{"_id":"59a316934f1c1b5b508b4691","slug":"11503860371-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-डेरा प्रकरण में सरकार उठ रहे सवालों के बीच राज्य मंत्री का विवादित बयान-","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-डेरा प्रकरण में सरकार उठ रहे सवालों के बीच राज्य मंत्री का विवादित बयान-
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:33 AM IST
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- डेरा प्रकरण में सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच राज्य मंत्री का विवादित बयान-
पैदल लोगों को कैसे रोकती सरकार, जबरदस्ती से और बिगड़ते हालात : सैनी
- डेरा मुखी मामले में पंचकूला में बिगड़े हालातों पर राज्य मंत्री नायब सैनी ने किया सरकार का बचाव
- कांग्रेस के पूर्व संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर बोले, सरकार की नाकामी को छिपाने में जुटे हैं पार्टी के नेता
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। डेरा मामले में पंचकूला सहित पांच राज्यों में बिगड़े हालातों और सरकार की नाकामी पर हरियाणा के राज्य मंत्री नायब सैनी ने विवादित बयान दिया है। सरकार का बचाव करते उन्होंने कहा कि पैदल आ रहे लोगों को सरकार कैसे रोकती। राज्य मंत्री इतने पर ही नहीं रुके और कहा कि यदि जबरदस्ती करते तो हालात और बिगड़ सकते थे। उन्होंने जहां सरकार को कवरअप करने की कोशिश की वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नारायणगढ़ से पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर ने इस मामले में सरकार के स्टैंड को पूरी तरह से फेल करार दिया है।
उल्लेखनीय है कि डेरा मामले में जिस तरह से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, उससे भाजपा सरकार के लिए अजीब सी स्थिति पैदा हो रही है। विपक्ष जहां सरकार पर हमलावर हो रहा है, वहीं सत्ता पक्ष के नेता अपनी सरकार के स्टैंड को सही दर्शाने में जुटे हुए हैं। अंबाला के नारायणगढ़ हलके से विधायक व प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री नायब सैनी ने इन सभी के बीच विवादित बयान देकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस पूरे प्रकरण पर जब राज्य मंत्री नायब सैनी से बात की तो उन्होंने कहा कि कानून सर्वोपरि है, सबको अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए। फैसले के बाद पंचकूला में हुए बवाल के सवाल पर राज्य मंत्री नायब सैनी ने सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकार ने बेहतर ढंग से मामले को टैकल किया। मात्र 2 घंटे में ही बवाल पर काबू पा लिया गया। फैसले से पहले धारा 144 के बावजूद लोगों को न रोक पाना क्या सरकार की विफलता नहीं है जैसे सवाल के जवाब में राज्य मंत्री ने कहा कि पैदल आ रहे लोगों को सरकार कैसे रोकती। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कह डाला कि पुलिस ने उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन यदि जबरदस्ती करते तो स्थिति और खराब होती।
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भाजपा सरकार की नाकामी से करोड़ों का नुकसान : रामकिशन
कांग्रेस के पूर्व विधायक व मुख्य संसदीय सचिव राम किशन गुर्जर ने इस सारे मामले में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि डेरा मामले में जिस तरह से हालात बेकाबू हुए हैं, वह सरकार की विफलता ही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण करोड़ों का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं बहुमूल्य जिंदगियां चली गईं, जबकि पंचकूला वासी सरकार की ढुलमुल लचर नीति के कारण कई दिन तक अपने घर में बंधक बने रहे। ऐसा लग रहा था कि सरकार ने धारा 144 पंचकूला वासियों के लिए लगाई थी। सरकार के मंत्रियों ने भी इस मामले में लोगों को आस्था के नाम पर एक तरह से उकसाया। सरकार पहले रामपाल मामले में फेल रही, फिर जाट आरक्षण आंदोलन में और अब डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में स्थिति को संभालने में नकारा साबित हुई है। इस नुकसान व लोगों की मौत के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।
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- डेरा प्रकरण में सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच राज्य मंत्री का विवादित बयान-
पैदल लोगों को कैसे रोकती सरकार, जबरदस्ती से और बिगड़ते हालात : सैनी
- डेरा मुखी मामले में पंचकूला में बिगड़े हालातों पर राज्य मंत्री नायब सैनी ने किया सरकार का बचाव
- कांग्रेस के पूर्व संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर बोले, सरकार की नाकामी को छिपाने में जुटे हैं पार्टी के नेता
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। डेरा मामले में पंचकूला सहित पांच राज्यों में बिगड़े हालातों और सरकार की नाकामी पर हरियाणा के राज्य मंत्री नायब सैनी ने विवादित बयान दिया है। सरकार का बचाव करते उन्होंने कहा कि पैदल आ रहे लोगों को सरकार कैसे रोकती। राज्य मंत्री इतने पर ही नहीं रुके और कहा कि यदि जबरदस्ती करते तो हालात और बिगड़ सकते थे। उन्होंने जहां सरकार को कवरअप करने की कोशिश की वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नारायणगढ़ से पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर ने इस मामले में सरकार के स्टैंड को पूरी तरह से फेल करार दिया है।
उल्लेखनीय है कि डेरा मामले में जिस तरह से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, उससे भाजपा सरकार के लिए अजीब सी स्थिति पैदा हो रही है। विपक्ष जहां सरकार पर हमलावर हो रहा है, वहीं सत्ता पक्ष के नेता अपनी सरकार के स्टैंड को सही दर्शाने में जुटे हुए हैं। अंबाला के नारायणगढ़ हलके से विधायक व प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री नायब सैनी ने इन सभी के बीच विवादित बयान देकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस पूरे प्रकरण पर जब राज्य मंत्री नायब सैनी से बात की तो उन्होंने कहा कि कानून सर्वोपरि है, सबको अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए। फैसले के बाद पंचकूला में हुए बवाल के सवाल पर राज्य मंत्री नायब सैनी ने सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकार ने बेहतर ढंग से मामले को टैकल किया। मात्र 2 घंटे में ही बवाल पर काबू पा लिया गया। फैसले से पहले धारा 144 के बावजूद लोगों को न रोक पाना क्या सरकार की विफलता नहीं है जैसे सवाल के जवाब में राज्य मंत्री ने कहा कि पैदल आ रहे लोगों को सरकार कैसे रोकती। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कह डाला कि पुलिस ने उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन यदि जबरदस्ती करते तो स्थिति और खराब होती।
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भाजपा सरकार की नाकामी से करोड़ों का नुकसान : रामकिशन
कांग्रेस के पूर्व विधायक व मुख्य संसदीय सचिव राम किशन गुर्जर ने इस सारे मामले में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि डेरा मामले में जिस तरह से हालात बेकाबू हुए हैं, वह सरकार की विफलता ही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण करोड़ों का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं बहुमूल्य जिंदगियां चली गईं, जबकि पंचकूला वासी सरकार की ढुलमुल लचर नीति के कारण कई दिन तक अपने घर में बंधक बने रहे। ऐसा लग रहा था कि सरकार ने धारा 144 पंचकूला वासियों के लिए लगाई थी। सरकार के मंत्रियों ने भी इस मामले में लोगों को आस्था के नाम पर एक तरह से उकसाया। सरकार पहले रामपाल मामले में फेल रही, फिर जाट आरक्षण आंदोलन में और अब डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में स्थिति को संभालने में नकारा साबित हुई है। इस नुकसान व लोगों की मौत के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।
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