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देश के होनहार खिलाडिय़ों के लिए हरियाणा के खुले हैं दरवाजे : विज
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:05 AM IST
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देश के होनहार खिलाड़ियों के लिए हरियाणा के खुले हैं दरवाजे : विज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। देश के हर होनहार खिलाड़ी के लिए हरियाणा के दरवाजे खुले हैं। यहां के खिलाड़ियों ने अपने दमखम से कामयाबी के झंडे गाड़े हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर हरियाणा सरकार ने भी उन्हें इनामों से नवाजने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हरियाणा की इसी खेल नीति को देखते हुए अन्य प्रदेशों के खिलाड़ी भी अब हरियाणा का रुख करके अपने खेल की धार को पैना कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हैं एथलीट अरपिंदर सिंह। वह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं और एशियन गेम्स में हरियाणा की तरफ से खेलते हुए ट्रिपल जंप में देश की झोली में गोल्ड मेडल डाला है।
बताया जाता है कि अरपिंदर सिंह ने हरियाणा की खेल नीति से प्रभावित होकर हरियाणा का रुख किया था जिसके सकारात्मक परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में सामने आए हैं। वहीं हरियाणा सरकार भी अपने सूबे के खिलाड़ियों का मान-सम्मान कर रही है। मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये देने के साथ सरकार इनके लिए अच्छी सरकारी नौकरी देने का ऐलान कर चुकी है जिससे पूरे देश में हरियाणा की खेल नीति की चर्चा है। अरपिंदर की जीत पर हरियाणा के खेल मंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि सारे देश में हरियाणा की खेल नीति सबसे बेहतर है। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को जहां महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश सिर्फ 50 लाख रुपये देते हैं वहीं हमारी सरकार इन्हें तीन करोड़ रुपये और एचसीएस या एचपीएस रैंक की नौकरी देती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। देश के हर होनहार खिलाड़ी के लिए हरियाणा के दरवाजे खुले हैं। यहां के खिलाड़ियों ने अपने दमखम से कामयाबी के झंडे गाड़े हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर हरियाणा सरकार ने भी उन्हें इनामों से नवाजने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हरियाणा की इसी खेल नीति को देखते हुए अन्य प्रदेशों के खिलाड़ी भी अब हरियाणा का रुख करके अपने खेल की धार को पैना कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हैं एथलीट अरपिंदर सिंह। वह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं और एशियन गेम्स में हरियाणा की तरफ से खेलते हुए ट्रिपल जंप में देश की झोली में गोल्ड मेडल डाला है।
बताया जाता है कि अरपिंदर सिंह ने हरियाणा की खेल नीति से प्रभावित होकर हरियाणा का रुख किया था जिसके सकारात्मक परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में सामने आए हैं। वहीं हरियाणा सरकार भी अपने सूबे के खिलाड़ियों का मान-सम्मान कर रही है। मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये देने के साथ सरकार इनके लिए अच्छी सरकारी नौकरी देने का ऐलान कर चुकी है जिससे पूरे देश में हरियाणा की खेल नीति की चर्चा है। अरपिंदर की जीत पर हरियाणा के खेल मंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि सारे देश में हरियाणा की खेल नीति सबसे बेहतर है। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को जहां महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश सिर्फ 50 लाख रुपये देते हैं वहीं हमारी सरकार इन्हें तीन करोड़ रुपये और एचसीएस या एचपीएस रैंक की नौकरी देती है।
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