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सदन में पार्षद ने लाइट इंस्पेक्टर को बोला घटिया आदमी, निगम कमिश्नर के हस्तक्षेप पर हुए शांत
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:55 AM IST
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सदन में पार्षद ने लाइट इंस्पेक्टर को बोला घटिया आदमी, निगम कमिश्नर के हस्तक्षेप पर हुए शांत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अंबाला नगर निगम की बजट बैठक में निगम अधिकारियों और पिछले वादे पूरे न होने पर हंगामा हो गया। हंगामे के बीच के भाजपा के मनोनीत पार्षद सतपाल ढल ने लाइट इंस्पेक्टर को घटिया आदमी तक कह दिया। इसके बाद हालात बेकाबू होते देख निगम कमिश्नर को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। बैठक में निगम ने वर्ष 2018-19 का 105 करोड़ रुपये का बजट बिना किसी खास चर्चा और पार्षदों की सहमति के पास कर दिया गया।
डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल, पार्षद दलजीत सिंह भाटिया समेत कई पार्षदों ने कहा कि पिछली बैठक में विकास कार्यों के लिए पास की गई राशि अभी तक नहीं आई है। इससे विकास कार्य थमे हुए हैं। जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने राशि के आवंटन में भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अंबाला नगर निगम का कार्यकाल मई माह में पूरा होने वाला है। इस बैठक को निगम की अंतिम बैठक भी माना जा रहा है। पार्षद ने उनके वार्ड में लाइटें समय पर ठीक न करने और बदलने की समस्या बताई। लाइट इंस्पेक्टर पर दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए। इस बीच पार्षद ढल ने लाइट इंस्पेक्टर को घटिया आदमी तक कह दिया। पार्षद दिलीप चावला बिट्टू ने कहा कि ढल सबसे बुजुर्ग पार्षद हैं। लाइट इंस्पेक्टर को उनसे माफी मांगनी चाहिए। विवाद बढ़ने पर निगम कमिश्नर ने मामले को शांत कराया। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल, पार्षद दलीप चावला बिट्टू, दर्शना मेहता, रूपम गुगलानी, दलजीत सिंह भाटिया, हरीश शर्मा, हिम्मत सिंह, चित्रा सरवारा, जरनैल सिंह, जसबीर सिंह जस्सी, परमिंद्र सिंह परी, सुरिंद्र बिंद्रा आदि मौजूद रहे।
निगम ने इतनी दिखाई इनकम
पंचायत भवन में आयोजित निगम की बैठक की अध्यक्षता मेयर रमेश मल ने की। बैठक में आयुक्त सतेंद्र दुहन, संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह के अलावा 21 पार्षद और अधिकारी भी मौजूद थे। बजट में निगम की आय के रूप में प्रापर्टी टैक्स से 3450 लाख, दुकानों के किराए से 700 लाख, तहबाजारी से 30 लाख, स्टांप ड्यूटी से 2200 लाख, विकास शुल्क से 1000 लाख, एक्साइज हिस्से से 1000 लाख, एंट्री टैक्स से 160 लाख रुपये की आय के अलावा अन्य मदों से 1962 लाख रुपये की आय होने का अनुमान दिखाया गया। पार्षदों की मांग पर आयुक्त सतेंद्र दुहन ने सभी वार्डों में 25-25 लाख रुपये के विकास कार्य पार्षदों की अनुशंसा पर करवाने का आश्वासन भी दिया।
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यह बोले पार्षद
- पार्षद दलजीत सिंह भाटिया ने बैठक में कहा कि एक करोड़ दो लाख रुपये के कार्य पिछले तीन वर्ष से निगम अकाउंट में चल रहे है।
- पार्षद परविंद्र सिंह परी ने कहा कि एलडीई स्ट्रीट लाइट अभी लगाई गई हैं, वह खराब होनी आरंभ हो गई है। 70 प्रतिशत लाइटें खराब है। इन्हें बदला भी नहीं जा रहा। उन्होंने मांग उठाई की खराब लाइटों को बदला जाए।
- पार्षद बिटटू चावला का कहना था कि अक्तूबर महीने में जो बैठक हुई थी, उसमें कहा गया था कि प्रत्येक वार्ड में 50-50 ट्यूब लाइटें लगाई जाएंगी, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। निगम कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि 2-3 तीन दिन में विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- पार्षद हिम्मत सिंह ने कहा कि गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। जल्द ही फॉगिंग शुरू कराई जाए। कमिश्नर ने कहा कि पांच अप्रैल तक यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- पार्षद चित्रा सरवारा ने पिछले बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट का पार्षदों को यह ही पता नहीं लग पा रहा कि पिछले बजट के अनुसार फॉगिंग आदि पर कितना खर्च कहां- कहां हुआ।
- पार्षद सतपाल ढल ने कहा कि घटिया किस्म की एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। यह दो दिन के बाद ही खराब हो गई हैं। अन्य पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया।
यह बोले मेयर
मेयर रमेश मल ने कहा कि पास हुए बजट से अंबाला में विकास कार्यों में तेजी आएगी। हर क्षेत्र में बिना भेदभाव के काम कराए जाएंगे। हर पार्षद को 25-25 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाएंगे।
तीन अप्रैल को कोर्ट में मामले की सुनवाई
