फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   आयुष्मान भारत योजना पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने उठाए सवाल

आयुष्मान भारत योजना पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने उठाए सवाल

Tue, 30 Oct 2018 12:52 AM IST
Updated Tue, 30 Oct 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने उठाए सवाल
आयुष्मान भारत योजना पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने उठाए सवाल
विज्ञापन

सिजेरियन, फ्रेक्चर, मोतियाबिंद, हर्निया समेत 254 पैकेज निजी अस्पतालों से बाहर
निजी अस्पतालों ने नाम हटवाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
बोले- आम आदमी और निजी अस्पतालों के लिए उपयोगी नहीं है योजना
आलोक सिंह रघुवंशी
अंबाला कैंट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य को झटका लग गया है। पैनल में शामिल कई निजी अस्पतालों ने योजना पर ही सवाल उठा दिए हैं। साथ ही पैनल से नाम हटाने के लिए उन्होंने संयुक्त रूप से हरियाणा सरकार, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सीएमओ के माध्यम से पत्र भेजा है। उनका कहना है कि 1354 में से 254 पैकेज निजी अस्पतालों से बाहर हैं। इसलिए यह योजना न तो आम आदमी के लिए और न ही निजी अस्पतालों के लिए उपयोगी है।
बता दें कि 23 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया था। इसमें स्वेच्छा से शामिल हुए अंबाला के कई निजी अस्पतालों ने विरोध जताया है। उन्होंने सीएमओ को पत्र के माध्यम से योजना की खामियों को गिनाते हुए अवगत कराया है कि वे पैनल से हटना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत से अधिक बीमारियां जिनसे लोग प्रभावित होता है, उसका इलाज वह सरकारी अस्पताल में ही करा पाएगा। कार्डधारक मरीज सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों में आते हैं, जिस कारण उनको समझाना मुश्किल होगा। जागरूकता की कमी के कारण कार्डधारक व्यक्ति निजी अस्पताल में ही इलाज के लिए दबाव बनाएंगे, जो मुश्किल का कारण बनेगा। साथ ही अब तक उन्हें हस्ताक्षरित एमओयू की प्रति तक नहीं दी गई है। इसके अलावा जुर्माने का मापदंड भी कठोर हैं जोकि हमें स्वीकार्य नहीं हैं। यही नहीं योजना के तहत सरकारी अस्पताल द्वारा निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया है, जोकि भ्रष्ट नीति को बढ़ावा देगा। इस संबंध में तत्कालीन सीएमओ अशोक कुमार ने माना था कि निजी अस्पतालों की ओर से पत्र मिला है। उन्होंने सरकार अस्पताल से संबद्ध कुछ बीमारियों को निजी अस्पताल में भी शामिल करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

पत्र में ये सवाल भी उठाए
- निजी अस्पतालों को इंफ्रास्ट्रक्चर व स्टाफ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
- निजी अस्पतालों को केवल उन मरीजों के इलाज के लिए जिम्मेदार होना चाहिए, जो योजना के लिए सरकार द्वारा प्रदान किए गए अपने गोल्डन कार्ड या किसी अन्य कार्ड या पत्र को साथ लाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- यदि कुछ लिपिक गलती या मामूली समस्याओं के कारण कोई दावा खारिज कर दिया जाता है तो अस्पताल द्वारा दोहराने के लिए पुनरावृत्ति या स्पष्टीकरण की कोई प्रक्रिया नहीं है।
1354 में से 254 पैकेज नहीं हैं शामिल
डिलीवरी के लिए सिजेरियन, नॉर्मल डिलीवरी, डायलिसिस, फ्रैक्चर, मोतियाबिंद, काले मोतिया, सफेद मोतिया के आपरेशन, हर्निया, ट्यूमर, पित्त की पथरी, हड्डी की प्लेटें बदलने, अल्सर समेत 254 पैकेज निजी अस्पतालों से बाहर हैं।
पेनल्टी में तीन गुना राशि लौटाने का है प्रावधान
योजना में निजी अस्पतालों द्वारा किसी मरीज का इलाज करने व रुपये देने के बाद अगर मरीज ने ई-कार्ड होने का दावा कर दिया तो तीन गुना रुपये लौटाने का प्रावधान है। साथ ही डी-पैनल यानी स्कीम के पैनल से बाहर कर दिया जाएगा। यही नहीं अन्य स्कीमों से जुड़े होंगे तो उनसे भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
यह निजी अस्पताल शामिल अंबाला में
निजी अस्पतालों में पीसी शर्मा आई अस्पताल, मेहंदीरत्ता अस्पताल, जसपाल नर्सिंग होम, अग्रवाल हार्ट एवं सर्जिकल अस्पताल, ईश्वर अस्पताल, लीलावंती अस्पताल, अनेजा अस्पताल, सारवाल अस्पताल, संजीवनी आई एंड मेडीकेयर सेंटर, ढिल्लों नर्सिंग होम, श्री ओंकार आई अस्पताल, एमएम अस्पताल, सी लाल अस्पताल व अन्य अस्पताल भी शामिल हैं।

--------------
कोट्स
शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी मिली है। योजना के नोडल अधिकारी से पूरी डिटेल मंगाई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-संतलाल, सीएमओ, अंबाला।
--------
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत सफल रही है। इसके अंतर्गत देश में 13 हजार अस्पताल शामिल हुए हैं। निजी अस्पताल स्वेच्छा से स्कीम से जुड़ रहे हैं। रही बात हटने की तो यह उनकी मर्जी है।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed