज बने हुए हैं, जिसमें अनाज मंडी का वेस्ट पानी यहां गिर सके, लेकिन यह योजना फेल साबित हुई। वहीं यहां बने पचास फीट चौड़ाई वाले दो कुएं, दो होज व कर्मचारियों के लिए बने आवास कंडम हो गए। इसमें पानी निकासी के लिए मोटरें लगी थी, जिसके लिए बकायदा एक ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है। अब ये कुओं के समान नजर आते हैं। खेतों में होने के कारण ये कुएं कभी भी जान का खतरा बन सकते हैं, क्योंकि ये खुले हुए हैं और इनमें पानी भरा रहता है।
विज्ञापन

समाज सेवी विक्रम सिंह, शेर सिंह व प्रवीण कुमार ने बताया कि अगर यह योजना फेल हो चुकी है तो इसमें मिट्टी डाल कर इसे बंद कर देना चाहिए। जानकारी के अनुसार अनाज मंडी बराड़ा से पानी निकासी के लिए सड़क के दूसरे तरफ जमीन पर डिस्पोजल बनाया गया था। यह जमीन अधोया गांव में पड़ती है। मार्केट कमेटी सचिव दयाल राम ने बताया कि सन 1982 में अनाज मंडी से पानी निकासी के लिए डिस्पोजल तक सीवरेज पाइप लाइन बिछाई गई थी, ताकि अनाज मंडी का गंदा पानी सीवरेज के पाइप से डिस्पोजल में जा सके लेकिन यह योजना बना कर तैयार जरूर कर दी गई, लेकिन इस्तेमाल नहीं हो सका। उचित रखरखाव न होने के कारण यह डिस्पोजल के मेन कुएं वीराने में हैं। लोगों ने बताया कि विचरण करते पशु इसमें गिर सकते हैं। ये कुएं पानी से भरे होने के कारण किसी की जान के लिए खतरा बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अनाज मंडी में पानी निकासी व्यवस्था नहीं है जिस कारण पानी दुकानों के आगे व पीछे जमा रहता है। अनाज मंडी में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खंभों के उपकरण, तार, गेट तक हुए चोरी
डिस्पोजल में लगे खंभों के उपकरण व तार चोरी हो चुके हैं। वहीं मेन गेट भी गायब है। इसकी खबर मार्केट कमेटी अधिकारियों को भी नहीं पता। आज तक किसी भी चोरी की शिकायत थाने में नहीं दी गई।
------------------------
फोटो नंबर :: 18, 19
खुले पड़े हैं गांवों में कुएं, कभी भी हो सकता है हादसा
देवेंद्र शर्मा
शहजादपुर। प्रशासन द्वारा कुएं के ऊपर जाल लगाकर उसे ढकने के आदेश हैं, वहीं फिलहाल कुछ गांव में अभी भी कुएं खुले पड़े हैं। ऐसा ही मामला देखने में आया है शहजादपुर के निकटवर्ती गांव बिलासपुर से जहां प्राचीन कुएं मौजूद हैं, लेकिन उसके ऊपर कोई भी जाल नहीं लगा। गांव के निकटवर्ती होने के चलते कोई भी बच्चा इस घटना का शिकार हो सकता है, लेकिन प्रशासन की अब तक इस ओर कोई नजर नहीं पड़ी।

गौरतलब है कि पहले भी प्रदेश में इन खुले पड़े कुओं की वजह से अनेक जानें जा चुकी हैं जिस कार सरकार ने इन खुले पड़े कुओं व बोरवेल को बंद करने के आदेश जारी किए थे। इस बारे में बीडीपीओ शहजादपुर राजन सिंगला से बात की गई तो उनका कहना था कि क्षेत्र में खुले पड़े कुओं की रिपोर्ट उन्होंने अधिकारियों व सरपंचों से मांगी है। रिपोर्ट उन्हें प्राप्त होने के बाद ही बताया जा सकेगा कि कितने कुएं क्षेत्र में खुले पड़े हैं। जब उनको बताया कि शुगर मिल के निकट गांव बिलासपुर में कुआं जोकि खुला पड़ा है, तो उनका कहना था कि इसे 2 दिन में ही जाल डालकर ढक दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed