{"_id":"5b981922867a557ed20b170e","slug":"171536694562-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों क्विंटल गेहूं का स्टाक मंडी में, आढ़ती परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों क्विंटल गेहूं का स्टाक मंडी में, आढ़ती परेशान
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढाई लाख गेहूं से भरे बैगों का स्टॉक मंडी में होने से आढ़ती परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। अप्रैल में गेहूं के सीजन के दौरान हैफेड द्वारा नारायणगढ़ अनाज मंडी से खरीदी गई गेहूं के ढाई लाग बैगों का स्टॉक अनाज मंडी के साथ लगती एक्सटेंशन मंडी के शेड व बाहर लगा होने से आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यह स्थिति कई महीनों से है, जबकि हैफेड ने तीन माह के भीतर इसे उठवाने का दावा किया था।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अशोक कुमार के अनुसार हैफेड द्वारा खरीदे गए इस गेहूं का स्टॉक गोदामों में जगह न होने के चलते एक्सटेंशन मंडी के शेड व खुले में लगाया गया था। हैफेड के अधिकारियों ने इस सारे गेहूं को तीन माह के भीतर उठवाने व मंडी के शेड खाली करने का आश्वासन दिया था परंतु पांच माह बाद भी अधिकारियों ने गेहूं का उठान नहीं करवाया। प्रधान के अनुसार धान का सीजन आरंभ होने वाला है तथा एक्सटेंशन मंडी में भी अनेक आढ़तियों की दुकानें हैं, जहां शेड व खुले में धान उत्पादकों द्वारा लाए जाने वाले धान की ढेरियां लगाने के साथ-साथ उसे सुखाया भी जाता है परंतु शेड व शेड के चारों ओर गेहूं की भरी हुई बोरियों का स्टॉक होने के चलते यह कार्य मुश्किल नजर आ रहा है।
------
डीएम से लगाई थी गुहार, मात्र आश्वासन मिला
प्रधान के अनुसार इस गेहूं का उठान शीघ्र किए जाने बारे उन्होंने हैफेड के डीएम से कई बार गुहार लगाई परंतु उन्हें मात्र आश्वासन के कुछ नहीं मिला। अब उन्होंने हैफेड के उच्चाधिकारियों से अपील की कि धान का सीजन आरंभ होने से पूर्व ही गेहूं को यहां से उठवाया जाए जिससे धान बेचने के लिए मंडी में आने वाले किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को धान की ढेरियां लगाने व सुखाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
-----
इसी माह एक लाख बैग उठवा दिए जाएंगे : राणा
इस बारे में हैफेड के गोदाम इंचार्ज अमित राणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अनाज मंडी में मौजूदा हालत में लगभग ढाई लाख गेहूं से भरे बैगों का स्टॉक लगा हुआ है। इस माह में लगभग एक लाख बैग उठवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास यह रहेगा कि धान की सरकारी खरीद आरंभ होने से पूर्व ही वह इस एक्सटेंशन मंडी में लगे स्टॉक को शीघ्र उठवा देंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। अप्रैल में गेहूं के सीजन के दौरान हैफेड द्वारा नारायणगढ़ अनाज मंडी से खरीदी गई गेहूं के ढाई लाग बैगों का स्टॉक अनाज मंडी के साथ लगती एक्सटेंशन मंडी के शेड व बाहर लगा होने से आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यह स्थिति कई महीनों से है, जबकि हैफेड ने तीन माह के भीतर इसे उठवाने का दावा किया था।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अशोक कुमार के अनुसार हैफेड द्वारा खरीदे गए इस गेहूं का स्टॉक गोदामों में जगह न होने के चलते एक्सटेंशन मंडी के शेड व खुले में लगाया गया था। हैफेड के अधिकारियों ने इस सारे गेहूं को तीन माह के भीतर उठवाने व मंडी के शेड खाली करने का आश्वासन दिया था परंतु पांच माह बाद भी अधिकारियों ने गेहूं का उठान नहीं करवाया। प्रधान के अनुसार धान का सीजन आरंभ होने वाला है तथा एक्सटेंशन मंडी में भी अनेक आढ़तियों की दुकानें हैं, जहां शेड व खुले में धान उत्पादकों द्वारा लाए जाने वाले धान की ढेरियां लगाने के साथ-साथ उसे सुखाया भी जाता है परंतु शेड व शेड के चारों ओर गेहूं की भरी हुई बोरियों का स्टॉक होने के चलते यह कार्य मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन
------
डीएम से लगाई थी गुहार, मात्र आश्वासन मिला
प्रधान के अनुसार इस गेहूं का उठान शीघ्र किए जाने बारे उन्होंने हैफेड के डीएम से कई बार गुहार लगाई परंतु उन्हें मात्र आश्वासन के कुछ नहीं मिला। अब उन्होंने हैफेड के उच्चाधिकारियों से अपील की कि धान का सीजन आरंभ होने से पूर्व ही गेहूं को यहां से उठवाया जाए जिससे धान बेचने के लिए मंडी में आने वाले किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को धान की ढेरियां लगाने व सुखाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
-----
इसी माह एक लाख बैग उठवा दिए जाएंगे : राणा
इस बारे में हैफेड के गोदाम इंचार्ज अमित राणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अनाज मंडी में मौजूदा हालत में लगभग ढाई लाख गेहूं से भरे बैगों का स्टॉक लगा हुआ है। इस माह में लगभग एक लाख बैग उठवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास यह रहेगा कि धान की सरकारी खरीद आरंभ होने से पूर्व ही वह इस एक्सटेंशन मंडी में लगे स्टॉक को शीघ्र उठवा देंगे।