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निगम के रेंट क्लर्क से मांगा जवाब, सचिव करेंगे मामले की जांच
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:05 AM IST
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निगम के रेंट क्लर्क से मांगा जवाब, सचिव करेंगे मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। बीआई मेस रोड पर स्थित दुकान के मालिक मूक-बधिर पवन दुग्गल की दुकान नौकर के नाम करने के मामले में नगर निगम ने जांच बैठा दी है। नगर निगम के सचिव मामले में जांच कर रहे हैं। इससे पहले प्राथमिक जांच में निगम को कुछ गड़बड़ियां मिली हैं जिसके आधार पर एक क्लर्क को निगम ने नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। इतना ही नहीं दुकान जिस कथित दस्तावेज के आधार पर ट्रांसफर की गई उस पर हुए हस्ताक्षर की जांच को करनाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हस्ताक्षर क्या पवन दुग्गल ने ही किए थे या इसकी फोटोकॉपी एफिडेविट पर लगवाई गई। यदि जांच में गड़बड़ी मिली तो अन्य निगम स्टाफ पर भी इस मामले की गाज गिर सकती है।
मामले की शिकायत कुछ दिन पहले ही दुकान के मालिक मूक-बधिर पवन दुग्गल ने स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज एवं नगर निगम के कमिश्नर से की थी। शिकायत में पवन ने आरोप लगाए थे कि बीआई मेस रोड पर उसकी दुकान उसी दुकान पर काम करने वाले दिलीप कुमार ने अपने नाम करवा ली थी जबकि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। कुछ वर्ष पहले जब वह नगर निगम में किसी कार्य के लिए गए तो वहां रिकार्ड देखकर वह हैरान रह गए। मंत्री विज के आदेशों के बाद निगम स्टाफ ने जांच आरंभ की तो पाया गया कि दुकान ट्रांसफर करने के लिए जिन सक्षम अधिकारियों या स्टाफ तक यह केस पहुंचना चाहिए था वहां यह केस पहुंचा तक नहीं। निचले स्तर पर ही एक एफिडेविट के दम पर दुकान ट्रांसफर कर दी गई। मामले में एक क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई है जिससे जवाब मांगा गया है।
कोट्स
मामले की शिकायत मिली थी जिसके बाद जांच का जिम्मा सचिव को सौंपा गया है। एक क्लर्क से जवाब तलब किया जा रहा है जबकि हस्ताक्षर की प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। बीआई मेस रोड पर स्थित दुकान के मालिक मूक-बधिर पवन दुग्गल की दुकान नौकर के नाम करने के मामले में नगर निगम ने जांच बैठा दी है। नगर निगम के सचिव मामले में जांच कर रहे हैं। इससे पहले प्राथमिक जांच में निगम को कुछ गड़बड़ियां मिली हैं जिसके आधार पर एक क्लर्क को निगम ने नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। इतना ही नहीं दुकान जिस कथित दस्तावेज के आधार पर ट्रांसफर की गई उस पर हुए हस्ताक्षर की जांच को करनाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हस्ताक्षर क्या पवन दुग्गल ने ही किए थे या इसकी फोटोकॉपी एफिडेविट पर लगवाई गई। यदि जांच में गड़बड़ी मिली तो अन्य निगम स्टाफ पर भी इस मामले की गाज गिर सकती है।
मामले की शिकायत कुछ दिन पहले ही दुकान के मालिक मूक-बधिर पवन दुग्गल ने स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज एवं नगर निगम के कमिश्नर से की थी। शिकायत में पवन ने आरोप लगाए थे कि बीआई मेस रोड पर उसकी दुकान उसी दुकान पर काम करने वाले दिलीप कुमार ने अपने नाम करवा ली थी जबकि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। कुछ वर्ष पहले जब वह नगर निगम में किसी कार्य के लिए गए तो वहां रिकार्ड देखकर वह हैरान रह गए। मंत्री विज के आदेशों के बाद निगम स्टाफ ने जांच आरंभ की तो पाया गया कि दुकान ट्रांसफर करने के लिए जिन सक्षम अधिकारियों या स्टाफ तक यह केस पहुंचना चाहिए था वहां यह केस पहुंचा तक नहीं। निचले स्तर पर ही एक एफिडेविट के दम पर दुकान ट्रांसफर कर दी गई। मामले में एक क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई है जिससे जवाब मांगा गया है।
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मामले की शिकायत मिली थी जिसके बाद जांच का जिम्मा सचिव को सौंपा गया है। एक क्लर्क से जवाब तलब किया जा रहा है जबकि हस्ताक्षर की प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।