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हर स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा नहीं बना सकते : एजीएम
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। नार्दर्न रेलवे के एजीएम राजेश तिवारी ने कहा कि हर स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए फंड की आवश्यकता होती है। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुविधाओं में 12 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार होगा, इसका प्लान तैयार किया गया है और जल्द इस पर कार्य होगा। एजीएम तिवारी शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्टेशन बिल्डिंग में सुधार के अलावा यहां पर लाइट्स, यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। इसका प्लान तैयार कर लिया गया है और जल्द इस पर अमल होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे ने बीते चार वर्षों में सफाई के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए हैं और ट्रेन व स्टेशनों पर अच्छा माहौल यात्रियों को मिले इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल से लुधियाना तक मालगाड़ी के अलग गलियारे के लिए बनाई जा रही डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना पर कार्य अभी चल रहा है और इसके वर्ष 2020 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि यह योजना पहले 2017 तक पूरी की जानी थी, मगर अलग रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण एवं अन्य कार्य प्रभावित हुए जिस वजह से इस परियोजना में देरी हुई है। मालगाड़ी का अलग गलियारा बनने से मालभाड़े को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा। एजीएम ने कहा कि कैंट स्टेशन पर रेल मंडल द्वारा यात्रियों हित में बेहतर सुविधाएं प्रदान की गई है और निरीक्षण में काफी कुछ बेहतर मिला है।
पौने घंटे तक स्टेशन पर किया एजीएम ने निरीक्षण
सुबह शताब्दी एक्सप्रेस से कैंट स्टेशन पर पहुंचे एजीएम ने पौने घंटे तक स्टेशन पर निरीक्षण किया। उन्होंने एक नंबर प्लेटफार्म पर टी-स्टॉलों को चेक किया जिसके बाद उन्होंने रिफ्रेशमेंट रूम में खाद्य सामग्री चेक की। यहां एजीएम ने किचन में खाना बनते स्वयं देखा और इस पर संतुष्टि जताई। इसके उपरांत एजीएम ने स्टेशन पर वेटिंग हॉल, यूटीएस काउंटर एवं प्लेटफार्म नंबर एक को चैक किया। इस दौरान डीआरएम दिनेश शर्मा सहित विभिन्न ब्रांच अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। स्टेशन पर निरीक्षण के बाद एजीएम ने रेल अधिकारियों के साथ डीआरएम कांप्लेक्स में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टेशन के विकास की योजनाओं पर चर्चा भी की। दोपहर एजीएम तिवारी ने डीआरएम कांप्लेक्स में पौधरोपण किया। शाम को वह शताब्दी एक्सप्रेस से वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए।
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वल्र्ड क्लास स्टेशन बनने में लगेगा समय
कैंट रेलवे स्टेशन को नेता से लेकर अधिकारी तक समय-समय पर वर्ल्ड क्लास स्टेशन का रूप देने की घोषणा पूर्व में करते रहे। मगर स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन का रूप देने की योजना पर एजीएम राजेश तिवारी ने विराम लगा दिया है। इसी मसले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने फंड की कमी की गिनवाई और बोले की जैसे-जैसे रेलवे को फंड उपलब्ध होंगे उसी हिसाब से विकास के कार्य होंगे। बता दें कि करीब तीन वर्ष पहले फ्रांस रेलवे की टीम ने स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए योजना तैयार की थी, मगर इस पर भी अभी कोई अमल नहीं किया जा रहा है। एजीएम ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से स्टेशन का विस्तार रेलवे कर रही है।
अब बॉक्स की जगह आधुनिक बैग होंगे गार्ड्स के पास
अब तक ट्रेन में तैनात गार्ड्स अपना सामान लोहे के बॉक्स में रखते थे। इन बक्सों को गार्ड के डिब्बे तक पहुंचाने के लिए रेलवे को प्रतिवर्ष लाखों का कांट्रेक्ट देकर लेबर लगानी पड़ती थी। मगर अब ऐसा नहीं होगा। नार्दर्न रेलवे में अंबाला रेल मंडल ने सबसे पहले बॉक्स के स्थान पर बैग का प्रचलन आरंभ कर दिया है। इस बैग में गार्ड्स को प्रदान किए जाने वाले पारंपरिक सामान को आधुनिक सामान से पूरी तरह से बदल दिया गया है। नए बैग में आधुनिक एलईडी टार्च के अलावा गार्ड्स को टेबलेट भी दिए गए हैं जिनमें ड्यूटी से जुड़ा पूरा मैन्युल है। इसके अलावा बैग में आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली रेड लाइन, पटाखे फोड़ने के लिए डेटोनेटर व अन्य उपकरण शामिल है। स्टेशन की कू्र बुकिंग लॉबी में यह आधुनिक सामान एजीएम ने गार्ड्स के सुपुर्द भी किया।
बॉयो टॉयलेट का डिस्पले
रेल मंडल के कैरिज एवं वैगन विभाग द्वारा निर्मित बॉयो टॉयलेट का डिस्पले भी स्टेशन पर एजीएम के समक्ष किया गया। मंडल अधिकारियों ने बॉयो टॉयलेट की कार्यप्रणाली के बारे में एजीएम को अवगत कराते हुए बताया कि यह बॉयो टॉयलेट बैक्टीरिया एवं दुर्गंध रहित है। इसके अलावा इसके अन्य फायदे भी बताए गए।
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अंबाला कैंट। नार्दर्न रेलवे के एजीएम राजेश तिवारी ने कहा कि हर स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए फंड की आवश्यकता होती है। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुविधाओं में 12 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार होगा, इसका प्लान तैयार किया गया है और जल्द इस पर कार्य होगा। एजीएम तिवारी शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्टेशन बिल्डिंग में सुधार के अलावा यहां पर लाइट्स, यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। इसका प्लान तैयार कर लिया गया है और जल्द इस पर अमल होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे ने बीते चार वर्षों में सफाई के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए हैं और ट्रेन व स्टेशनों पर अच्छा माहौल यात्रियों को मिले इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल से लुधियाना तक मालगाड़ी के अलग गलियारे के लिए बनाई जा रही डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना पर कार्य अभी चल रहा है और इसके वर्ष 2020 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि यह योजना पहले 2017 तक पूरी की जानी थी, मगर अलग रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण एवं अन्य कार्य प्रभावित हुए जिस वजह से इस परियोजना में देरी हुई है। मालगाड़ी का अलग गलियारा बनने से मालभाड़े को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा। एजीएम ने कहा कि कैंट स्टेशन पर रेल मंडल द्वारा यात्रियों हित में बेहतर सुविधाएं प्रदान की गई है और निरीक्षण में काफी कुछ बेहतर मिला है।
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पौने घंटे तक स्टेशन पर किया एजीएम ने निरीक्षण
सुबह शताब्दी एक्सप्रेस से कैंट स्टेशन पर पहुंचे एजीएम ने पौने घंटे तक स्टेशन पर निरीक्षण किया। उन्होंने एक नंबर प्लेटफार्म पर टी-स्टॉलों को चेक किया जिसके बाद उन्होंने रिफ्रेशमेंट रूम में खाद्य सामग्री चेक की। यहां एजीएम ने किचन में खाना बनते स्वयं देखा और इस पर संतुष्टि जताई। इसके उपरांत एजीएम ने स्टेशन पर वेटिंग हॉल, यूटीएस काउंटर एवं प्लेटफार्म नंबर एक को चैक किया। इस दौरान डीआरएम दिनेश शर्मा सहित विभिन्न ब्रांच अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। स्टेशन पर निरीक्षण के बाद एजीएम ने रेल अधिकारियों के साथ डीआरएम कांप्लेक्स में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टेशन के विकास की योजनाओं पर चर्चा भी की। दोपहर एजीएम तिवारी ने डीआरएम कांप्लेक्स में पौधरोपण किया। शाम को वह शताब्दी एक्सप्रेस से वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए।
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वल्र्ड क्लास स्टेशन बनने में लगेगा समय
कैंट रेलवे स्टेशन को नेता से लेकर अधिकारी तक समय-समय पर वर्ल्ड क्लास स्टेशन का रूप देने की घोषणा पूर्व में करते रहे। मगर स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन का रूप देने की योजना पर एजीएम राजेश तिवारी ने विराम लगा दिया है। इसी मसले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने फंड की कमी की गिनवाई और बोले की जैसे-जैसे रेलवे को फंड उपलब्ध होंगे उसी हिसाब से विकास के कार्य होंगे। बता दें कि करीब तीन वर्ष पहले फ्रांस रेलवे की टीम ने स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए योजना तैयार की थी, मगर इस पर भी अभी कोई अमल नहीं किया जा रहा है। एजीएम ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से स्टेशन का विस्तार रेलवे कर रही है।
अब बॉक्स की जगह आधुनिक बैग होंगे गार्ड्स के पास
अब तक ट्रेन में तैनात गार्ड्स अपना सामान लोहे के बॉक्स में रखते थे। इन बक्सों को गार्ड के डिब्बे तक पहुंचाने के लिए रेलवे को प्रतिवर्ष लाखों का कांट्रेक्ट देकर लेबर लगानी पड़ती थी। मगर अब ऐसा नहीं होगा। नार्दर्न रेलवे में अंबाला रेल मंडल ने सबसे पहले बॉक्स के स्थान पर बैग का प्रचलन आरंभ कर दिया है। इस बैग में गार्ड्स को प्रदान किए जाने वाले पारंपरिक सामान को आधुनिक सामान से पूरी तरह से बदल दिया गया है। नए बैग में आधुनिक एलईडी टार्च के अलावा गार्ड्स को टेबलेट भी दिए गए हैं जिनमें ड्यूटी से जुड़ा पूरा मैन्युल है। इसके अलावा बैग में आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली रेड लाइन, पटाखे फोड़ने के लिए डेटोनेटर व अन्य उपकरण शामिल है। स्टेशन की कू्र बुकिंग लॉबी में यह आधुनिक सामान एजीएम ने गार्ड्स के सुपुर्द भी किया।
बॉयो टॉयलेट का डिस्पले
रेल मंडल के कैरिज एवं वैगन विभाग द्वारा निर्मित बॉयो टॉयलेट का डिस्पले भी स्टेशन पर एजीएम के समक्ष किया गया। मंडल अधिकारियों ने बॉयो टॉयलेट की कार्यप्रणाली के बारे में एजीएम को अवगत कराते हुए बताया कि यह बॉयो टॉयलेट बैक्टीरिया एवं दुर्गंध रहित है। इसके अलावा इसके अन्य फायदे भी बताए गए।