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डाक्टरों की सलाह : बीमारियों से बचना है तो बदल लो लाइफ स्टाइल
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:48 AM IST
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हमारी आदतें ही बन रहीं हमें बीमार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डॉक्टरों ने अलर्ट किया है कि यदि जीवन शैली नहीं बदली तो आने वाले समय में लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालात यहां तक बिगड़ चुके हैं कि तीस साल की उम्र तक आते-आते युवा ऐसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, जो पहले पचास की उम्र के आसपास प्रभाव दिखाती थीं। साथ ही कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं, जो तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों की मानें, तो मोटापा, शुगर, सर्वाइकल, बॉडी पेन, ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम तो अब सामान्य बीमारियों में आने लगी हैं। ऐसे हालातों में लोगों को संभलकर रहना होगा, तभी वे स्वस्थ रह सकेंगे।
इस कारण से बढ़ रही हैं बीमारियां
लोगों में पैदल चलने का चलन अब नहीं रहा, वाहनों का ज्यादा उपयोग हो रहा है
फास्ट फूड की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है, जो कभी-कभी न होकर रूटीन में है
लोगों में व्यायाम की आदत छूट रही है। समस्या आने पर ही इसे शुरू करते हैं
छोटी सी भी शारीरिक समस्या होने पर दवाओं का सहारा लिया जाता है
कई बार छोटी समस्याओं को अनदेखा कर देते हैं, जो बाद में बड़ी बन जाती हैं
यह कहते हैं केमिस्ट
केमिस्ट ब्रिजेंद्र मल्होत्रा का कहना है कि उनके पास दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं। उनकी पर्चियों पर पेन किलर, शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट से संबंधित दवाइयां ज्यादा लिखी होती हैं। ऐसे मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत के आसपास है। इसके साथ ही पत्थरी के केस भी ज्यादा आने लगे हैं। सबसे खतरनाक स्थिति यह है कि मरीज अपने आप ही दवा की मांग करते हैं, जबकि डायग्नोस करवाने के बाद ही मरीज को दवा लेनी चाहिए।
यह कहते हैं डाक्टर
मोटापा एक ऐसी बीमार है, जो अन्य कई बीमारियों को जन्म देती है। यह भी कहा जा सकता है कि मोटापा ही सभी बीमारियों की जड़ है। यह स्थिति हर चौथे व्यक्ति के साथ है। अस्पताल में मरीज इसी कारण से उपजी बीमारियों के सबसे ज्यादा पहुंचते हैं। सभी को सलाह देते हैं कि डाइट चार्ट को अवश्य फॉलो करें। बीमार हैं, तो दवा खायें, साथ ही दिनचर्या के अनुसार ही जीवन शैली को अपनाएं।
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- डॉ. डीएस गोयल, एमडी मेडिसन अंबाला कैंट
फिजियोथैरेपी सेंटर में ऐसे युवा आते हैं, जो कमर दर्द, गर्दन दर्द से पीड़ित हैं। इसके अलावा मोटापा से छुटकारा पाने के लिए भी आ रहे हैं। यदि व्यक्ति चाहे, तो वह खुद ही अपने आप को बीमारी से बचा सकता है। यदि आप अनुशासन में रहते हैं, तो बीमारियों से बचेंगे, नहीं तो युवा अवस्था भी बीमारियों से अछूती नहीं है। जब लाइफस्टाइल को नहीं बदलेंगे, बीमारियां घेरेंगी।
- डॉ. मिलन दास, फिजियोथैरेपिस्ट अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डॉक्टरों ने अलर्ट किया है कि यदि जीवन शैली नहीं बदली तो आने वाले समय में लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालात यहां तक बिगड़ चुके हैं कि तीस साल की उम्र तक आते-आते युवा ऐसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, जो पहले पचास की उम्र के आसपास प्रभाव दिखाती थीं। साथ ही कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं, जो तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों की मानें, तो मोटापा, शुगर, सर्वाइकल, बॉडी पेन, ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम तो अब सामान्य बीमारियों में आने लगी हैं। ऐसे हालातों में लोगों को संभलकर रहना होगा, तभी वे स्वस्थ रह सकेंगे।
इस कारण से बढ़ रही हैं बीमारियां
लोगों में पैदल चलने का चलन अब नहीं रहा, वाहनों का ज्यादा उपयोग हो रहा है
फास्ट फूड की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है, जो कभी-कभी न होकर रूटीन में है
लोगों में व्यायाम की आदत छूट रही है। समस्या आने पर ही इसे शुरू करते हैं
छोटी सी भी शारीरिक समस्या होने पर दवाओं का सहारा लिया जाता है
कई बार छोटी समस्याओं को अनदेखा कर देते हैं, जो बाद में बड़ी बन जाती हैं
यह कहते हैं केमिस्ट
केमिस्ट ब्रिजेंद्र मल्होत्रा का कहना है कि उनके पास दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं। उनकी पर्चियों पर पेन किलर, शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट से संबंधित दवाइयां ज्यादा लिखी होती हैं। ऐसे मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत के आसपास है। इसके साथ ही पत्थरी के केस भी ज्यादा आने लगे हैं। सबसे खतरनाक स्थिति यह है कि मरीज अपने आप ही दवा की मांग करते हैं, जबकि डायग्नोस करवाने के बाद ही मरीज को दवा लेनी चाहिए।
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यह कहते हैं डाक्टर
मोटापा एक ऐसी बीमार है, जो अन्य कई बीमारियों को जन्म देती है। यह भी कहा जा सकता है कि मोटापा ही सभी बीमारियों की जड़ है। यह स्थिति हर चौथे व्यक्ति के साथ है। अस्पताल में मरीज इसी कारण से उपजी बीमारियों के सबसे ज्यादा पहुंचते हैं। सभी को सलाह देते हैं कि डाइट चार्ट को अवश्य फॉलो करें। बीमार हैं, तो दवा खायें, साथ ही दिनचर्या के अनुसार ही जीवन शैली को अपनाएं।
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- डॉ. डीएस गोयल, एमडी मेडिसन अंबाला कैंट
फिजियोथैरेपी सेंटर में ऐसे युवा आते हैं, जो कमर दर्द, गर्दन दर्द से पीड़ित हैं। इसके अलावा मोटापा से छुटकारा पाने के लिए भी आ रहे हैं। यदि व्यक्ति चाहे, तो वह खुद ही अपने आप को बीमारी से बचा सकता है। यदि आप अनुशासन में रहते हैं, तो बीमारियों से बचेंगे, नहीं तो युवा अवस्था भी बीमारियों से अछूती नहीं है। जब लाइफस्टाइल को नहीं बदलेंगे, बीमारियां घेरेंगी।
- डॉ. मिलन दास, फिजियोथैरेपिस्ट अंबाला