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- रोड बर्म पर हो रहे निर्माण कार्य का लोगों ने विरोध जताया व निर्माण तुड़वाया
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:49 PM IST
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डिफेंस कालोनी रोड पर निर्माण को लेकर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सेना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली डिफेंस कालोनी रोड को सेना द्वारा बंद करने की जानकारी मिलते ही शनिवार दोपहर को लोगों ने मौके पर पहुंचा बवाल खड़ा कर दिया। रोड पर चल रहे निर्माण कार्य को रूकवाया गया जिसके बाद उसे ध्वस्त कर दिया गया। रोड बर्म पर सेना द्वारा सीमेंट के पिल्लर खड़े किए जा रहे थे जिन्हें तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं कटर से लोहे की ग्रिल भी लोगों ने काट दी। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर तोपखाना चौकी पुलिस पहुंची जिसने लोगों को शांत करवाया। उधर हंगामा होते देख निर्माण कार्य में लगी ठेकेदार की लेबर मौके से खिसक गई जबकि मौके पर कोई भी सैन्य अधिकारी नहीं पहुंचा। एक माह में दूसरी बार लोगों ने यहां पर विरोध जताया है। मौके पर मौजूद कैंटोनमेंट बोर्ड पार्षदों व पूर्व पार्षदों ने कहा कि यदि भविष्य में भी सेना द्वारा इस रोड को बंद करने का प्रयास किया गया तो इसका पुरजोर तरीके से विरोध जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना पहले ही किचनर रोड सिविलियन के लिए बंद करने का प्रयास कर रही है और अब एक और रोड को बंद करने के लिए निर्माण किया जा रहा है जोकि किसी भी सूरत में सही नहीं है। बता दें कि शुक्रवार से रविवार तक सरकारी छुट्टी है और इन दिनों में तेजी से यहां पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। उधर, मामले की जानकारी पार्षदों ने कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारियों को भी दी है जिनकी जमीन पर यह निर्माण कार्य सेना द्वारा किया जा रहा था।
कालोनी आने-जाने के लिए है मुख्य रास्ता
डिफेंस कालोनी रोड बंद करने की सूचना मिलते ही मौके पर कैंटोनमेंट बोर्ड की पार्षद आशीमा, लक्ष्मी देवी, पूर्व पार्षद राज कुमार राजा, ललित कुमार सहित इलाके के दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से यहां पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। मगर पहले उन्होंने इसपर गौर नहीं किया। रोड बर्म पर नींव खोदकर यहां पर पिल्लर लगाने का काम चल रहा है। मौके पर मौजूद डिफेंस कालोनी निवासियों ने बताया कि सेना की योजना इस रोड को सिविलियन के लिए बंद करने की है क्योंकि बीते कुछ दिनों से यहां से गुजरने वाली ट्रेक्टर ट्राली या अन्य वाहन को निकलने नहीं दिया जाता और इसे तोपखाना परेड के रास्ते मोड़ दिया जाता है जोकि करीब तीन से चार किमी. लंबा व घुमावदार रास्ता है। कैंट सदर क्षेत्र से डिफेंस कालोनी जाने के लिए स्टाफ रोड से आगे डिफेंस कालोनी रोड सीधा मार्ग है जिसे सेना अब बंद करने का प्रयास कर रही है। लोगों ने कहा कि सेना की इस दादागिरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी सेना सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई प्रमुख सड़के सिविलियन के लिए बंद कर चुके हैं। इससे तोपखाना, तोपखाना परेड, टुंडला, टुंडली, माली परेड, डिफेंस कालोनी, कलरहेड़ी आदि के निवासियों को परेशानी हो रही है। लोगों ने रोड के दोनों तरफ लगाए जा रहे पिल्लर व ग्रिल को तोड़ दिया। मौके पर मौजूद ठेकेदार व उसकी लेबर ने सामान को समेटा जिसके बाद वह मौके से खिसक गए।
बोर्ड जारी कर चुकी सेना को नोटिस, फिर भी निर्माण
डिफेंस कालोनी की रोड बर्म पर निर्माण किया जा रहा है और रोड बर्म कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आती है जबकि मुख्य रोड एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) के अधीन है। रोड बर्म पर किसी तरह का भी कोई निर्माण करने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड की अनुमति लेना जरूरी होता है, मगर यहां पर किसी तरह की कोई अनुमति बोर्ड से नहीं ली गई है। पूर्व में जब एमईएस ने ठेकेदार के मार्फत निर्माण कराना चाहा था तो कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारियों ने इस मामले में सेना को नोटिस दिया था। मगर बावजूद इसके सेना नोटिस की कोई परवाह नहीं कर रही है। बोर्ड द्वारा इसकी शिकायत तोपखाना चौकी पुलिस में भी दी गई थी जिसपर पुलिस द्वारा भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
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इस वजह से दिया जा रहा सुरक्षा हवाला
बता दें कि सेना द्वारा पूर्व में भी सैन्य क्षेत्र में सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रमुख सड़कों को बंद किया जा चुका है। अब डिफेंस कालोनी के जिस हिस्से को बंद किया जा रहा है उसके ठीक साथ खड्ग कोर के जीओसी का निवास है। इसी रोड से कुछ आगे डिफेंस कालोनी, टुंडला, माली परेड आदि का रास्ता है जहां हजारों की आबादी है। रोड बंद होने से हजारों लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी।
किचनर रोड बंद करने के लिए आपत्तियां भेजी
सेना ने कुछ दिन पहले ही खड्ग कोर मुख्यालय के निकट किचनर रोड को भी सुरक्षा का हवाला देते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड के माध्यम से अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी है। हालांकि इससे पहले भी एक अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें बोर्ड को 135 आपत्तियां मिली थी। अब पुन: आपत्तियां लोगों द्वारा दी गई है और जनता से लेकर पार्षद तक रोड बंद करने के हक में नहीं है।
यह बोले बोर्ड के नुमाइंदे
- मामले की जानकारी मिलते ही बोर्ड अधिकारियों से बातचीत की गई थी। यहां पर सेना द्वारा निर्माण कराया जा रहा है और इस संबंध में जब सैन्य अधिकारियों से संपर्क किया तो किसी ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। यहां पर रोड को बिल्कुल भी बनने नहीं दिया जाएगा। अजय बवेजा, उपाध्यक्ष, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
- सेना कई सड़कों को पूर्व में बंद कर चुकी है। किचनर रोड बंद करने के लिए अधिसूचना जारी है और अब नई रोड बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। अब सरकारी छुट्टियां तीन दिन तक है और बोर्ड कार्यालय भी बंद है। इसी समय जानबूझ कर तेजी से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था जिसका लोगों ने विरोध जताया है।
आशीमा, पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
- रोड बंद करने का प्रयास सेना कर रही है जिसका हर स्तर पर विरोध जताया जाएगा। यदि रोड बंद होती है तो कई किलोमीटर घूमकर लोगों को जाना पड़ेगा। सेना गलत नीति अपना रही है और लोग परेशान हो रहे हैं।
लक्ष्मी देवी, पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला
- लोगों ने पूर्व में भी रोड बंद करने का विरोध जताया था, लेकिन सेना फिर जानबूझकर सिविलियन के लिए रोड बंद करने के लिए रोड किनारे दीवार बनाने में लगी है। यहां दशकों से लोग रह रहे हैं जिनका ध्यान नहीं किया जा रहा है।
राज कुमार राजा, पूर्व पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड।
- बीते कुछ दिनों से लगातार कर्मी यहां पर काम तेज कर रहे हैं। मुझे जानकारी मिली तो बोर्ड अधिकारियों व पुलिस के नोटिस में बात डाली गई। अब लोगों ने मौके पर पहुंच काम को रूकवाया गया है। सेना सिविलियन के साथ भेदभाव कर रही है।
ललित कुमार, पूर्व पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड।
- पुलिस ने दोपहर मौके पर पहुंच लोगों को शांत करवाया व उन्हें मौके से हटवाया है। इस मामले में शनिवार शाम तक किसी भी पक्ष द्वारा कोई शिकायत नहीं मिली थी। दिसंबर माह में कैंटोनमेंट बोर्ड ने शिकायत दी थी जिस पर डीडीआर दर्ज है और किसी भी पार्टी को यहां काम नहीं करने को कहा था।
बलकार सिंह, चौकी प्रभारी, तोपखाना।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सेना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली डिफेंस कालोनी रोड को सेना द्वारा बंद करने की जानकारी मिलते ही शनिवार दोपहर को लोगों ने मौके पर पहुंचा बवाल खड़ा कर दिया। रोड पर चल रहे निर्माण कार्य को रूकवाया गया जिसके बाद उसे ध्वस्त कर दिया गया। रोड बर्म पर सेना द्वारा सीमेंट के पिल्लर खड़े किए जा रहे थे जिन्हें तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं कटर से लोहे की ग्रिल भी लोगों ने काट दी। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर तोपखाना चौकी पुलिस पहुंची जिसने लोगों को शांत करवाया। उधर हंगामा होते देख निर्माण कार्य में लगी ठेकेदार की लेबर मौके से खिसक गई जबकि मौके पर कोई भी सैन्य अधिकारी नहीं पहुंचा। एक माह में दूसरी बार लोगों ने यहां पर विरोध जताया है। मौके पर मौजूद कैंटोनमेंट बोर्ड पार्षदों व पूर्व पार्षदों ने कहा कि यदि भविष्य में भी सेना द्वारा इस रोड को बंद करने का प्रयास किया गया तो इसका पुरजोर तरीके से विरोध जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना पहले ही किचनर रोड सिविलियन के लिए बंद करने का प्रयास कर रही है और अब एक और रोड को बंद करने के लिए निर्माण किया जा रहा है जोकि किसी भी सूरत में सही नहीं है। बता दें कि शुक्रवार से रविवार तक सरकारी छुट्टी है और इन दिनों में तेजी से यहां पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। उधर, मामले की जानकारी पार्षदों ने कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारियों को भी दी है जिनकी जमीन पर यह निर्माण कार्य सेना द्वारा किया जा रहा था।
कालोनी आने-जाने के लिए है मुख्य रास्ता
डिफेंस कालोनी रोड बंद करने की सूचना मिलते ही मौके पर कैंटोनमेंट बोर्ड की पार्षद आशीमा, लक्ष्मी देवी, पूर्व पार्षद राज कुमार राजा, ललित कुमार सहित इलाके के दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से यहां पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। मगर पहले उन्होंने इसपर गौर नहीं किया। रोड बर्म पर नींव खोदकर यहां पर पिल्लर लगाने का काम चल रहा है। मौके पर मौजूद डिफेंस कालोनी निवासियों ने बताया कि सेना की योजना इस रोड को सिविलियन के लिए बंद करने की है क्योंकि बीते कुछ दिनों से यहां से गुजरने वाली ट्रेक्टर ट्राली या अन्य वाहन को निकलने नहीं दिया जाता और इसे तोपखाना परेड के रास्ते मोड़ दिया जाता है जोकि करीब तीन से चार किमी. लंबा व घुमावदार रास्ता है। कैंट सदर क्षेत्र से डिफेंस कालोनी जाने के लिए स्टाफ रोड से आगे डिफेंस कालोनी रोड सीधा मार्ग है जिसे सेना अब बंद करने का प्रयास कर रही है। लोगों ने कहा कि सेना की इस दादागिरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी सेना सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई प्रमुख सड़के सिविलियन के लिए बंद कर चुके हैं। इससे तोपखाना, तोपखाना परेड, टुंडला, टुंडली, माली परेड, डिफेंस कालोनी, कलरहेड़ी आदि के निवासियों को परेशानी हो रही है। लोगों ने रोड के दोनों तरफ लगाए जा रहे पिल्लर व ग्रिल को तोड़ दिया। मौके पर मौजूद ठेकेदार व उसकी लेबर ने सामान को समेटा जिसके बाद वह मौके से खिसक गए।
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बोर्ड जारी कर चुकी सेना को नोटिस, फिर भी निर्माण
