{"_id":"5aa0446f4f1c1b410b8bcb3c","slug":"11520452719-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"41 में से दो केसों का निपटान, चार को किया रिहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
41 में से दो केसों का निपटान, चार को किया रिहा
Updated Thu, 08 Mar 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोक अदालत में दो केस मौके पर हल कर चार लोगों को किया रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केंद्रीय कारागार में लगाई गई लोक अदालत में 41 मामलों की सुनवाई की गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधुलिका ने दो केसों का मौके पर ही निपटान करते हुए छोटे अपराधों में शामिल चार लोगों को रिहा करने के आदेश जारी किए।
उन्होंने छोड़े गए लोगों को हिदायत दी कि यदि वह दोबारा अपराध करते पकड़े गए तो उन्हें सामान्य की तुलना अधिक सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह सजा की इस अवधि से सबक लेकर आदर्श नागरिक बनने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें सस्ते और शीघ्र न्याय का सबसे बेहतर माध्यम हैं। हर महीने के पहले बुधवार को जेल में लोक अदालत लगाई जाती है जिसमें कोर्ट द्वारा भेजे गए उन मुकदमों को रखा जाता है जिनमें कानून के मुताबिक फैसला किया जा सकता हो। इस अवसर पर उन्होंने जेल अधिकारियों से कैदियों और बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी प्राप्त की। लोक अदालत के अवसर पर जेल उप अधीक्षक शाहिद हुसैन सहित जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केंद्रीय कारागार में लगाई गई लोक अदालत में 41 मामलों की सुनवाई की गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधुलिका ने दो केसों का मौके पर ही निपटान करते हुए छोटे अपराधों में शामिल चार लोगों को रिहा करने के आदेश जारी किए।
उन्होंने छोड़े गए लोगों को हिदायत दी कि यदि वह दोबारा अपराध करते पकड़े गए तो उन्हें सामान्य की तुलना अधिक सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह सजा की इस अवधि से सबक लेकर आदर्श नागरिक बनने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें सस्ते और शीघ्र न्याय का सबसे बेहतर माध्यम हैं। हर महीने के पहले बुधवार को जेल में लोक अदालत लगाई जाती है जिसमें कोर्ट द्वारा भेजे गए उन मुकदमों को रखा जाता है जिनमें कानून के मुताबिक फैसला किया जा सकता हो। इस अवसर पर उन्होंने जेल अधिकारियों से कैदियों और बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी प्राप्त की। लोक अदालत के अवसर पर जेल उप अधीक्षक शाहिद हुसैन सहित जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन