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ओलावृष्टि का असर मंडियों में पिछले वर्ष के मुकाबले पांच लाख क्विंटल से कम फसल की खरीद

Fri, 19 Oct 2018 01:05 AM IST
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:05 AM IST
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ओलावृष्टि का असर मंडियों में पिछले वर्ष के मुकाबले पांच लाख क्विंटल से कम फसल की खरीद
मंडियों में पिछले वर्ष के मुकाबले पांच लाख क्विंटल से कम फसल की खरीद
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फोटो नंबर 4 से 6
पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश के खराब हुई थी किसानों की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश से खराब हुई किसानों की फसल का असर मंडियों में दिखाई दे रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा सकता है, अभी तक सिटी मंडी में पिछले वर्ष के मुकाबले पांच लाख क्विंटल से कम धान की फसल की खरीद हुई है। पिछले वर्ष 17 अक्तूबर तक पीआर धान की 2108069 क्विंटल फसल की खरीद हुई थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक कुल 1540942 क्विंटल फसल की खरीद हुई है। यानि 564415 क्विंटल कम फसल की खरीद हुई। अब तक मंडी में कुल 1587295 क्विंटल फसल की आवक हुई है जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले बहुत ही कम है। ऐसी ही जिले की अन्य मंडियों की भी है।
मंडियों के बाहर भी धान रख रहे किसान
मंडियों में स्थान कम होने के कारण किसान अपने धान की फसल को मंडियों के बाहर रिहायशी इलाकों के मैदानों में रख रहे हैं। वहीं पर वह अपनी फसल की सफाई कर रहे हैं एवं खरीद के लिए तैयार कर रहे हैं क्योंकि इससे पूर्व किसानों ने अपनी धान की फसल को गांधी मैदान में रखा हुआ था। जहां दशहरा मनाने के कारण वह वहां से उठ कर रिहायशी इलाकों में स्थित मैदानों में आ गए हैं।
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मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं
मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह पानी भरा हुआ जिस पर मच्छर पनप रहे हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। वहीं पानी भरा होने के कारण आसपास बदबू का आलम भी है और बीमारियों के फैलने का डर भी बना हुआ है।
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चार हजार से अधिक किसानों ने बीमे के लिए भरा फार्म
बारिश व ओलावृष्टि होने से किसानों की बहुत अधिक फसल खराब हो गई जिसको लेकर चार हजार से अधिक किसानों ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत मुआवजा पाने के लिए फार्म भरे और मुआवजे की मांग की ताकि वह आगे गेहूं की फसल को उगा सकें।

एमडी ने किया मंडियों का दौरान
वीरवार को हैफेड के एमडी ब्रिजेंद्र सिंह ने सिटी व कैंट की अनाज मंडियों का दौरा करते हुए वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में धान की लिटिंग, मंडी की व्यवस्थाओं सहित किसानों से बातचीत कर मंडी में दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर एसडीएम अंबाला सिटी मीनाक्षी दहिया, एसडीएम अंबाला कैंट सुभाष चंद्र सिहाग, हैफेड के जिला प्रबंधक वीपी मलिक, डीएफएससी निशांत राठी व अन्य मौजूद रहे। सर्वप्रथम ब्रिजेंद्र सिंह ने अंबाला कैंट में वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान मंडी में अभी तक आई धान की आवक बारे जानकारी ली। मौके पर मंडी में धान की खरीद, किसानों की पेमेंट के बारे में भी जानकारी ली। मार्केट कमेटी चेयरमैन बलविंद्र सिंह शाहपुर व कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सन्नी आनंद ने इस बारे में बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष दुनी चंद दानीपुर ने एमडी से गोदामों की क्षमता को बढ़ाने की मांग की। उधर, डीएफएस निशांत राठी ने बताया कि 17 अक्तूबर तक जिले की सभी अनाज मंडियों में 422683 टन धान की आमद हुई है और यह सारे का सारा धान खरीदा जा चुका है। मुलाना अनाज मंडी में 36144 और साहा अनाज मंडी में 30321 टन धान की आमद हुई है। मार्केट कमेटी अंबाला शहर के चेयरमैन जनकराज शर्मा, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष साहब सिंह मोहड़ी, मंडी के प्रधान मक्खन लाल, आढ़ती रोहित गुप्ता, संजीव गर्ग, नरेश मित्तल, आढ़ती राजमोहन राणा, मार्केट कमेटी सचिव आशा व अन्य मौजूद रहे।
कोट्स
पानी निकासी की समस्या को दूर करने के लिए पंप ठीक हो गए हैं। जल्द समाधान होगा।
-आशा, सचिव मार्केट कमेटी, अंबाला सिटी।
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