डिफेंस कालोनी की रोड बर्म पर निर्माण किया जा रहा है और रोड बर्म कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आती है जबकि मुख्य रोड एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) के अधीन है। रोड बर्म पर किसी तरह का भी कोई निर्माण करने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड की अनुमति लेना जरूरी होता है, मगर यहां पर किसी तरह की कोई अनुमति बोर्ड से नहीं ली गई है। पूर्व में जब एमईएस ने ठेकेदार के मार्फत निर्माण कराना चाहा था तो कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारियों ने इस मामले में सेना को नोटिस दिया था। मगर बावजूद इसके सेना नोटिस की कोई परवाह नहीं कर रही है। बोर्ड द्वारा इसकी शिकायत तोपखाना चौकी पुलिस में भी दी गई थी जिसपर पुलिस द्वारा भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
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बता दें कि सेना द्वारा पूर्व में भी सैन्य क्षेत्र में सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रमुख सड़कों को बंद किया जा चुका है। अब डिफेंस कालोनी के जिस हिस्से को बंद किया जा रहा है उसके ठीक साथ खड्ग कोर के जीओसी का निवास है। इसी रोड से कुछ आगे डिफेंस कालोनी, टुंडला, माली परेड आदि का रास्ता है जहां हजारों की आबादी है। रोड बंद होने से हजारों लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी।
किचनर रोड बंद करने के लिए आपत्तियां भेजी
सेना ने कुछ दिन पहले ही खड्ग कोर मुख्यालय के निकट किचनर रोड को भी सुरक्षा का हवाला देते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड के माध्यम से अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी है। हालांकि इससे पहले भी एक अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें बोर्ड को 135 आपत्तियां मिली थी। अब पुन: आपत्तियां लोगों द्वारा दी गई है और जनता से लेकर पार्षद तक रोड बंद करने के हक में नहीं है।
यह बोले बोर्ड के नुमाइंदे
- मामले की जानकारी मिलते ही बोर्ड अधिकारियों से बातचीत की गई थी। यहां पर सेना द्वारा निर्माण कराया जा रहा है और इस संबंध में जब सैन्य अधिकारियों से संपर्क किया तो किसी ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। यहां पर रोड को बिल्कुल भी बनने नहीं दिया जाएगा। अजय बवेजा, उपाध्यक्ष, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
- सेना कई सड़कों को पूर्व में बंद कर चुकी है। किचनर रोड बंद करने के लिए अधिसूचना जारी है और अब नई रोड बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। अब सरकारी छुट्टियां तीन दिन तक है और बोर्ड कार्यालय भी बंद है। इसी समय जानबूझ कर तेजी से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था जिसका लोगों ने विरोध जताया है।
आशीमा, पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
- रोड बंद करने का प्रयास सेना कर रही है जिसका हर स्तर पर विरोध जताया जाएगा। यदि रोड बंद होती है तो कई किलोमीटर घूमकर लोगों को जाना पड़ेगा। सेना गलत नीति अपना रही है और लोग परेशान हो रहे हैं।
लक्ष्मी देवी, पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला
- लोगों ने पूर्व में भी रोड बंद करने का विरोध जताया था, लेकिन सेना फिर जानबूझकर सिविलियन के लिए रोड बंद करने के लिए रोड किनारे दीवार बनाने में लगी है। यहां दशकों से लोग रह रहे हैं जिनका ध्यान नहीं किया जा रहा है।
राज कुमार राजा, पूर्व पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड।
- बीते कुछ दिनों से लगातार कर्मी यहां पर काम तेज कर रहे हैं। मुझे जानकारी मिली तो बोर्ड अधिकारियों व पुलिस के नोटिस में बात डाली गई। अब लोगों ने मौके पर पहुंच काम को रूकवाया गया है। सेना सिविलियन के साथ भेदभाव कर रही है।
ललित कुमार, पूर्व पार्षद, कैंटोनमेंट बोर्ड।
- पुलिस ने दोपहर मौके पर पहुंच लोगों को शांत करवाया व उन्हें मौके से हटवाया है। इस मामले में शनिवार शाम तक किसी भी पक्ष द्वारा कोई शिकायत नहीं मिली थी। दिसंबर माह में कैंटोनमेंट बोर्ड ने शिकायत दी थी जिस पर डीडीआर दर्ज है और किसी भी पार्टी को यहां काम नहीं करने को कहा था।
बलकार सिंह, चौकी प्रभारी, तोपखाना।