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पुलिस की कार्यप्रणाली से भड़के लोग, राज्यमंत्री से भी नोकझोक
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। नमन जोशी हत्या मामले में लगभग 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने से परिजनों व विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सैकड़ों लोगों ने रविवार को राज्यमंत्री नायब सैनी के कार्यालय पर पहुंच पुलिस की कार्यशैली पर रोष व्यक्त किया। आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। इससे पहले लोगों ने स्थानीय विश्वकर्मा मंदिर में बैठक की। रोषित लोगों से मिलने के लिए राज्यमंत्री अपना कार्यक्रम छोड़ मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर 10 दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इस बीच उनकी कुछेक लोगों से थोड़ी नोंकझोंक भी हुई। लोग पुलिस के रवैये से गुस्साए हुए थे।
बता दें कि स्थानीय सेक्टर 4 हुडा निवासी दिनेश जोशी ने 13 फरवरी 2019 को अपने पुत्र नमन जोशी की गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय पुलिस में दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस ने आईपीसी की धारा 346 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। बाद में नमन का शव मिलने व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद नारायणगढ़ थाना में आईपीसी की धारा 364/302/201 के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। इसी मामले में लगभग 40 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक न तो किसी हत्यारोपी को पकड़ सकी है और न ही किसी नतीजे पर पहुंची है। परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद पुलिस कुछ भी बताने को तैयार नहीं। इसी को लेकर परिजनों के आग्रह पर क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों ने रविवार को बैठक कर पुलिस के ढीले रवैये के खिलाफ रोष जताया।
पुलिस नहीं कर रही सहयोग
राज्यमंत्री से मिलने आये मृतक के पिता ने कहा कि इस घटना को हुए 40 दिन बीत चुके है। लेकिन अभी तक पुलिस कुछ नहीं कर पाई, उल्टे पुलिस का व्यवहार व कार्यशैली सांत्वना, सहयोग देने की बजाए प्रताड़ित करने जैसा है। हमें न्याय दिलाने की बजाए पुलिस हमें ही शक की नजर से देख रही है। यही नहीं अभी तक यही मालूम नही हो रहा कि इस केस की विवेचना पुलिस की कौन सी एजेंसी व अधिकारी कर रहा है।
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पांच दिन का दिया अल्टीमेटम
पुलिस उपाधीक्षक राज्यमंत्री के चले जाने के बाद मौके पर पहुंचे। हालांकि बाद में उन्होंने विश्वकर्मा मंदिर में जमा हुए लोगों व परिजनों से बात कर पुलिस की स्थिति स्पष्ट की। लोगों ने पुलिस को 5 दिन का समय देते हुए अल्टीमेटम दिया कि यदि 29 मार्च तक कार्रवाई न हुई तो उस दिन शाम को पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
नारायणगढ़। नमन जोशी हत्या मामले में लगभग 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने से परिजनों व विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सैकड़ों लोगों ने रविवार को राज्यमंत्री नायब सैनी के कार्यालय पर पहुंच पुलिस की कार्यशैली पर रोष व्यक्त किया। आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। इससे पहले लोगों ने स्थानीय विश्वकर्मा मंदिर में बैठक की। रोषित लोगों से मिलने के लिए राज्यमंत्री अपना कार्यक्रम छोड़ मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर 10 दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इस बीच उनकी कुछेक लोगों से थोड़ी नोंकझोंक भी हुई। लोग पुलिस के रवैये से गुस्साए हुए थे।
बता दें कि स्थानीय सेक्टर 4 हुडा निवासी दिनेश जोशी ने 13 फरवरी 2019 को अपने पुत्र नमन जोशी की गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय पुलिस में दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस ने आईपीसी की धारा 346 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। बाद में नमन का शव मिलने व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद नारायणगढ़ थाना में आईपीसी की धारा 364/302/201 के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। इसी मामले में लगभग 40 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक न तो किसी हत्यारोपी को पकड़ सकी है और न ही किसी नतीजे पर पहुंची है। परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद पुलिस कुछ भी बताने को तैयार नहीं। इसी को लेकर परिजनों के आग्रह पर क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों ने रविवार को बैठक कर पुलिस के ढीले रवैये के खिलाफ रोष जताया।
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पुलिस नहीं कर रही सहयोग
राज्यमंत्री से मिलने आये मृतक के पिता ने कहा कि इस घटना को हुए 40 दिन बीत चुके है। लेकिन अभी तक पुलिस कुछ नहीं कर पाई, उल्टे पुलिस का व्यवहार व कार्यशैली सांत्वना, सहयोग देने की बजाए प्रताड़ित करने जैसा है। हमें न्याय दिलाने की बजाए पुलिस हमें ही शक की नजर से देख रही है। यही नहीं अभी तक यही मालूम नही हो रहा कि इस केस की विवेचना पुलिस की कौन सी एजेंसी व अधिकारी कर रहा है।
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पांच दिन का दिया अल्टीमेटम
पुलिस उपाधीक्षक राज्यमंत्री के चले जाने के बाद मौके पर पहुंचे। हालांकि बाद में उन्होंने विश्वकर्मा मंदिर में जमा हुए लोगों व परिजनों से बात कर पुलिस की स्थिति स्पष्ट की। लोगों ने पुलिस को 5 दिन का समय देते हुए अल्टीमेटम दिया कि यदि 29 मार्च तक कार्रवाई न हुई तो उस दिन शाम को पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा।