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Ambala News: खेल महाकुंभ में पंचकूला अकेले रवाना कर दीं 18 बेटियां
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अंबाला छावनी से ट्रेन में बैठीं हॉकी की खिलाड़ी।
अंबाला। खेल महाकुंभ में खेल विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खेल महाकुंभ की हॉकी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बुधवार को ट्रेन से 18 बेटियां पंचकूला के लिए रवाना हुईं। हैरानी की बात यह है कि इन बेटियों के साथ खेल विभाग की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि नहीं था।
इस मामले में जिस कोच की जिम्मेदारी लगाई थी उसका कहना है कि अचानक से उसकी ड्यूटी मुख्यालय में अंपायर के रूप में लगा दी। इस कारण से उन्हें निकलना पड़ गया। वहीं, जिला खेल अधिकारी का कहना है कि हमारे पास कोई महिला कोच नहीं है। इस कारण से हमने एक अन्य कोच की जिम्मेदारी लगाई थी।
हैरानी की बात है हॉकी के कोच और डीएसओ दोनों की बात खिलाड़ियों की बात से मेल नहीं खा रही। अंबाला छावनी के स्टेशन से चंडीगढ़ की ट्रेन में बैठी खिलाड़ियों ने बताया कि उनके पास न तो ट्रेन का टिकट है और न ही विभाग की तरफ से कोई उन्हें साथ लेकर जा रहा है। एक खिलाड़ी की मां जरूर उनके साथ जा रही है। इसके साथ ही एक लड़का भी साथ है, जब उससे पूछा गया कि आप क्या खेल विभाग की तरफ से हैं तो उसने बताया कि नहीं वह तो ताऊ देवी लाल स्टेडियम में अपने किसी काम से जा रहे हैं।
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ऐसे में अगर खिलाड़ियों के साथ कोई घटना हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। हॉकी कोच अमन सिंह ने बताया कि महिला हॉकी कोच के तीन महीने का बच्चा है इस कारण से वह नहीं जा सकी हैं। मेरी ड्यूटी मुख्यालय लगा दी गई है इस कारण से मैंने मुख्यालय जाने के कार्य को प्राथमिकता दी। हमने अभिभावकों से कहा था कि वह जा सकते हैं। इस मामले में जिला खेल अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि खिलाड़ियों का बस का किराया स्टेडियम में पहुंचकर दिया जाएगा। हमने कोच की जिम्मेदारी लगाई थी। इस मामले को हम दिखवा लेते हैं।
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इस मामले में जिस कोच की जिम्मेदारी लगाई थी उसका कहना है कि अचानक से उसकी ड्यूटी मुख्यालय में अंपायर के रूप में लगा दी। इस कारण से उन्हें निकलना पड़ गया। वहीं, जिला खेल अधिकारी का कहना है कि हमारे पास कोई महिला कोच नहीं है। इस कारण से हमने एक अन्य कोच की जिम्मेदारी लगाई थी।
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हैरानी की बात है हॉकी के कोच और डीएसओ दोनों की बात खिलाड़ियों की बात से मेल नहीं खा रही। अंबाला छावनी के स्टेशन से चंडीगढ़ की ट्रेन में बैठी खिलाड़ियों ने बताया कि उनके पास न तो ट्रेन का टिकट है और न ही विभाग की तरफ से कोई उन्हें साथ लेकर जा रहा है। एक खिलाड़ी की मां जरूर उनके साथ जा रही है। इसके साथ ही एक लड़का भी साथ है, जब उससे पूछा गया कि आप क्या खेल विभाग की तरफ से हैं तो उसने बताया कि नहीं वह तो ताऊ देवी लाल स्टेडियम में अपने किसी काम से जा रहे हैं।
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ऐसे में अगर खिलाड़ियों के साथ कोई घटना हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। हॉकी कोच अमन सिंह ने बताया कि महिला हॉकी कोच के तीन महीने का बच्चा है इस कारण से वह नहीं जा सकी हैं। मेरी ड्यूटी मुख्यालय लगा दी गई है इस कारण से मैंने मुख्यालय जाने के कार्य को प्राथमिकता दी। हमने अभिभावकों से कहा था कि वह जा सकते हैं। इस मामले में जिला खेल अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि खिलाड़ियों का बस का किराया स्टेडियम में पहुंचकर दिया जाएगा। हमने कोच की जिम्मेदारी लगाई थी। इस मामले को हम दिखवा लेते हैं।