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12वीं के परीक्षा परिणाम में लड़कियों ने बजाया डंका, लड़के टॉप थ्री से बाहर
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12th Result,education
- फोटो : Ambala
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अंबाला। कर्म तेरे हाथों में हैं मन में आगे बढ़ने की आस मेहनत से कभी न पीछे हटाना खुद पर रखना विश्वास। पूरे होंगे सपने सारे फिर ही पूरी होगी सफलता की प्यास। बदल जाएगी जिंदगी तेरी तू आम से बन जाएगा खास। सीबीएसई के 12वीं कक्षा के नतीजों में जिले में टाप करने वाले होनहारों ने इन पंक्तियों के मायने साध दिए। आज तक आम बने यह विद्यार्थी परीक्षा परिणाम आने के बाद खास बन गए। इनमें मुरलीधर डीएवी स्कूल की मानवी मल्होत्रा ने नॉन मेडिकल में 99 और पीकेआर जैन पब्लिक स्कूल की नाज ने भी इतने ही अंक हासिल कर संयुक्त रूप से जिले में टाप किया। वहीं मुरलीधर स्कूल की आशी और आर्मी स्कूल की जन्नत संयुक्त रूप से 98.6 प्रतिशत अंक लेकर जिले में दूसरा और अपने-अपने संकाय में पहला स्थान पाया। इसी तरह पीकेआर जैन स्कूल की गगनप्रीत कौर और आर्मी पब्लिक स्कूल की मन्नत ने मेडिकल संकाय में संयुक्त रूप से 97 प्रतिशत अंक लेकर जिले में प्रथम स्थान पाया।
ये हैं जिले के टॉपर
सिविल इंजीनियर के बेटी मानवी होना चाहती देश को समर्पित
मुरलीधर डीएवी स्कूल अंबाला शहर की छात्रा मानवी मल्होत्रा ने कॉमर्स में 99 प्रतिशत अंक लेकर जिले में टॉप किया। मानवी ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश को समर्पित होना चाहती है। उनके पिता तरूण मल्होत्रा सिविल इंजीनियर है तो मां नमीता गृहिणी है। सफलता का मंत्र बताते हुए मानवी ने कहा कि हमें एग्जाम के दिनों में ही दिनरात डटकर नहीं पढ़ना चाहिए, बल्कि रोजाना ही स्कूल में करवाए जाने वाले काम को घर आकर भी दोहराना चाहिए। यहां तक पहुंचने के पीछे परिजनों के अलावा अध्यापकों का पूरा सहयोग है जिन्होंने हर कदम में उसका साथ दिया। मानवी ने बताया कि अंग्रेजी में 99, गणित 95, बिजनेस 100, अकाउंट्स 96, ग्यूजिक 100, इकनामिक्स में 100 अंक हासिल किए।
सभी विषयों में 99 अंक लेकर नाज गुलाटी बनी ऑटर्स टॉपर
पीकेआरजैन स्कूल अंबाला शहर की नाज गुलाटी ने आटर्स में 99 अंक लेकर अपने माता-पिता व स्कूल का नाम चमकाया। जगाधरी गेट निवासी नाज के अंग्रेजी में 99, हिंदी में 99, पॉलिटिकल में 99, इकनॉमिक्स में 99, हिस्ट्री में 99 अंक हासिल किए। नाज ने बताया कि पिता तजिंद्र पाल ईपीएफओ में जॉब करते हैं तो मां नीरज गृहिणी। सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि स्कूल में जो पढ़ाया और उसे समझकर अपनी जीवन में अपनाया। सभी को ऐसा ही करना चाहिए। अगर स्कूल में मन लगाकर विषय को समझा जाए तो उसे कभी भी भूला नहीं सकते। आईएएस बनने की सीढ़ी पर वह चढ़ चुकी है। अब तो केवल दौड़ना है। दसवीं कक्षा में 96.4 अंक आने पर वह काफी उदास थी और रिचेकिंग तक भरना चाहती थी। धीरे-धीरे कुछ को समझाया और आज टॉप किया। पढ़ाई में प्रिंसिपल नीरू शर्मा ने हमेशा ही उनका साथ दिया।
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बैंक मैनेजर की बेटी जन्नत ने नॉनमेडिकल में लिए 98.6 अंक
नॉनमेडिकल में 98.6 अंक हासिल करने वाली जन्नत दत्ता आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा है। पिता विमल दत्ता
पीएनबी बैंक रेलवे स्टेशन में जहां बैंक मैनेजर है तो मां सुनीता दत्ता गृहिणी है। जन्नत का कहना था कि वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती है। सेल्फ स्टडी के साथ-साथ हमेशा शिक्षक के संपर्क में रहे और उनसे हर टॉपिक पर बात कर क्लीयर किया। बताया कि 10 कक्षा में 97. 4 स्कूल लेकर टॉपर थी। सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि पढ़ाई के अलावा अखबार व दूसरी बुक पढ़ने का भी शौक रखना चाहिए। सबसे ज्यादा जरुरी है टाइम टेबल। अगर वो तैयार नहीं है परेशानी आ सकती है।
जूनियर विंग में मां शिक्षक तो बेटी सीनियर विंग में आई टॉप
