फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   - बरसातों के मौसम में अभी तक निगम ने नहीं करवाया शहर में जर्जर ईमारतों का सर्वे

- बरसातों के मौसम में अभी तक निगम ने नहीं करवाया शहर में जर्जर ईमारतों का सर्वे

Sun, 03 Sep 2017 11:45 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
- बरसातों के मौसम में अभी तक निगम ने नहीं करवाया शहर में जर्जर ईमारतों का सर्वे
पेज नंबर चार पर लीड ------
विज्ञापन

फोटो नंबर : 9
- बरसात के मौसम में अभी तक निगम ने नहीं करवाया शहर में जर्जर इमारतों का सर्वे
- दशकों पुरानी इमारतें इस समय विभिन्न बाजारों में
- निगम को शिकायत के बावजूद निगम नहीं थमा रहा भवन मालिकों को नोटिस
- मीणा बाजार में तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद क्या कार्रवाई करेगा निगम
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/सिटी। ट्विन सिटी की बात करें तो यहां इस समय दर्जनों ऐसी इमारतें हैं जोकि दशकों पुरानी है। इनकी मियाद समाप्त हो चुकी है, मगर फिर भी यह पुराने ढांचे बाजारों में खड़े हैं जोकि असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे हैं। शनिवार को सिटी के मीणा बाजार में हुई घटना के बाद एक बार फिर से ऐसी पुरानी इमारतों को लेकर भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। ऐसी इमारतें आसपास बने भवनों के लिए भी खतरा बनी हुई हैं। बरसाती सीजन में ऐसे भवनों को लेकर सुरक्षा का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, मगर हैरत है कि नगर निगम इस संबंध में सकारात्मक तरीके से कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। दर्जनों पुरानी इमारतें इस समय खतरनाक तरीके से बाजारों में खड़ी मानों सुरक्षा को लेकर मुंह चिढ़ा रही हों। अंबाला में पुरानी इमारत गिरने का यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं, मगर बावजूद इसके निगम की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
बाजारों में कई पुरानी इमारतें
सिटी व कैंट के बाजारों में इस समय कई पुरानी इमारतें हैं जिनके ढांचे पुराने पड़ चुके हैं। कई इमारतें तो ऐसी हैं जोकि अंग्रेजों के समय में बनी थी। कैंट के सदर बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, पुल चमेली के आसपास, कच्चा बाजार व अन्य स्थानों पर पुरानी इमारतें हैं। इसी तरह सिटी में सरकारी पुराना सिविल अस्पताल, रिकार्ड रूम, मंडल रोजगार कार्यालय हैं जबकि सर्राफा बाजार, पिपली बाजार, जैन बाजार, कंडों वाला चौक के आसपास, मीणा बाजार, पटेल रोड, छोटा बाजार, तंदूरा बाजार आदि क्षेत्रों में पुरानी इमारतें हैं।
विज्ञापन

डिस्पेंसरी पुराने भवन में
ट्विन सिटी के बाजारों में इस समय कई ऐसी पुरानी इमारतें हैं जोकि कंडम तक हो चुकी हैं। हैरत है कि ऐसी इमारतों को बीच सरकारी दफ्तर तक चल रहे हैं। सिटी के पुरानी सिविल अस्पताल भवन में ईएसआई डिस्पेंसरी चल रही है। इस भवन को वर्ष 2014 में कंडम घोषित किया गया था, मगर हैरत है कि कंडम घोषित होने के बावजूद भी सरकारी कर्मी यहां अपना जीवन दांव पर लगाकर कार्य कर रहे हैं। इमारतें सीलन व अन्य समस्याओं से भी स्टाफ को दो चार होना पड़ता है, मगर निगम या प्रशासन की आंख नहीं खुल रही है। निजी प्रापर्टी तो दूर सरकारी भवन को खाली कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है नियम
शहर के लिए खतरा बने पुराने भवनों की सूची निगम को सर्वे कर तैयार करनी होती है। इन भवनों का सर्वे कराकर इन्हें कंडम घोषित किया जाता है और मकान मालिकों को इसके बाद नोटिस दिए जाते हैं। यदि मकान मालिक भवन की मरम्मत नहीं कराता तो निगम इसे गिरा भी सकती है। मगर धरातल पर ऐसा कोई प्रयास निगम द्वारा नहीं किया जा रहा है।

मीणा बाजार से हटवाया मलबा
शनिवार को सिटी के मीणा बाजार में गिरी तीन मंजिला इमारत का मलबा प्रशासन ने हटवा दिया है। तंग बाजार में हुए इसे हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया था। मलबा हटाने के बाद निगम ने मामले की जांच भी आरंभ कर दी है। इमारत कितनी पुरानी थी व अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है। इतना ही नहीं क्षेत्र में कितनी पुरानी इमारतें हैं, इसको लेकर भी सर्वे किया जा रहा है।


कोट्स (फोटो नंबर : 25)
मीणा बाजार से पूरी तरह से मलबा हटवा दिया गया है। यह बाजार काफी पुराना है जिस वजह से यहां स्थानीय पार्षद की मदद से पुराने भवनों का सर्वे किया जा रहा है। एक बार यहां कार्रवाई के बाद शेष बाजारों में भी सर्वे करवाकर पुराने व जर्जर हो चुके भवनों की पहचान नगर निगम द्वारा की जाएगी। मालिकों को नोटिस दिए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराया भी जाएगा।
- गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed