{"_id":"59a316a74f1c1b1c0b8b4a10","slug":"181503860391-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- ब्लाक स्तर पर इकठ्ठा की गई थी राशि, डेरा की कुर्बानी कमेटियां हो चुकी थी एक्टिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- ब्लाक स्तर पर इकठ्ठा की गई थी राशि, डेरा की कुर्बानी कमेटियां हो चुकी थी एक्टिव
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेज नंबर एक की लीड ....
फोटो नंबर :: 01, 02
- डेरा मुखी प्रकरण -
अंबाला को जलाने की साजिश : दंगों के लिए जमा 38 लाख रुपये समेत तीन काबू
- ब्लाक स्तर पर इकट्ठा की गई थी राशि, डेरा की कुर्बानी कमेटियां हो चुकी थी एक्टिव
- आरोपियों ने कबूला, यह राशि दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होनी थी
- पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को काबू किया, पुलिस रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। डेरा मुखी प्रकरण में अंबाला को जलाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है, वहीं दंगाइयों को बांटने के लिए 38 लाख रुपये की राशि भी बरामद की गई है। यह सारी राशि डेरा सच्चा सौदा की कुर्बानी कमेटियों ने ब्लाक स्तर पर इकट्ठा की थी। इस मामले में तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिनसे यह भारी भरकम राशि बरामद हुई है। यदि यह साजिशकर्ता कामयाब हो जाते, तो अंबाला भी पंचकूला की तरह आगजनी व गुंडागर्दी की चपेट में आ सकता था। पुलिस ने राजद्रोह की धारा 124ए सहित धारा 188 के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू की है।
ऐसे हुआ साजिश का पर्दाफाश
बीते 25 अगस्त को डेरा मुखी मामले में सीबीआई कोर्ट पंचकूला द्वारा फैसला दिया जाना था। इसी को लेकर अंबाला में सुरक्षा बंदोबस्त काफी कड़े थे। इसी दौरान पड़ाव थाना को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति दुखेड़ी मोड़ पर जनता को सरकार के खिलाफ भड़का रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस व्यक्ति को काबू किया। पूछताछ में इसकी पहचान गांव उपलाना निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई। उसके खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू की गई, जबकि उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। यह मामला तुरंत ही सीआईए वन के हवाले कर दिया गया और निर्देश दिए गए इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी काबू किया जाए। इसी पर पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार से पूछताछ की, जिसने बताया कि डेरा अनुयायियों ने लाखों की रुपये की राशि इकट्ठा की गई है। यह राशि जयराम निवासी गांव गोला के घर पर है, जबकि इस मामले में जंडली क्षेत्र का रहने वाला पुनीत भी शामिल है। इसी पर पुलिस ने छापा मारकर जयराम के घर से 38 लाख रुपये की राशि बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह राशि आगजनी, दंगे फसाद करवाने में इस्तेमाल की जानी थी, ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सके। आरोपी पुनीत को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से 30 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इन सभी आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है।
दंगे के लिए कुर्बानी कमेटियों ने इकट्ठा किए लाखों
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि डेरा मुखी मामले में अंबाला को जलाने की साजिश के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके तहत कुर्बानी कमेटियां बनाई गईं थी। इन कमेटियों के जिम्मे अंबाला के हर ब्लाक से डेरा अनुयायियों से राशि इकट्ठा करना था। इन कमेटियों ने जिला भर से 38 लाख रुपये की राशि एकत्रित की थी, जिनका इस्तेमाल दंगों के लिए होना था।
विज्ञापन
वर्जन:::
पुलिस ने तीन लोगों को काबू किया है, जिनकी निशानदेही पर 38 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। यह राशि दंगे फसाद करवाने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए इकट्ठा की गई थी। इन आरोपियों से अभी पूछताछ चल रही है, जबकि डेरा मामले में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला
---------------
फोटो नंबर :: 03, 04
डेरामुखी के खिलाफ अभद्र भाषा का पोस्टर चस्पा किया
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर फाड़े
- अंबाला कैंट की एक कालोनी में लगाए थे पोस्टर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डेरा मुखी मामला अभी शांत नहीं हुआ है, जबकि अंबाला में इसे भड़काने की साजिश की जा रही है। इसी के चलते अंबाला कैंट के पंजाबी बाग क्षेत्र की दो दुकानों पर डेरामुखी के खिलाफ अभद्र भाषा का पोस्टर चस्पा किया गया है। सूचना पाते ही पुलिस हरकत में आ गई, जिस पर पुलिस ने पोस्टर को फाड़ दिए, जबकि इन पोस्टरों के टुकड़े अपने साथ ले गई है। इस घटना के बाद जहां पुलिस क्षेत्र में और सतर्क हो गई है, वहीं आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार अंबाला कैंट के पंजाबी बाग क्षेत्र में उस समय मामला बिगड़ता दिखा, जब किसी ने दो दुकानों पर डेरामुखी गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दो पोस्टर चस्पा कर दिए। इन दोनों पोस्टरों पर जिस तरह से शब्दावली का प्रयोग किया गया, उससे साफ था कि मामले को भड़काने की कोशिश हो सकती है। यह पोस्टर देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामला गंभीर देखते हुए तुरंत ही पुलिस को सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची और एक पोस्टर को फाड़ दिया और इनके टुकड़े अपने साथ ले गई। यह मामला जल्द ही लोगों में फैल गया, जबकि पुलिस भी तैनात कर दी गई है। पुलिस की मानें, तो यह अंबाला में दंगा भड़काने की कोशिश हो सकती है, जबकि इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है। हालांकि यह अभी पता नहीं चल पाया है कि यह शरारत किसकी है, लेकिन पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। जिन दुकानों पर यह पोस्टर लगाए गए हैं, वे डेरा अनुयायी बताए जा रहे हैं, जबकि पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है।
इस बारे में करधान चौकी इंचार्ज अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस ने सूचना पाते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों पोस्टर फाड़ दिए, जबकि इसके टुकड़े अपने साथ ले गई है। जिन दुकानों पर यह पोस्टर लगाए गए हैं, वे डेरा अनुयायियों की बताई जा रही हैं, जबकि इस बारे में पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
फोटो नंबर :: 01, 02
- डेरा मुखी प्रकरण -
अंबाला को जलाने की साजिश : दंगों के लिए जमा 38 लाख रुपये समेत तीन काबू
- ब्लाक स्तर पर इकट्ठा की गई थी राशि, डेरा की कुर्बानी कमेटियां हो चुकी थी एक्टिव
- आरोपियों ने कबूला, यह राशि दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होनी थी
- पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को काबू किया, पुलिस रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। डेरा मुखी प्रकरण में अंबाला को जलाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है, वहीं दंगाइयों को बांटने के लिए 38 लाख रुपये की राशि भी बरामद की गई है। यह सारी राशि डेरा सच्चा सौदा की कुर्बानी कमेटियों ने ब्लाक स्तर पर इकट्ठा की थी। इस मामले में तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिनसे यह भारी भरकम राशि बरामद हुई है। यदि यह साजिशकर्ता कामयाब हो जाते, तो अंबाला भी पंचकूला की तरह आगजनी व गुंडागर्दी की चपेट में आ सकता था। पुलिस ने राजद्रोह की धारा 124ए सहित धारा 188 के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू की है।
ऐसे हुआ साजिश का पर्दाफाश
बीते 25 अगस्त को डेरा मुखी मामले में सीबीआई कोर्ट पंचकूला द्वारा फैसला दिया जाना था। इसी को लेकर अंबाला में सुरक्षा बंदोबस्त काफी कड़े थे। इसी दौरान पड़ाव थाना को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति दुखेड़ी मोड़ पर जनता को सरकार के खिलाफ भड़का रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस व्यक्ति को काबू किया। पूछताछ में इसकी पहचान गांव उपलाना निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई। उसके खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू की गई, जबकि उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। यह मामला तुरंत ही सीआईए वन के हवाले कर दिया गया और निर्देश दिए गए इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी काबू किया जाए। इसी पर पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार से पूछताछ की, जिसने बताया कि डेरा अनुयायियों ने लाखों की रुपये की राशि इकट्ठा की गई है। यह राशि जयराम निवासी गांव गोला के घर पर है, जबकि इस मामले में जंडली क्षेत्र का रहने वाला पुनीत भी शामिल है। इसी पर पुलिस ने छापा मारकर जयराम के घर से 38 लाख रुपये की राशि बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह राशि आगजनी, दंगे फसाद करवाने में इस्तेमाल की जानी थी, ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सके। आरोपी पुनीत को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से 30 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इन सभी आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है।
विज्ञापन
दंगे के लिए कुर्बानी कमेटियों ने इकट्ठा किए लाखों
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि डेरा मुखी मामले में अंबाला को जलाने की साजिश के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके तहत कुर्बानी कमेटियां बनाई गईं थी। इन कमेटियों के जिम्मे अंबाला के हर ब्लाक से डेरा अनुयायियों से राशि इकट्ठा करना था। इन कमेटियों ने जिला भर से 38 लाख रुपये की राशि एकत्रित की थी, जिनका इस्तेमाल दंगों के लिए होना था।
विज्ञापन
वर्जन:::
पुलिस ने तीन लोगों को काबू किया है, जिनकी निशानदेही पर 38 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। यह राशि दंगे फसाद करवाने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए इकट्ठा की गई थी। इन आरोपियों से अभी पूछताछ चल रही है, जबकि डेरा मामले में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला
---------------
फोटो नंबर :: 03, 04
डेरामुखी के खिलाफ अभद्र भाषा का पोस्टर चस्पा किया
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर फाड़े
- अंबाला कैंट की एक कालोनी में लगाए थे पोस्टर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डेरा मुखी मामला अभी शांत नहीं हुआ है, जबकि अंबाला में इसे भड़काने की साजिश की जा रही है। इसी के चलते अंबाला कैंट के पंजाबी बाग क्षेत्र की दो दुकानों पर डेरामुखी के खिलाफ अभद्र भाषा का पोस्टर चस्पा किया गया है। सूचना पाते ही पुलिस हरकत में आ गई, जिस पर पुलिस ने पोस्टर को फाड़ दिए, जबकि इन पोस्टरों के टुकड़े अपने साथ ले गई है। इस घटना के बाद जहां पुलिस क्षेत्र में और सतर्क हो गई है, वहीं आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार अंबाला कैंट के पंजाबी बाग क्षेत्र में उस समय मामला बिगड़ता दिखा, जब किसी ने दो दुकानों पर डेरामुखी गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दो पोस्टर चस्पा कर दिए। इन दोनों पोस्टरों पर जिस तरह से शब्दावली का प्रयोग किया गया, उससे साफ था कि मामले को भड़काने की कोशिश हो सकती है। यह पोस्टर देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामला गंभीर देखते हुए तुरंत ही पुलिस को सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची और एक पोस्टर को फाड़ दिया और इनके टुकड़े अपने साथ ले गई। यह मामला जल्द ही लोगों में फैल गया, जबकि पुलिस भी तैनात कर दी गई है। पुलिस की मानें, तो यह अंबाला में दंगा भड़काने की कोशिश हो सकती है, जबकि इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है। हालांकि यह अभी पता नहीं चल पाया है कि यह शरारत किसकी है, लेकिन पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। जिन दुकानों पर यह पोस्टर लगाए गए हैं, वे डेरा अनुयायी बताए जा रहे हैं, जबकि पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है।
इस बारे में करधान चौकी इंचार्ज अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस ने सूचना पाते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों पोस्टर फाड़ दिए, जबकि इसके टुकड़े अपने साथ ले गई है। जिन दुकानों पर यह पोस्टर लगाए गए हैं, वे डेरा अनुयायियों की बताई जा रही हैं, जबकि इस बारे में पूछताछ की जा रही है।