मुरलीधर डीएवी स्कूल अंबाला शहर के छात्रा ने नॉन मेडिकल में भी टॉप किया। छात्रा आशी ने दिनरात अपनी पढ़ाई की बदौलत 98.6 अंक हासिल किए। पेशे के बिजनेसमैन पिता संजीव कुमार व माता भारती उसकी स्कूल की जूनियर विंग में गणित की शिक्षक है जहां उसने टॉप किया। आशी ने बताया कि गणित में 100, फिजिक्स 98, केमिस्ट्री 97, अंग्रेजी 99, आईटी 99 अंक हासिल किए। वह रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करती थी। अगर पढ़ाई चल रही है तो सिर्फ पढ़ाई ही होती थी। सफलता का मंत्र सांझा करते हुए कहा कि हर बच्चे को सयंम के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। कुछ भी मुश्किल नहीं होता, जरुरत होती है तो सिर्फ उसे अच्छी तरह समझने की।
हृदय रोग विशेषज्ञ बनने का सपना
गगनप्रीत कौर ने बताया कि मेडिकल संकाय में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पिता गुरचरण सिंह फार्मासिस्ट व माता अमरजीत कौर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहड़ा में अध्यापक हैं। गगनप्रीत ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह रोजाना 5 से 6 घंटे नियमित पढ़ाई करती हूं। गगनप्रीत ने कहा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है। गगन का बड़ा भाई रमनदीप सिंह बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र। गगनप्रीत ने बताया कि बताया स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था उसे घर जाकर भी रिवाइज करती थी। उन्होंने सोशल मीडिया से दूर रहकर किताबों की और अधिक ध्यान दिया। अमर उजाला से बातचीत में गगनप्रीत ने बताया कि वह हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है ताकि जनसेवा की जा सके। उसने कहा कि इस क्षेत्र में अभी काफी काम करने की जरूरत है।
पेट पर एलर्जी के कारण दुखी हुई पर हिम्मत से पाया मुकाम
आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा मन्नत ने 97 प्रतिशत अंक मेडिकल संकाय में हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया। मन्नत के पेट पर परीक्षाओं के दौरान एलर्जी हो गई थी। हालात यह थी कि एक बार तो परीक्षा दे या न दे यह तो सोचने को विवश होना पड़ा लेकिन मन्नत ने हिम्मत नहीं हारी और न केवल परीक्षा दी बल्कि जिले में मेडिकल संकाय में टाप किया। मन्नत के पिता मोहर सिंह आर्मी से रिटायर्ड हवलदार हैं। मां रजनी चौहान गृहिणी है। मन्नत ने बताया कि परीक्षाओं में बीमारी के दौरान भी माता-पिता ने हौसला बढ़ाया। अब वह हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है। मन्नत ने कहा कि जो भी स्कूल और ट्यूशन के दौरान काम मिलता है उसे साथ की साथ रिवाइज करते रहना चाहिए।
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ये हैं जिले के टॉपर
सिविल इंजीनियर के बेटी मानवी होना चाहती देश को समर्पित
मुरलीधर डीएवी स्कूल अंबाला शहर की छात्रा मानवी मल्होत्रा ने कॉमर्स में 99 प्रतिशत अंक लेकर जिले में टॉप किया। मानवी ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश को समर्पित होना चाहती है। उनके पिता तरूण मल्होत्रा सिविल इंजीनियर है तो मां नमीता गृहिणी है। सफलता का मंत्र बताते हुए मानवी ने कहा कि हमें एग्जाम के दिनों में ही दिनरात डटकर नहीं पढ़ना चाहिए, बल्कि रोजाना ही स्कूल में करवाए जाने वाले काम को घर आकर भी दोहराना चाहिए। यहां तक पहुंचने के पीछे परिजनों के अलावा अध्यापकों का पूरा सहयोग है जिन्होंने हर कदम में उसका साथ दिया। मानवी ने बताया कि अंग्रेजी में 99, गणित 95, बिजनेस 100, अकाउंट्स 96, ग्यूजिक 100, इकनामिक्स में 100 अंक हासिल किए।
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सभी विषयों में 99 अंक लेकर नाज गुलाटी बनी ऑटर्स टॉपर
पीकेआरजैन स्कूल अंबाला शहर की नाज गुलाटी ने आटर्स में 99 अंक लेकर अपने माता-पिता व स्कूल का नाम चमकाया। जगाधरी गेट निवासी नाज के अंग्रेजी में 99, हिंदी में 99, पॉलिटिकल में 99, इकनॉमिक्स में 99, हिस्ट्री में 99 अंक हासिल किए। नाज ने बताया कि पिता तजिंद्र पाल ईपीएफओ में जॉब करते हैं तो मां नीरज गृहिणी। सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि स्कूल में जो पढ़ाया और उसे समझकर अपनी जीवन में अपनाया। सभी को ऐसा ही करना चाहिए। अगर स्कूल में मन लगाकर विषय को समझा जाए तो उसे कभी भी भूला नहीं सकते। आईएएस बनने की सीढ़ी पर वह चढ़ चुकी है। अब तो केवल दौड़ना है। दसवीं कक्षा में 96.4 अंक आने पर वह काफी उदास थी और रिचेकिंग तक भरना चाहती थी। धीरे-धीरे कुछ को समझाया और आज टॉप किया। पढ़ाई में प्रिंसिपल नीरू शर्मा ने हमेशा ही उनका साथ दिया।
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बैंक मैनेजर की बेटी जन्नत ने नॉनमेडिकल में लिए 98.6 अंक
नॉनमेडिकल में 98.6 अंक हासिल करने वाली जन्नत दत्ता आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा है। पिता विमल दत्ता
पीएनबी बैंक रेलवे स्टेशन में जहां बैंक मैनेजर है तो मां सुनीता दत्ता गृहिणी है। जन्नत का कहना था कि वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती है। सेल्फ स्टडी के साथ-साथ हमेशा शिक्षक के संपर्क में रहे और उनसे हर टॉपिक पर बात कर क्लीयर किया। बताया कि 10 कक्षा में 97. 4 स्कूल लेकर टॉपर थी। सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि पढ़ाई के अलावा अखबार व दूसरी बुक पढ़ने का भी शौक रखना चाहिए। सबसे ज्यादा जरुरी है टाइम टेबल। अगर वो तैयार नहीं है परेशानी आ सकती है।
जूनियर विंग में मां शिक्षक तो बेटी सीनियर विंग में आई टॉप
मुरलीधर डीएवी स्कूल अंबाला शहर के छात्रा ने नॉन मेडिकल में भी टॉप किया। छात्रा आशी ने दिनरात अपनी पढ़ाई की बदौलत 98.6 अंक हासिल किए। पेशे के बिजनेसमैन पिता संजीव कुमार व माता भारती उसकी स्कूल की जूनियर विंग में गणित की शिक्षक है जहां उसने टॉप किया। आशी ने बताया कि गणित में 100, फिजिक्स 98, केमिस्ट्री 97, अंग्रेजी 99, आईटी 99 अंक हासिल किए। वह रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करती थी। अगर पढ़ाई चल रही है तो सिर्फ पढ़ाई ही होती थी। सफलता का मंत्र सांझा करते हुए कहा कि हर बच्चे को सयंम के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। कुछ भी मुश्किल नहीं होता, जरुरत होती है तो सिर्फ उसे अच्छी तरह समझने की।
हृदय रोग विशेषज्ञ बनने का सपना
गगनप्रीत कौर ने बताया कि मेडिकल संकाय में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पिता गुरचरण सिंह फार्मासिस्ट व माता अमरजीत कौर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहड़ा में अध्यापक हैं। गगनप्रीत ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह रोजाना 5 से 6 घंटे नियमित पढ़ाई करती हूं। गगनप्रीत ने कहा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है। गगन का बड़ा भाई रमनदीप सिंह बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र। गगनप्रीत ने बताया कि बताया स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था उसे घर जाकर भी रिवाइज करती थी। उन्होंने सोशल मीडिया से दूर रहकर किताबों की और अधिक ध्यान दिया। अमर उजाला से बातचीत में गगनप्रीत ने बताया कि वह हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है ताकि जनसेवा की जा सके। उसने कहा कि इस क्षेत्र में अभी काफी काम करने की जरूरत है।
पेट पर एलर्जी के कारण दुखी हुई पर हिम्मत से पाया मुकाम
आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा मन्नत ने 97 प्रतिशत अंक मेडिकल संकाय में हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया। मन्नत के पेट पर परीक्षाओं के दौरान एलर्जी हो गई थी। हालात यह थी कि एक बार तो परीक्षा दे या न दे यह तो सोचने को विवश होना पड़ा लेकिन मन्नत ने हिम्मत नहीं हारी और न केवल परीक्षा दी बल्कि जिले में मेडिकल संकाय में टाप किया। मन्नत के पिता मोहर सिंह आर्मी से रिटायर्ड हवलदार हैं। मां रजनी चौहान गृहिणी है। मन्नत ने बताया कि परीक्षाओं में बीमारी के दौरान भी माता-पिता ने हौसला बढ़ाया। अब वह हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है। मन्नत ने कहा कि जो भी स्कूल और ट्यूशन के दौरान काम मिलता है उसे साथ की साथ रिवाइज करते रहना चाहिए।