फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   युवा अवस्था में बच्चों की समस्याएं समझें अभिभावक : तान्या

युवा अवस्था में बच्चों की समस्याएं समझें अभिभावक : तान्या

Mon, 20 Nov 2017 12:54 AM IST
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
युवा अवस्था में बच्चों की समस्याएं समझें अभिभावक : तान्या
युवा अवस्था में बच्चों की समस्याएं समझें अभिभावक : तायल
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
सिटी के पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में रविवार को ए जर्नी टुवर्ड्स पॉजीटिव पेरेंटिंग के तहत सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान चाइल्ड काउंसलर तान्या तायल ने अभिभावकों को बच्चों को लेकर कई टिप्स बताए। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा अवस्था में बढ़ते बच्चों को कई समस्याएं सामने आती हैं, जिनका हल करना माता-पिता के लिए एक समस्या बन जाता है। माता-पिता को घर में कुछ ऐसे नियम बनाने चाहिए, जिससे बच्चे उन नियमों के अनुरूप चले। बच्चों को मोबाइल फोन, गेम्स, कंप्यूटर आदि का प्रयोग कम करने देना चाहिए। वहीं बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहिए और उन्हें हमेशा प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान कई अभिभावकों ने तान्या तायल से प्रश्न भी पूछे जिनका उन्होंने जवाब दिया।

अभिभावक प्रदीप शर्मा ने प्रश्न पूछा कि बच्चों को कौन सा कॅरियर चुनना चाहिए। इस पर तान्या ने बताया कि बच्चों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप ही लक्ष्य का चुनाव करना चाहिए। अभिभावक सर्वजीत सिंह ने पूछा कि बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कितनी देर करने देना चाहिए तो उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल जरूरत के हिसाब से देना चाहिए और इसके लिए उनका समय निश्चित कर देना चाहिए। अभिभावक सारिका ने प्रश्न पूछा कि अध्यापक और छात्र का रोल कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा की दोनों ही शिक्षा में मजबूत स्तंभ दोनों को मिलकर सहयोगपूर्ण कार्य करना चाहिए। अभिभावक अनुज त्यागी ने जाना कि बच्चों को कितनी आजादी देनी चाहिए। उन्होंने बताया पेरेंट्स को बच्चों के साथ हर कार्य में भागीदार रहना चाहिए, उनको प्रेरित करना चाहिए न कि उन पर जोर जबरदस्ती करनी चाहिए। वहीं स्कूल काउंसलर मोनिका परिहार ने पेरेंटिंग के विषय में समझाते हुए कहा कि किस प्रकार से बच्चों का विकास किया जाये और उनको शिक्षित किया जाये ताकि वे अपने आने वाले जीवन में आत्मनिर्भर बने। इस दौरान प्रिंसिपल डॉ. विकास कोहली ने बताया कि स्कूल प्रशासन पेरेंट्स के लिए इस तरह के प्रोग्राम आयोजित करते रहते हैं, आज के युवा ही कल के नायक हैं इसलिए अभिभावकों को पेरेंटिंग स्किल से अवगत करना जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed