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सुबह से छाए बादल, छींटे पड़े, दोपहर बाद फिर निकली धूप
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अंबाला सिटी। फिजा पर रविवार सुबह से ही छाए बादलों की वजह से रविवार को जिले का मौसम सुहावना रहा। महज एक दिन में तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया जिससे गर्मी में तड़प रहे लोगों को राहत मिली। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस था जबकि शनिवार तापमान 43.6 डिग्री था। सुबह बादल छाए तो हलके छींटे भी पड़े। एक बार लगा की अभी बारिश हो जाएगी। मगर दोपहर बाद बादल छट गए और फिर धूप निकल आई। वहीं बादल देख किसानों को बारिश की आस थी और उन्होंने तुरंत खेत में धान की रोपाई शुरू कर दी, मगर बाद में उन्हें मायूसी हुई। वहीं चंडीगढ़ मौसम विज्ञान विभाग के विज्ञानियों का कहना है कि आगामी कुछ दिन तक फिजा पर बादल छाने की संभावना है जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
गांवों में शुरू की रोपाई
शहर क्षेत्र के गांवों में किसानों ने धान की रोपाई करनी शुरू कर दी है। हालांकि सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों ने अंबाला-1 को सूख पीड़ित क्षेत्र घोषित किया हुआ है लेकिन फिर भी किसानों ने नदियों व नालों के पानी से धान की रोपाई करनी शुरू कर दी है। इन दिनों ज्यादातर किसान हाईब्रिड बीज जिनमें स्विफ्ट, 2222, पैनर, 3533 आदि वैरायटियों की रोपाई कर रहे हैं। इसलिए इन्हें किसानों को अगेतो ही लगाना पड़ता है। क्षेत्र के किसान मनजीत सिंह, गरप्रीत सिंह, तेजबीर, राजेश कुमार, राज कुमार, जरनैल सिंह ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा जीरी की लगवाई प्रति एकड़ 500 रुपये ज्यादा है। इतना ही नहीं यूरिया, डीएपी व पेस्टीसाइडस के रेट भी पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा हैं। मनजीत सिंह ने बताया कि सरकार को नियम था कि कोई भी किसान 15 जून से पहले जीरी की रोपाई नहीं कर सकता। इसलिए उन्होंने 16 जून को ही अपने खेतों में पानी छोड़ा है। जीरी लगाने वाली लेबर भी दिन में ज्यादा धूप व गर्मी के कारण सुबह-सुबह ही जीरी लगाते हैं। शाम के समय वह जीरी की पौध को उखाड़ते हैं। ताकि पूरी रात पौध ठंडे पानी में रखी रहे और उसकी सुबह में ही लेबर खेत में रोपाई कर दे। हालांकि अब तक बारिश नहीं पड़ी है। रविवार बादल छाए तो किसानों को बारिश की आस जगी थी, मगर बाद दोपहर धूप निकली जिससे वह मायूस हुए।
गांवों में शुरू की रोपाई
शहर क्षेत्र के गांवों में किसानों ने धान की रोपाई करनी शुरू कर दी है। हालांकि सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों ने अंबाला-1 को सूख पीड़ित क्षेत्र घोषित किया हुआ है लेकिन फिर भी किसानों ने नदियों व नालों के पानी से धान की रोपाई करनी शुरू कर दी है। इन दिनों ज्यादातर किसान हाईब्रिड बीज जिनमें स्विफ्ट, 2222, पैनर, 3533 आदि वैरायटियों की रोपाई कर रहे हैं। इसलिए इन्हें किसानों को अगेतो ही लगाना पड़ता है। क्षेत्र के किसान मनजीत सिंह, गरप्रीत सिंह, तेजबीर, राजेश कुमार, राज कुमार, जरनैल सिंह ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा जीरी की लगवाई प्रति एकड़ 500 रुपये ज्यादा है। इतना ही नहीं यूरिया, डीएपी व पेस्टीसाइडस के रेट भी पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा हैं। मनजीत सिंह ने बताया कि सरकार को नियम था कि कोई भी किसान 15 जून से पहले जीरी की रोपाई नहीं कर सकता। इसलिए उन्होंने 16 जून को ही अपने खेतों में पानी छोड़ा है। जीरी लगाने वाली लेबर भी दिन में ज्यादा धूप व गर्मी के कारण सुबह-सुबह ही जीरी लगाते हैं। शाम के समय वह जीरी की पौध को उखाड़ते हैं। ताकि पूरी रात पौध ठंडे पानी में रखी रहे और उसकी सुबह में ही लेबर खेत में रोपाई कर दे। हालांकि अब तक बारिश नहीं पड़ी है। रविवार बादल छाए तो किसानों को बारिश की आस जगी थी, मगर बाद दोपहर धूप निकली जिससे वह मायूस हुए।
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