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अब रोहतक के बजाय अंबाला में ही होगा एचआईवी प्रभावित लोगों का इलाज
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:44 AM IST
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अब अंबाला में भी होगा एचआईवी प्रभावित लोगों का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। विश्व एड्स नियंत्रण दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी द्वारा प्रदेशभर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित पॉलीक्लीनिक में एचआईवी प्रभावित लोगों के इलाज के लिए एफआईएआरटी सेंटर स्थापित किया गया और केंद्रीय कारागार में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सेंटर का उद्घाटन हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की परियोजना निदेशक डॉ. वीना सिंह ने किया। इस सेंटर में अंबाला के साथ-साथ यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के एचआईवी प्रभावित लोगों को भी नि:शुल्क टेस्ट व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे पूर्व इस तरह का सेंटर केवल रोहतक में था और अब अंबाला में यह सुविधा उपलब्ध होने से एचआईवी प्रभावित लोगों को नजदीकी स्थल पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हुई है। डॉ. वीना ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस तरह के 6 केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें अंबाला का केंद्र सबसे बेहतर और उपयुक्त स्थान पर है। सरकार शीघ्र ही एचआईवी पीड़ित लोगों के लिए 2000 रुपये मासिक पेंशन भी आरंभ करने जा रही है ताकि वे बेहतर खुराक ले सकें। कुछ वर्ष पूर्व तक एचआईवी पॉजिटिव के लिए इलाज की सुविधा नहीं थी और अब चिकित्सा विज्ञान ने उन्नति के साथ-साथ इलाज में भी सुधार हुआ है। अब एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति इलाज करवाकर लंबे समय तक एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होंने इस मौके पर पौधरोपण किया और एड्स जागरूकता के क्षेत्र में योगदान देने वाले चिकित्सकों व स्टाफ को भी सम्मानित किया।
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सेंट्रल जेल के बंदी छापेंगे एड्स नियंत्रण सोसायटी की प्रचार सामग्री
डॉ. वीना ने केंद्रीय कारागार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि जानकारी और बचाव ही एड्स से सुरक्षित रहने का उपाय है। एड्स फैलने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है और ऐसी स्थिति में कंडोम इत्यादि का प्रयोग करके एड्स जैसी बीमारी से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके अलावा एक ही सुई से दूसरे मरीजों को टीका लगाने, एचआईवी पीड़ित माता से जन्म लेने वाली संतान इत्यादि कारणों से भी एड्स फैलती है। जेल अधीक्षक लखबीर सिंह के अनुरोध पर उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की प्रचार सामग्री केंद्रीय कारागार से प्रकाशित करवाई जाएगी। जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि जेल में स्थित सभी बंदियों की एड्स जांच करवाई जा चुकी है और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रभावित बंदियों को टेस्ट और इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा, जेल अधीक्षक लखबीर सिंह, एड्स नियंत्रण सोसायटी के अतिरिक्त निदेशक सुधीर सक्सेना, पीएमओ डॉ. मलकीत सिंह, उपसिविल सर्जन डॉ. पवन, डॉ. संगीता गोयल, डॉ. बेला शर्मा, डॉ. बलविंद्र कौर, डॉ. जयंती वर्मा, एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय, डॉ. तेजिन्द्र साहनी, डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. बिमला आनंद, उपजेल अधीक्षक विशाल छिब्बर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। विश्व एड्स नियंत्रण दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी द्वारा प्रदेशभर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित पॉलीक्लीनिक में एचआईवी प्रभावित लोगों के इलाज के लिए एफआईएआरटी सेंटर स्थापित किया गया और केंद्रीय कारागार में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सेंटर का उद्घाटन हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की परियोजना निदेशक डॉ. वीना सिंह ने किया। इस सेंटर में अंबाला के साथ-साथ यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के एचआईवी प्रभावित लोगों को भी नि:शुल्क टेस्ट व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे पूर्व इस तरह का सेंटर केवल रोहतक में था और अब अंबाला में यह सुविधा उपलब्ध होने से एचआईवी प्रभावित लोगों को नजदीकी स्थल पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हुई है। डॉ. वीना ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस तरह के 6 केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें अंबाला का केंद्र सबसे बेहतर और उपयुक्त स्थान पर है। सरकार शीघ्र ही एचआईवी पीड़ित लोगों के लिए 2000 रुपये मासिक पेंशन भी आरंभ करने जा रही है ताकि वे बेहतर खुराक ले सकें। कुछ वर्ष पूर्व तक एचआईवी पॉजिटिव के लिए इलाज की सुविधा नहीं थी और अब चिकित्सा विज्ञान ने उन्नति के साथ-साथ इलाज में भी सुधार हुआ है। अब एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति इलाज करवाकर लंबे समय तक एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होंने इस मौके पर पौधरोपण किया और एड्स जागरूकता के क्षेत्र में योगदान देने वाले चिकित्सकों व स्टाफ को भी सम्मानित किया।
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सेंट्रल जेल के बंदी छापेंगे एड्स नियंत्रण सोसायटी की प्रचार सामग्री
डॉ. वीना ने केंद्रीय कारागार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि जानकारी और बचाव ही एड्स से सुरक्षित रहने का उपाय है। एड्स फैलने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है और ऐसी स्थिति में कंडोम इत्यादि का प्रयोग करके एड्स जैसी बीमारी से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके अलावा एक ही सुई से दूसरे मरीजों को टीका लगाने, एचआईवी पीड़ित माता से जन्म लेने वाली संतान इत्यादि कारणों से भी एड्स फैलती है। जेल अधीक्षक लखबीर सिंह के अनुरोध पर उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की प्रचार सामग्री केंद्रीय कारागार से प्रकाशित करवाई जाएगी। जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि जेल में स्थित सभी बंदियों की एड्स जांच करवाई जा चुकी है और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रभावित बंदियों को टेस्ट और इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा, जेल अधीक्षक लखबीर सिंह, एड्स नियंत्रण सोसायटी के अतिरिक्त निदेशक सुधीर सक्सेना, पीएमओ डॉ. मलकीत सिंह, उपसिविल सर्जन डॉ. पवन, डॉ. संगीता गोयल, डॉ. बेला शर्मा, डॉ. बलविंद्र कौर, डॉ. जयंती वर्मा, एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय, डॉ. तेजिन्द्र साहनी, डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. बिमला आनंद, उपजेल अधीक्षक विशाल छिब्बर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।