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साहब! नहीं मिलता राशन और जिन्हें मिल रहा उनमें होते कीड़े
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:49 AM IST
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साहब! नहीं मिलता राशन और जिन्हें मिल रहा उनमें होते हैं कीड़े
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। सांसद कुमारी सैलजा व डीसी अंबाला द्वारा गोद लिए गांव धीन की दीन हालत का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होते ही प्रशासन ने मंगलवार को गांव में जनता कैंप का आयोजन किया। यह कैंप मात्र खानापूर्ति ही दिखाई दिया, वहीं जनता ने भी जमकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने गांव की समस्याओं को रखा। अधिकारियों ने मौके पर जाकर इन समस्याओं का जायजा नहीं लिया, जबकि इनके समाधान का आश्वासन दिया है। सरपंच ने भी गांव में सफाई कर्मी न होने का दुखड़ा अधिकारियों के सामने रखा। यह कैंप एसडीएम गिरीश कुमार की देखरेख में लगाया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार सुखदेव सिंह, समाज कल्याण विभाग से विनोद कुमार, पंचायतीराज विभाग के एसडीओ सचिन शर्मा, एसईपीओ राजकुमार, बीईओ रामप्रकाश, एसएचओ मुलाना सुनील कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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यह समस्याएं रखीं अधिकारियों के सामने
- करीब 60 उभोक्ताओं ने राशन डिपो होल्डर के सामने कहा कि उनको राशन नहीं मिलता। हर बार यह कहा जाता है कि राशन नहीं आया है, अगली बार आना। जिन उपभोक्ताओं को राशन मिल रहा है वह घटिया है और उसमें कीड़े होते हैं।
- लोगों ने बुढ़ापा पेंशन न मिलने की शिकायत दी। प्रमाण पत्र न होने के कारण वे इसका लाभ नहीं ले पा रहे।
- गांव में सफाई नहीं होती, जिससे गंदगी का आलम है और बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
- गांव में जिम के लिए सामान आठ साल से पड़ा है, लेकिन इसके लिए जगह नहीं है और सामान खराब होने लगा है।
- आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र में बिजली का कनेक्शन नहीं है।
- गांव में शमशान घाट का शेड नहीं बनाया गया।
- गांव के सरकारी स्कूल की दीवार का हिस्सा मात्र ईंटें रखकर बनाया गया है, जो कभी भी गिर सकता है
- गांव में बनाई गई व्यायामशाला के शेड, टाइलें आदि उखड़ रही हैं।
- गांव के चार जोहड़ों में जलखुंभी उगी हुई है, जिसमें जहरीले जीव पनप रहे हैं और न ही इसकी चहारदीवारी है।
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समस्याएं सिर्फ सुनीं, मौके पर जाकर नहीं देखा
एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने समस्याओं को सुना और अधिकारियों को इन्हें हल करने के निर्देश दिए। किसी भी अधिकारी ने समस्याएं सुनने के बाद मौके पर जाना उचित नहीं समझा और न ही किसी भी गली आदि का मुआयना किया।
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सरपंच ने रखी समस्या
धीन गांव के सरपंच नवनीत कुमार ने कहा कि पंचायत के पास सफाई कर्मचारी नहीं हैं। इस समय एक सफाई कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि वह भी गांव में सफाई करवाना चाहते हैं, लेकिन एक कर्मी के सहारे पूरे गांव की सफाई करवाना मुश्किल है। ऐसे में अधिकारी ने कहा कि पंचायत आवेदन करे, चार सफाई कर्मचारी रखे जाएंगे।
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कोट्स
जनता कैंप में समस्याएं मैंने सुन ली हैं। अगर उसके बाद भी कोई समस्या है तो शिकायतकर्ता मेरे कार्यालय में आकर मिल सकता है। जल्द ही समस्याओं का हल होगा। स्कूल की दीवार भी बना दी जाएगी, जबकि पटवारी सुरेश कुमार को पटवारखाने में बैठने के आदेश दिए जा चुके हैं।
-गिरीश कुमार, एसडीएम।
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जिन लोगों का राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं है, उनको ही राशन नहीं मिल रहा है, जबकि ऑनलाइन होने पर सभी को राशन मिल जाएगा। रही बात कीड़े युक्त राशन वितरण की शिकायत की, वह साफ ही सप्लाई हो रहा है।
-संदीप कुमार, खाद्य आपूर्ति अधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। सांसद कुमारी सैलजा व डीसी अंबाला द्वारा गोद लिए गांव धीन की दीन हालत का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होते ही प्रशासन ने मंगलवार को गांव में जनता कैंप का आयोजन किया। यह कैंप मात्र खानापूर्ति ही दिखाई दिया, वहीं जनता ने भी जमकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने गांव की समस्याओं को रखा। अधिकारियों ने मौके पर जाकर इन समस्याओं का जायजा नहीं लिया, जबकि इनके समाधान का आश्वासन दिया है। सरपंच ने भी गांव में सफाई कर्मी न होने का दुखड़ा अधिकारियों के सामने रखा। यह कैंप एसडीएम गिरीश कुमार की देखरेख में लगाया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार सुखदेव सिंह, समाज कल्याण विभाग से विनोद कुमार, पंचायतीराज विभाग के एसडीओ सचिन शर्मा, एसईपीओ राजकुमार, बीईओ रामप्रकाश, एसएचओ मुलाना सुनील कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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यह समस्याएं रखीं अधिकारियों के सामने
- करीब 60 उभोक्ताओं ने राशन डिपो होल्डर के सामने कहा कि उनको राशन नहीं मिलता। हर बार यह कहा जाता है कि राशन नहीं आया है, अगली बार आना। जिन उपभोक्ताओं को राशन मिल रहा है वह घटिया है और उसमें कीड़े होते हैं।
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- लोगों ने बुढ़ापा पेंशन न मिलने की शिकायत दी। प्रमाण पत्र न होने के कारण वे इसका लाभ नहीं ले पा रहे।
- गांव में सफाई नहीं होती, जिससे गंदगी का आलम है और बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
- गांव में जिम के लिए सामान आठ साल से पड़ा है, लेकिन इसके लिए जगह नहीं है और सामान खराब होने लगा है।
- आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र में बिजली का कनेक्शन नहीं है।
- गांव में शमशान घाट का शेड नहीं बनाया गया।
- गांव के सरकारी स्कूल की दीवार का हिस्सा मात्र ईंटें रखकर बनाया गया है, जो कभी भी गिर सकता है
- गांव में बनाई गई व्यायामशाला के शेड, टाइलें आदि उखड़ रही हैं।
- गांव के चार जोहड़ों में जलखुंभी उगी हुई है, जिसमें जहरीले जीव पनप रहे हैं और न ही इसकी चहारदीवारी है।
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समस्याएं सिर्फ सुनीं, मौके पर जाकर नहीं देखा
एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने समस्याओं को सुना और अधिकारियों को इन्हें हल करने के निर्देश दिए। किसी भी अधिकारी ने समस्याएं सुनने के बाद मौके पर जाना उचित नहीं समझा और न ही किसी भी गली आदि का मुआयना किया।
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सरपंच ने रखी समस्या
धीन गांव के सरपंच नवनीत कुमार ने कहा कि पंचायत के पास सफाई कर्मचारी नहीं हैं। इस समय एक सफाई कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि वह भी गांव में सफाई करवाना चाहते हैं, लेकिन एक कर्मी के सहारे पूरे गांव की सफाई करवाना मुश्किल है। ऐसे में अधिकारी ने कहा कि पंचायत आवेदन करे, चार सफाई कर्मचारी रखे जाएंगे।
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कोट्स
जनता कैंप में समस्याएं मैंने सुन ली हैं। अगर उसके बाद भी कोई समस्या है तो शिकायतकर्ता मेरे कार्यालय में आकर मिल सकता है। जल्द ही समस्याओं का हल होगा। स्कूल की दीवार भी बना दी जाएगी, जबकि पटवारी सुरेश कुमार को पटवारखाने में बैठने के आदेश दिए जा चुके हैं।
-गिरीश कुमार, एसडीएम।
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जिन लोगों का राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं है, उनको ही राशन नहीं मिल रहा है, जबकि ऑनलाइन होने पर सभी को राशन मिल जाएगा। रही बात कीड़े युक्त राशन वितरण की शिकायत की, वह साफ ही सप्लाई हो रहा है।
-संदीप कुमार, खाद्य आपूर्ति अधिकारी।