{"_id":"5b0b00b14f1c1bf26e8b4db3","slug":"121527447729-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- बोली, नहीं डरने वाली आशा वर्कर 7 व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- बोली, नहीं डरने वाली आशा वर्कर 7 व
Updated Mon, 28 May 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अंबाला कैंट। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन विभाग की चेतावनी के बाद आशा वर्कर्स बिफर गई हैं। आशा वर्कर्स ने अपनी भड़ास निकालने के लिए रविवार को कैंट के इंदिरा पार्क में एकत्रित हुई। जहां दो घंटे तक लगातार आशा वर्कर्स ने विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद जिला प्रधान अंजू वर्मा व सचिव प्रेम लता की अध्यक्षता में हाथों में बैनर व नोटिस की प्रतियां लेकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित भगत राम शुक्ला चौक पर पहुंची। करीब आधा घंटा नारेबाजी करने के बाद आशा वर्कर्स ने विभाग के नोटिस की प्रतियों को आग के हवाले कर दिया।
अंजू वर्मा ने कहा कि मांगों को मनवाने को लेकर आशा वर्कर्स 17 से 31 जनवरी तक हड़ताल पर रहीं। एक फरवरी को मांगों को लेकर सरकार के साथ समझौता हुआ था। जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसी मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के एमडी से सचिव मंडल राज्य कमेटियों से बातचीत हुई थी लेकिन चार माह बीत गए हैं अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उल्टा विभाग ने हमें नोटिस भेज दिया है कि वह हड़ताल नहीं करेंगी। अगर हड़ताल की तो वर्कर्स को हटा दिया जाएगा और नई वर्कर्स रख ली जाएगी। इससे साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार की नीयत में खोट है। प्रधान अंजू वर्मा ने कहा कि आशा वर्कर इस तरह की धमकी से डरने वाली नहीं है और 7 व 8 जून को हड़ताल करेंगी। इस दौरान उप प्रधान प्रेम लता, सचिव कविता, पुष्पा, परमजीत, हरजीत, सरोज, रजनी, कृष्णा, सुनीता, सुनीता, सीटू के जिला के सेक्रेटरी कामरेड रमेश आदि मौजूद रहे।
इस नोटिस से बिफरी आशा वर्कर्स
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा भेजे गए नोटिस में आशा वर्कर्स को कहा गया है कि यूनियनों द्वारा भेजे गए ज्ञापनों में 7 व 8 जून को दोबारा हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का जिक्र किया गया है जोकि स्वीकार योग्य नहीं है। पिछले एक साल के दौरान यूनियन द्वारा हड़ताल, धरना व प्रदर्शन कर चुकी है जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मूल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है और जिस उद्देश्य से आशा का कार्य सौंपा गया है वह सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। अगर 7 व 8 जून को दोबारा हड़ताल, धरना-प्रदर्शन किया गया तो कार्य मुक्त कर दिया जाएगा और नई आशा वर्कर्स लगा दी जाएगी।
अंजू वर्मा ने कहा कि मांगों को मनवाने को लेकर आशा वर्कर्स 17 से 31 जनवरी तक हड़ताल पर रहीं। एक फरवरी को मांगों को लेकर सरकार के साथ समझौता हुआ था। जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसी मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के एमडी से सचिव मंडल राज्य कमेटियों से बातचीत हुई थी लेकिन चार माह बीत गए हैं अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उल्टा विभाग ने हमें नोटिस भेज दिया है कि वह हड़ताल नहीं करेंगी। अगर हड़ताल की तो वर्कर्स को हटा दिया जाएगा और नई वर्कर्स रख ली जाएगी। इससे साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार की नीयत में खोट है। प्रधान अंजू वर्मा ने कहा कि आशा वर्कर इस तरह की धमकी से डरने वाली नहीं है और 7 व 8 जून को हड़ताल करेंगी। इस दौरान उप प्रधान प्रेम लता, सचिव कविता, पुष्पा, परमजीत, हरजीत, सरोज, रजनी, कृष्णा, सुनीता, सुनीता, सीटू के जिला के सेक्रेटरी कामरेड रमेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस नोटिस से बिफरी आशा वर्कर्स
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा भेजे गए नोटिस में आशा वर्कर्स को कहा गया है कि यूनियनों द्वारा भेजे गए ज्ञापनों में 7 व 8 जून को दोबारा हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का जिक्र किया गया है जोकि स्वीकार योग्य नहीं है। पिछले एक साल के दौरान यूनियन द्वारा हड़ताल, धरना व प्रदर्शन कर चुकी है जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मूल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है और जिस उद्देश्य से आशा का कार्य सौंपा गया है वह सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। अगर 7 व 8 जून को दोबारा हड़ताल, धरना-प्रदर्शन किया गया तो कार्य मुक्त कर दिया जाएगा और नई आशा वर्कर्स लगा दी जाएगी।
विज्ञापन