{"_id":"5abd37444f1c1bd7618b46d6","slug":"121522349892-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजा अध्यापक दो अप्रैल को रहेंगे सामूहिक अवकाश पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजा अध्यापक दो अप्रैल को रहेंगे सामूहिक अवकाश पर
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजा अध्यापक दो अप्रैल को रहेंगे सामूहिक अवकाश पर
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ खंड नारायणगढ़ की बैठक वीरवार को प्रधान कमलदीप हुसैनी की अध्यक्षता में स्थानीय अंबेडकर भवन में हुई। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर भारत सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करवाने के लिए दो अप्रैल 2018 को सभी अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
सदस्यों ने कहा कि हजरस भारत सरकार का ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले की ओर दिलाना चाहता है। इसके अंतर्गत अब अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकती। न्यायालय के फैसले के बाद इस अधिनियम की प्रासंगिकता समाप्त हो गई है। इस कारण अनुसूचित जाति/जनजाति में रोष व्याप्त है। इसी को लेकर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के आह्वान पर सभी अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापक और अन्य कर्मचारी इस फैसले के विरोधस्वरूप और भारत सरकार से उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका की मांग को लेकर 2 अप्रैल 2018 को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अवसर पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र नरवाल, राममूर्ति दास, श्रुतिकांत, संजीव कोचर, राम कुमार, राम निवास, सुरेश कुमार, रामपाल, रणजीत, प्रदीप, राजेश, कमल कुमार, रवि कुमार, विनय, प्रवीण, हरपाल, संजीव कुमार आदि सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ खंड नारायणगढ़ की बैठक वीरवार को प्रधान कमलदीप हुसैनी की अध्यक्षता में स्थानीय अंबेडकर भवन में हुई। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर भारत सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करवाने के लिए दो अप्रैल 2018 को सभी अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
सदस्यों ने कहा कि हजरस भारत सरकार का ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले की ओर दिलाना चाहता है। इसके अंतर्गत अब अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकती। न्यायालय के फैसले के बाद इस अधिनियम की प्रासंगिकता समाप्त हो गई है। इस कारण अनुसूचित जाति/जनजाति में रोष व्याप्त है। इसी को लेकर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के आह्वान पर सभी अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापक और अन्य कर्मचारी इस फैसले के विरोधस्वरूप और भारत सरकार से उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका की मांग को लेकर 2 अप्रैल 2018 को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अवसर पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र नरवाल, राममूर्ति दास, श्रुतिकांत, संजीव कोचर, राम कुमार, राम निवास, सुरेश कुमार, रामपाल, रणजीत, प्रदीप, राजेश, कमल कुमार, रवि कुमार, विनय, प्रवीण, हरपाल, संजीव कुमार आदि सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन