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एक बार फिर स्वच्छता अभियान, अब तक कुछ भी हासिल नहीं
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:09 AM IST
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एक बार फिर स्वच्छता अभियान, तमाम कोशिशों के बाद भी अंबाला पिछड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। दो अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाएगा। प्रशासन की कोशिशों को तस्वीरें मुंह चिढ़ा रही हैं, जबकि योजनाओं का कोई फायदा आम जनता को नहीं हुआ। आज भी सड़कों के किनारे गंदगी है, जबकि योजनाओं का असर यह रहा है कि इन पर विवाद खड़े होते रहे हैं या फिर कुछ दिनों के बाद यह अपने पुराने ढर्रे पर चली गईं। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदिति स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 15 से 2 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इसमें आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी स्वयं भी श्रमदान करेंगे। इस पखवाड़े में उल्लेखनीय सहयोग देने वाले लोगों और प्रेरकों को 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर सम्मानित भी किया जायेगा।
यह है स्थिति
जिले में छह ब्लाक हैं, जिनमें से कैट व सिटी में नगर निगम है, जबकि बराड़ा व नारायणगढ़ में नगरपालिका हैं। इन सभी निकायों के तहत आने वाले क्षेत्रों की हालत यह है कि गंदगी के चलते लोग परेशान हैं। हर साल स्वच्छता अभियान चलाया जाता है लेकिन बाजारों के हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखता है। बराड़ा व नारायणगढ़ में जहां सफाई व्यवस्था को लेकर दावे किए जाते हैं, वहीं स्थिति इससे उलट है। इसी तरह नगर निगम अंबाला के क्षेत्र में भी यही हालात हैं। तमाम योजनाएं औंधे मुंह गिर चुकी हैं।
इन योजनाओं का नहीं हुआ असर
- रात के समय अंबाला के बाजारों की सफाई की योजना शुरू हुई और बंद हो गई
- निगम एरिया में सुलभ इंटरनेशनल के साथ टाइअप कर सफाई की योजना पर विवाद खड़ा हुआ
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बीते दस सालों में चल नहीं पाया
- ओपन युअर आइज यानी ओए का कोई असर दिखाई नहीं दिया
- मुंबई से कलाकार अंबाला की दीवारों पर स्वच्छता जागरूकता पेंटिंग कर गए, खास फायदा नहीं
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना ही विवादों में घिरी रही, हर घर से कूड़ा उठता नहीं
- कैंट के गांधी मैदान में बनाया डंपिंग प्वाइंट ही अब बंद करने की तैयारी है
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले अजय कुमार करधान, ग्रीवेंसिज कमेटी के पूर्व सदस्य सुनील ठाकुर, हरियाण मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के प्रधान इमरान खान, नेशनल एंटी क्रप्शन पब्लिक पावर के प्रधान कर्ण कुमार का कहना है कि सफाई को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, वे पूरे नहीं हो पाए हैं। निगम क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र हर जगह यह हालात हैं। यदि यही गति रही तो पता नहीं कितना समय लगेगा कि अंबाला को साफ सुथरा किया जाए। निकाय प्रशासन या जिला प्रशासन जो भी योजना बनाता है, उसे सख्ती से तो लागू करता नहीं, तो इसका फायदा फिर कैसे मिलेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। दो अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाएगा। प्रशासन की कोशिशों को तस्वीरें मुंह चिढ़ा रही हैं, जबकि योजनाओं का कोई फायदा आम जनता को नहीं हुआ। आज भी सड़कों के किनारे गंदगी है, जबकि योजनाओं का असर यह रहा है कि इन पर विवाद खड़े होते रहे हैं या फिर कुछ दिनों के बाद यह अपने पुराने ढर्रे पर चली गईं। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदिति स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 15 से 2 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इसमें आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी स्वयं भी श्रमदान करेंगे। इस पखवाड़े में उल्लेखनीय सहयोग देने वाले लोगों और प्रेरकों को 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर सम्मानित भी किया जायेगा।
यह है स्थिति
जिले में छह ब्लाक हैं, जिनमें से कैट व सिटी में नगर निगम है, जबकि बराड़ा व नारायणगढ़ में नगरपालिका हैं। इन सभी निकायों के तहत आने वाले क्षेत्रों की हालत यह है कि गंदगी के चलते लोग परेशान हैं। हर साल स्वच्छता अभियान चलाया जाता है लेकिन बाजारों के हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखता है। बराड़ा व नारायणगढ़ में जहां सफाई व्यवस्था को लेकर दावे किए जाते हैं, वहीं स्थिति इससे उलट है। इसी तरह नगर निगम अंबाला के क्षेत्र में भी यही हालात हैं। तमाम योजनाएं औंधे मुंह गिर चुकी हैं।
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इन योजनाओं का नहीं हुआ असर
- रात के समय अंबाला के बाजारों की सफाई की योजना शुरू हुई और बंद हो गई
- निगम एरिया में सुलभ इंटरनेशनल के साथ टाइअप कर सफाई की योजना पर विवाद खड़ा हुआ
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बीते दस सालों में चल नहीं पाया
- ओपन युअर आइज यानी ओए का कोई असर दिखाई नहीं दिया
- मुंबई से कलाकार अंबाला की दीवारों पर स्वच्छता जागरूकता पेंटिंग कर गए, खास फायदा नहीं
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना ही विवादों में घिरी रही, हर घर से कूड़ा उठता नहीं
- कैंट के गांधी मैदान में बनाया डंपिंग प्वाइंट ही अब बंद करने की तैयारी है
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले अजय कुमार करधान, ग्रीवेंसिज कमेटी के पूर्व सदस्य सुनील ठाकुर, हरियाण मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के प्रधान इमरान खान, नेशनल एंटी क्रप्शन पब्लिक पावर के प्रधान कर्ण कुमार का कहना है कि सफाई को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, वे पूरे नहीं हो पाए हैं। निगम क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र हर जगह यह हालात हैं। यदि यही गति रही तो पता नहीं कितना समय लगेगा कि अंबाला को साफ सुथरा किया जाए। निकाय प्रशासन या जिला प्रशासन जो भी योजना बनाता है, उसे सख्ती से तो लागू करता नहीं, तो इसका फायदा फिर कैसे मिलेगा।
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