{"_id":"59a06deb4f1c1bb87e8b4a0b","slug":"121503686123-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- बिगड़े हालातों को देखते हुए यमुनानगर से लड़की पक्ष पहुंचा था अंबाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- बिगड़े हालातों को देखते हुए यमुनानगर से लड़की पक्ष पहुंचा था अंबाला
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
डेरा मुखी के फैसले के बाद जहां जिलेभर में तनाव का माहौल था, वहीं अंबाला सिटी में एक शादी समारोह भी तनाव की भेंट चढ़ गया। बिना बैंड बाजे के ही बारात पैलेस में दाखिल हुई और चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में ही विवाह हुआ। हालांकि विवाह के दौरान बारातियों व मौजूदा लोगों में दंगे फैलने का खतरा बना हुआ था, उसके बावजूद भी शादी की पहले से निर्धारित तिथि व शुभ मुहूर्त के अनुसार ही शादी की रस्मों को पूरा किया गया।
दरअसल, अंबाला सिटी निवासी नरेंद्र की शादी शुक्रवार रात के समय थी। लड़की पक्ष यमुनानगर से होने के कारण बिगड़ते हालातों को देखते ही वाहनों व बस में सवार होकर अंबाला के लिए रवाना हो गए थे। पहले तो शादी में जा रही लोगों को जगह-जगह पुलिस के विरोध व चेकिंग से गुजरना पड़ा। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर भी तैनात पुलिस मुलाजिमों ने बस को रोककर चेकिंग की और पूरी जांच पड़ताल के बाद रवाना किया। जैसे-तैसे लोग एक घंटे का सफर करीबन चार घंटे में तय कर अंबाला सिटी पैलेस में पहुंचे थे लेकिन फैसले के बाद ओर बिगड़े हालातों को देखते ही मजबूरन लड़के पक्ष के लोगों ने बिना बैंड-बाजे के ही शादी की रस्म को निभाने का निर्णय लिया। बाराती शादी समारोह स्थल तक बिना किसी बैंड बाजे के पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचे। जबकि विवाह समारोह को देखते हुए इलाका पुलिस ने भी समारोह के बाहर अपना पहरा बनाएं रखा ताकि कोई घटना न घट सके। दुल्हन के पिता रामलाल नागपाल का कहना था कि शादी के लिए कई सपने सजा रहे थे कि धूमधाम से शादी होगी और शुभ मुहूर्त भी निकाला था। लेकिन अब सब तैयारियों व सपने चूर-चूर हो गए। केवल रिश्तेदार व चुनिंदा लोग भी शादी समारोह में शामिल हो सके। उनका कहना है कि बिगड़ते हालात सुधरने के बाद ही वह यमुनानगर के लिए रवाना होंगे।
विज्ञापन
अंबाला सिटी।
डेरा मुखी के फैसले के बाद जहां जिलेभर में तनाव का माहौल था, वहीं अंबाला सिटी में एक शादी समारोह भी तनाव की भेंट चढ़ गया। बिना बैंड बाजे के ही बारात पैलेस में दाखिल हुई और चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में ही विवाह हुआ। हालांकि विवाह के दौरान बारातियों व मौजूदा लोगों में दंगे फैलने का खतरा बना हुआ था, उसके बावजूद भी शादी की पहले से निर्धारित तिथि व शुभ मुहूर्त के अनुसार ही शादी की रस्मों को पूरा किया गया।
दरअसल, अंबाला सिटी निवासी नरेंद्र की शादी शुक्रवार रात के समय थी। लड़की पक्ष यमुनानगर से होने के कारण बिगड़ते हालातों को देखते ही वाहनों व बस में सवार होकर अंबाला के लिए रवाना हो गए थे। पहले तो शादी में जा रही लोगों को जगह-जगह पुलिस के विरोध व चेकिंग से गुजरना पड़ा। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर भी तैनात पुलिस मुलाजिमों ने बस को रोककर चेकिंग की और पूरी जांच पड़ताल के बाद रवाना किया। जैसे-तैसे लोग एक घंटे का सफर करीबन चार घंटे में तय कर अंबाला सिटी पैलेस में पहुंचे थे लेकिन फैसले के बाद ओर बिगड़े हालातों को देखते ही मजबूरन लड़के पक्ष के लोगों ने बिना बैंड-बाजे के ही शादी की रस्म को निभाने का निर्णय लिया। बाराती शादी समारोह स्थल तक बिना किसी बैंड बाजे के पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचे। जबकि विवाह समारोह को देखते हुए इलाका पुलिस ने भी समारोह के बाहर अपना पहरा बनाएं रखा ताकि कोई घटना न घट सके। दुल्हन के पिता रामलाल नागपाल का कहना था कि शादी के लिए कई सपने सजा रहे थे कि धूमधाम से शादी होगी और शुभ मुहूर्त भी निकाला था। लेकिन अब सब तैयारियों व सपने चूर-चूर हो गए। केवल रिश्तेदार व चुनिंदा लोग भी शादी समारोह में शामिल हो सके। उनका कहना है कि बिगड़ते हालात सुधरने के बाद ही वह यमुनानगर के लिए रवाना होंगे।
विज्ञापन