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- साल 2005 से 2010 तक रहे सरपंच ने मिलीभगत से विकास कार्यों की राशि में किया गबन

Thu, 03 Aug 2017 12:07 AM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:07 AM IST
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- साल 2005 से 2010 तक रहे सरपंच ने मिलीभगत से विकास कार्यों की राशि में किया गबन
मुलाना। बीडीपीओ की शिकायत पर पुलिस ने गांव ठाकुरपुरा के पूर्व सरपंच सहित ग्राम सचिव पर लाखों की राशि के गबन का मामला दर्ज किया है। गांव में शौचालय बनाने के लिए आई ग्रांट का दुरुपयोग कर गबन किया गया है, जबकि मामला साल 2005 से लेकर 2010 तक रहे सरपंच से जुड़ा है। इसी को लेकर पूर्व सरपंच सहित ग्राम सचिव पर मामला दर्ज किया गया है। बीडीपीओ ने शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2005 से वर्ष 2010 तक सरपंच के पद पर रहते हुए सरपंच देवेंद्र कुमार ने धोखाधड़ी से सरकारी विकास कार्यों की ग्रांट की लाखों की राशि का गबन किया। जिला व खंड स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों ने सरपंच के कार्यकाल में किए गए कार्यों का रिकार्ड खंगाला, तो तो यह मामला सामने आया है। मौजूद सरपंच ने टीएससी के अंतर्गत गांवों में शौचालय बनाने के लिए आई राशि को लाभार्थियों को देनी की बजाय प्रस्ताव में यह लिखा गया कि उक्त राशि को खर्च करने की पावर सरपंच को दी जाती है। मजेदार बात यह है कि उक्त ग्राम पंचायत के प्रस्ताव में केवल एक या दो पंचों के ही साइन करवाए गए थे। ऐसे में सरपंच देवेंद्र कुमार ने ग्राम सचिव से मिली भगत कर के लगभग 3.93 लाख की राशि का गबन किया। मुलाना पुलिस ने सरपंच और ग्राम सचिव के द्वारा पैसे के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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