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अंबाला के 25 लोग पहलगाम में लगा रहे भंडारा
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले के बाद अंबाला में रह रहे श्रद्धालुओं के परिजन भी चिंतित हो गए। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही फोन पर परिजनों ने कुशलक्षेम पूछी। सिटी के अमरनाथ भंडारा सेवा संघ के करीब 25 सदस्य इस समय पहलगाम के नूनवन बेस कैंप में भंडारे की सेवा कर रहे हैं।
संघ के पदाधिकारी बॉबी ने बेस कैंप से अमर उजाला को फोन पर बताया कि आतंकी हमले के बाद सभी सदस्यों को उनके घरों से फोन आ रहे हैं कि वह सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि कैंप में अंबाला से गए सभी सदस्य सुरक्षित हैं। जिस स्थान पर हमला हुआ है वह स्थान बेस कैंप से करीब 30 किलोमीटर दूर अनंतनाग में है। संघ के अन्य पदाधिकारी शंटी ने बताया कि प्रतिवर्ष संघ द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया जाता है। इस वर्ष 25 जून को भंडारे के लिए सामग्री यहां से रवाना की गई थी। 15 दिन बाद दल सदस्यों की ड्यूटी बदलती है। अभी करीब 25 सदस्य नूनवन बेस कैंप में है। उन्हें जब आतंकी हमले की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत सदस्यों से संपर्क किया।
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अंबाला सिटी। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले के बाद अंबाला में रह रहे श्रद्धालुओं के परिजन भी चिंतित हो गए। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही फोन पर परिजनों ने कुशलक्षेम पूछी। सिटी के अमरनाथ भंडारा सेवा संघ के करीब 25 सदस्य इस समय पहलगाम के नूनवन बेस कैंप में भंडारे की सेवा कर रहे हैं।
संघ के पदाधिकारी बॉबी ने बेस कैंप से अमर उजाला को फोन पर बताया कि आतंकी हमले के बाद सभी सदस्यों को उनके घरों से फोन आ रहे हैं कि वह सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि कैंप में अंबाला से गए सभी सदस्य सुरक्षित हैं। जिस स्थान पर हमला हुआ है वह स्थान बेस कैंप से करीब 30 किलोमीटर दूर अनंतनाग में है। संघ के अन्य पदाधिकारी शंटी ने बताया कि प्रतिवर्ष संघ द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया जाता है। इस वर्ष 25 जून को भंडारे के लिए सामग्री यहां से रवाना की गई थी। 15 दिन बाद दल सदस्यों की ड्यूटी बदलती है। अभी करीब 25 सदस्य नूनवन बेस कैंप में है। उन्हें जब आतंकी हमले की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत सदस्यों से संपर्क किया।
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