सरकार ने गत दिनों अंबाला नगर निगम को भंग करने के आदेश जारी किए थे, मगर हाईकोर्ट ने मामले में यथास्थिति रखते हुए सुनवाई की तारीख तीन अप्रैल को तय की थी। अब तीन अप्रैल को सुनवाई के दौरान अंबाला निगम का भविष्य तय होगा। यदि निगम भंग नहीं होता तो एक और बैठक भी संभव हो सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अंबाला नगर निगम की बजट बैठक में निगम अधिकारियों और पिछले वादे पूरे न होने पर हंगामा हो गया। हंगामे के बीच के भाजपा के मनोनीत पार्षद सतपाल ढल ने लाइट इंस्पेक्टर को घटिया आदमी तक कह दिया। इसके बाद हालात बेकाबू होते देख निगम कमिश्नर को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। बैठक में निगम ने वर्ष 2018-19 का 105 करोड़ रुपये का बजट बिना किसी खास चर्चा और पार्षदों की सहमति के पास कर दिया गया।
डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल, पार्षद दलजीत सिंह भाटिया समेत कई पार्षदों ने कहा कि पिछली बैठक में विकास कार्यों के लिए पास की गई राशि अभी तक नहीं आई है। इससे विकास कार्य थमे हुए हैं। जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने राशि के आवंटन में भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अंबाला नगर निगम का कार्यकाल मई माह में पूरा होने वाला है। इस बैठक को निगम की अंतिम बैठक भी माना जा रहा है। पार्षद ने उनके वार्ड में लाइटें समय पर ठीक न करने और बदलने की समस्या बताई। लाइट इंस्पेक्टर पर दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए। इस बीच पार्षद ढल ने लाइट इंस्पेक्टर को घटिया आदमी तक कह दिया। पार्षद दिलीप चावला बिट्टू ने कहा कि ढल सबसे बुजुर्ग पार्षद हैं। लाइट इंस्पेक्टर को उनसे माफी मांगनी चाहिए। विवाद बढ़ने पर निगम कमिश्नर ने मामले को शांत कराया। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल, पार्षद दलीप चावला बिट्टू, दर्शना मेहता, रूपम गुगलानी, दलजीत सिंह भाटिया, हरीश शर्मा, हिम्मत सिंह, चित्रा सरवारा, जरनैल सिंह, जसबीर सिंह जस्सी, परमिंद्र सिंह परी, सुरिंद्र बिंद्रा आदि मौजूद रहे।
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निगम ने इतनी दिखाई इनकम
पंचायत भवन में आयोजित निगम की बैठक की अध्यक्षता मेयर रमेश मल ने की। बैठक में आयुक्त सतेंद्र दुहन, संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह के अलावा 21 पार्षद और अधिकारी भी मौजूद थे। बजट में निगम की आय के रूप में प्रापर्टी टैक्स से 3450 लाख, दुकानों के किराए से 700 लाख, तहबाजारी से 30 लाख, स्टांप ड्यूटी से 2200 लाख, विकास शुल्क से 1000 लाख, एक्साइज हिस्से से 1000 लाख, एंट्री टैक्स से 160 लाख रुपये की आय के अलावा अन्य मदों से 1962 लाख रुपये की आय होने का अनुमान दिखाया गया। पार्षदों की मांग पर आयुक्त सतेंद्र दुहन ने सभी वार्डों में 25-25 लाख रुपये के विकास कार्य पार्षदों की अनुशंसा पर करवाने का आश्वासन भी दिया।
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यह बोले पार्षद
- पार्षद दलजीत सिंह भाटिया ने बैठक में कहा कि एक करोड़ दो लाख रुपये के कार्य पिछले तीन वर्ष से निगम अकाउंट में चल रहे है।
- पार्षद परविंद्र सिंह परी ने कहा कि एलडीई स्ट्रीट लाइट अभी लगाई गई हैं, वह खराब होनी आरंभ हो गई है। 70 प्रतिशत लाइटें खराब है। इन्हें बदला भी नहीं जा रहा। उन्होंने मांग उठाई की खराब लाइटों को बदला जाए।
- पार्षद बिटटू चावला का कहना था कि अक्तूबर महीने में जो बैठक हुई थी, उसमें कहा गया था कि प्रत्येक वार्ड में 50-50 ट्यूब लाइटें लगाई जाएंगी, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। निगम कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि 2-3 तीन दिन में विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- पार्षद हिम्मत सिंह ने कहा कि गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। जल्द ही फॉगिंग शुरू कराई जाए। कमिश्नर ने कहा कि पांच अप्रैल तक यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- पार्षद चित्रा सरवारा ने पिछले बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट का पार्षदों को यह ही पता नहीं लग पा रहा कि पिछले बजट के अनुसार फॉगिंग आदि पर कितना खर्च कहां- कहां हुआ।
- पार्षद सतपाल ढल ने कहा कि घटिया किस्म की एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। यह दो दिन के बाद ही खराब हो गई हैं। अन्य पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया।
यह बोले मेयर
मेयर रमेश मल ने कहा कि पास हुए बजट से अंबाला में विकास कार्यों में तेजी आएगी। हर क्षेत्र में बिना भेदभाव के काम कराए जाएंगे। हर पार्षद को 25-25 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाएंगे।
तीन अप्रैल को कोर्ट में मामले की सुनवाई
सरकार ने गत दिनों अंबाला नगर निगम को भंग करने के आदेश जारी किए थे, मगर हाईकोर्ट ने मामले में यथास्थिति रखते हुए सुनवाई की तारीख तीन अप्रैल को तय की थी। अब तीन अप्रैल को सुनवाई के दौरान अंबाला निगम का भविष्य तय होगा। यदि निगम भंग नहीं होता तो एक और बैठक भी संभव हो सकती है।