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तीन माह से बिना महिला सदस्य चल रही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:29 AM IST
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पुरुष सदस्यों के सहारे चल रही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर गठित की गई चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) बिना महिला सदस्यों के ही चल रही है। तीन माह से कमेटी में कोई महिला सदस्य नहीं है। हैरान करने वाली बात है कि नाबालिग रेप पीड़ित एवं लावारिस लड़कियों के मिलने पर बिना महिला सदस्य आखिरकार काउंसलिंग कैसे हो रही है। इतना ही नहीं तीन माह से कमेटी के चेयरमैन का भी पद खाली पड़ा है, जोकि चिंता का विषय है। महत्वपूर्ण पदों पर महिला सदस्य का न होना साबित कर रहा है कि प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह से लापरवाही बरत रहा है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन शविंद्र कौर एवं महिला सदस्य का कार्यकाल तीन माह पहले समाप्त हो गया था। मगर इसके बाद किसी भी महिला सदस्यों को कमेटी में शामिल नहीं किया गया, जबकि चेयरपर्सन की कुर्सी भी खाली पड़ी हुई है। महत्वपूर्ण विभाग में महिला सदस्यों की कमी से साफ है कि नाबालिग लड़कियों से संगीन मामलों की काउंसलिंग पुरुष सदस्यों के हाथों में है, जोकि सही नहीं है। कमेटी के कुल पांच सदस्य होते हैं, जिनमें से दो पद इस समय खाली पड़े हैं। केवल तीन पुरुष सदस्य की कमेटी को चला रहे हैं, जिनमें गुरदेव सिंह मंढेर, मोहित अग्रवाल और जगमोहन सिंह शामिल हैं।
पोक्सो एक्ट के मामलों में दिक्कत
पोक्सो एक्ट के मामलों में बिना महिला सदस्य परेशानी हो रही है। महिला सदस्य ही पीड़ित लड़की से काउंसलिंग कर सकती हैं। एक महिला सदस्य ही उसकी असल पीड़ा को समझ सकती है। ऐसे में महिला सदस्य की अनुपस्थिति में डीसीपीओ एवं अन्य विभागों की मदद लेनी पड़ रही है।
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पूरा जिम्मा सीडब्ल्यूसी के पास
यदि नाबालिग लड़की से रेप या बालश्रम का मामला सामने आता है तो चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ही लड़की की काउंसलिंग कर मामले की रिपोर्ट आगे भेजती है। सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के पास मजिस्ट्रेट पावर तक होती है, जिसका वह प्रयोग कर सकते हैं। यदि कहीं से बालश्रम या लड़की को प्रताड़ित करने का मामला सामने आए तो भी कमेटी सदस्यों का जिम्मा लड़की को पूरी तरह से संरक्षण एवं सुविधा देने का होता है।
जल्द नियुक्त होंगे सदस्य
महिला सदस्य एवं चेयरपर्सन नहीं होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई है। डायरेक्टर चाइल्ड एंड वेलफेयर कमेटी द्वारा जल्द इसकी नियुक्ति की जा रही है। फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग स्थानीय महिला काउंसलरों के जरिए कराई जा रही है।
गुरदेव सिंह मंढेर, सदस्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर गठित की गई चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) बिना महिला सदस्यों के ही चल रही है। तीन माह से कमेटी में कोई महिला सदस्य नहीं है। हैरान करने वाली बात है कि नाबालिग रेप पीड़ित एवं लावारिस लड़कियों के मिलने पर बिना महिला सदस्य आखिरकार काउंसलिंग कैसे हो रही है। इतना ही नहीं तीन माह से कमेटी के चेयरमैन का भी पद खाली पड़ा है, जोकि चिंता का विषय है। महत्वपूर्ण पदों पर महिला सदस्य का न होना साबित कर रहा है कि प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह से लापरवाही बरत रहा है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन शविंद्र कौर एवं महिला सदस्य का कार्यकाल तीन माह पहले समाप्त हो गया था। मगर इसके बाद किसी भी महिला सदस्यों को कमेटी में शामिल नहीं किया गया, जबकि चेयरपर्सन की कुर्सी भी खाली पड़ी हुई है। महत्वपूर्ण विभाग में महिला सदस्यों की कमी से साफ है कि नाबालिग लड़कियों से संगीन मामलों की काउंसलिंग पुरुष सदस्यों के हाथों में है, जोकि सही नहीं है। कमेटी के कुल पांच सदस्य होते हैं, जिनमें से दो पद इस समय खाली पड़े हैं। केवल तीन पुरुष सदस्य की कमेटी को चला रहे हैं, जिनमें गुरदेव सिंह मंढेर, मोहित अग्रवाल और जगमोहन सिंह शामिल हैं।
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पोक्सो एक्ट के मामलों में दिक्कत
पोक्सो एक्ट के मामलों में बिना महिला सदस्य परेशानी हो रही है। महिला सदस्य ही पीड़ित लड़की से काउंसलिंग कर सकती हैं। एक महिला सदस्य ही उसकी असल पीड़ा को समझ सकती है। ऐसे में महिला सदस्य की अनुपस्थिति में डीसीपीओ एवं अन्य विभागों की मदद लेनी पड़ रही है।
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पूरा जिम्मा सीडब्ल्यूसी के पास
यदि नाबालिग लड़की से रेप या बालश्रम का मामला सामने आता है तो चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ही लड़की की काउंसलिंग कर मामले की रिपोर्ट आगे भेजती है। सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के पास मजिस्ट्रेट पावर तक होती है, जिसका वह प्रयोग कर सकते हैं। यदि कहीं से बालश्रम या लड़की को प्रताड़ित करने का मामला सामने आए तो भी कमेटी सदस्यों का जिम्मा लड़की को पूरी तरह से संरक्षण एवं सुविधा देने का होता है।
जल्द नियुक्त होंगे सदस्य
महिला सदस्य एवं चेयरपर्सन नहीं होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई है। डायरेक्टर चाइल्ड एंड वेलफेयर कमेटी द्वारा जल्द इसकी नियुक्ति की जा रही है। फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग स्थानीय महिला काउंसलरों के जरिए कराई जा रही है।
गुरदेव सिंह मंढेर, सदस्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला।