{"_id":"5b6debd34f1c1b913e8b6590","slug":"161533930451-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सैशन जज का फौजी भाई की हालत को लेकर प्रशासन की बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सैशन जज का फौजी भाई की हालत को लेकर प्रशासन की बढ़ी चिंता
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैशन जज के फौजी भाई का अनशन समाप्त कराने की अपील बेअसर
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। बड़ागांव सरपंच के अध्यापक पति सैशन जज की हत्या में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों द्वारा लघु सचिवालय के समक्ष दिया जा रहा धरना शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। वहीं मृतक के फौजी भाई के भूख हड़ताल पर जाने ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अनशन पर बैठे भाई की शुक्रवार को डॉक्टरों ने मेडिकल जांच भी की। वहीं एसडीएम की अगुवाई में अनशन समाप्त करने की अपील भी बेअसर रही। उधर परिजनों ने सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय का द्वार खटखटाने की बात कही है। धरने पर रेवाड़ी, गुड़गांव, फरीदाबाद व प्रदेश के अन्य जिलों के सरपंच यूनियन पदाधिकारी भी समर्थन देने के लिए पहुंचे।
गत 9 जुलाई को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारे गए बड़ागांव निवासी अध्यापक सैशन जज के हत्यारोपियों में से अधिकतर की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने लघु सचिवालय पर धरना दे रखा है। उनकी मांग है कि हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिजनों के इस धरने को प्रदेशभर की अधिकतर सरपंच यूनियन सहित स्थानीय खंड यूनियन, पूर्व सैनिकों व अन्य संस्थाओं ने भी अपना समर्थन देते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। खंड सरपंच यूनियन प्रधान जसविंद्र बतुआ सहित अन्य सरपंच भी धरने पर डटे रहे।
मृतक अध्यापक सेशन जज का फौजी भाई पिछले दो दिन से अनशन पर है, जिसकी हालत को लेकर परिजनों सहित प्रशासन भी चिंतित नजर आ रहा है, शायद इसी को देखते हुए शुक्रवार को एसडीएम विरेंद्र सांगवान धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उनके साथ डीएसपी भी मौजूद थे। एसडीएम ने भारत भूषण से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की लेकिन फौजी भारत भूषण नहीं माना। धरना स्थल पर पहुंची डॉक्टरों की एक टीम ने अनशनकारी भारत भूषण का चेकअप भी किया।
विज्ञापन
वहीं धरना स्थल पर मौजूद मृतक के दूसरे भाई व अन्य परिजनों ने बातचीत में बताया कि महीना बीत जाने के बाद भी नामजद अधिकतर हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही है, पुलिस पर भारी दबाव प्रतीत होता है। हमें स्थानीय पुलिस पर विश्वास नहीं है। हम इस मामले की सीबीआई या उच्च अधिकार प्राप्त एसआईटी जांच के लिए हाईकोर्ट की शरण लेने जा रहे हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। बड़ागांव सरपंच के अध्यापक पति सैशन जज की हत्या में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों द्वारा लघु सचिवालय के समक्ष दिया जा रहा धरना शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। वहीं मृतक के फौजी भाई के भूख हड़ताल पर जाने ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अनशन पर बैठे भाई की शुक्रवार को डॉक्टरों ने मेडिकल जांच भी की। वहीं एसडीएम की अगुवाई में अनशन समाप्त करने की अपील भी बेअसर रही। उधर परिजनों ने सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय का द्वार खटखटाने की बात कही है। धरने पर रेवाड़ी, गुड़गांव, फरीदाबाद व प्रदेश के अन्य जिलों के सरपंच यूनियन पदाधिकारी भी समर्थन देने के लिए पहुंचे।
गत 9 जुलाई को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारे गए बड़ागांव निवासी अध्यापक सैशन जज के हत्यारोपियों में से अधिकतर की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने लघु सचिवालय पर धरना दे रखा है। उनकी मांग है कि हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिजनों के इस धरने को प्रदेशभर की अधिकतर सरपंच यूनियन सहित स्थानीय खंड यूनियन, पूर्व सैनिकों व अन्य संस्थाओं ने भी अपना समर्थन देते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। खंड सरपंच यूनियन प्रधान जसविंद्र बतुआ सहित अन्य सरपंच भी धरने पर डटे रहे।
विज्ञापन
मृतक अध्यापक सेशन जज का फौजी भाई पिछले दो दिन से अनशन पर है, जिसकी हालत को लेकर परिजनों सहित प्रशासन भी चिंतित नजर आ रहा है, शायद इसी को देखते हुए शुक्रवार को एसडीएम विरेंद्र सांगवान धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उनके साथ डीएसपी भी मौजूद थे। एसडीएम ने भारत भूषण से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की लेकिन फौजी भारत भूषण नहीं माना। धरना स्थल पर पहुंची डॉक्टरों की एक टीम ने अनशनकारी भारत भूषण का चेकअप भी किया।
विज्ञापन
वहीं धरना स्थल पर मौजूद मृतक के दूसरे भाई व अन्य परिजनों ने बातचीत में बताया कि महीना बीत जाने के बाद भी नामजद अधिकतर हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही है, पुलिस पर भारी दबाव प्रतीत होता है। हमें स्थानीय पुलिस पर विश्वास नहीं है। हम इस मामले की सीबीआई या उच्च अधिकार प्राप्त एसआईटी जांच के लिए हाईकोर्ट की शरण लेने जा रहे हैं।