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दो दिन पहले किसानों से अभद्रता करने वाले डीआरओ ने माफी मांगी, बोले %मैं खुद किसान हूं’
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:03 AM IST
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किसानों से अभद्रता करने वाले डीआरओ ने माफी मांगी, बोले- मैं खुद किसान हूूं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी कार्यालय परिसर में मुआवजे के लिए तीन दिन पहले इकट्ठा हुए किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले डीआरओ (डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर) को आखिर भाकियू के समक्ष माफी मांगनी पड़ी। वीरवार को डीआरओ कैप्टन विनोद कुमार खुद डीसी कार्यालय पहुंचे और विरोध कर रहे किसानों से अपनी गलती के लिए माफी मांगी और अपने आपको किसान बताया। किसानों ने डीआरओ से पूछा कि अगर आप किसान हो तो उनका दुख अच्छे से जानते होंगे, आपके ऐसे अभद्र व्यवहार से ज्यादा खेद पहुंचा है। इस बीच सीटीएम सतीश कुमार ने मामले को संभालते हुए किसानों को शांत करवाया। डीआरओ के माफी मांगने पर मामला रफा-दफा हुआ, मगर किसान यूनियन ने मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी की और अधिकारियों को चेताया कि यदि 6 दिसंबर तक मुआवजा राशि खातों में नहीं आई तो किसान भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
किसानों ने की जमकर नारेबाजी
अक्तूबर में ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए डीसी कार्यालय पहुंचे किसानों के साथ डीआरओ ने अभद्र व्यवहार किया था। इसके विरोध में किसान यूनियन के सभी सदस्य व किसान डीसी को डीआरओ की शिकायत देने पहुंचे थे। यहां उन्होंने सरकार और डीआरओ के खिलाफ नारेबाजी की और डीआरओ से माफी मांगने के लिए नारे लगाए। इसके साथ ही किसानों ने उनकी खराब फसल का जल्द मुआवजा दिलवाने की बात कही।
किसानों व डीआरओ की यह हुई आमने-सामने बातचीत
किसान ने सीटीएम से कहा कि किसानों से अभद्रता करना किसी अधिकारी को शोभा नहीं देता। इस पर डीआरओ बोले कि वह स्वयं भी किसान हैं। इसी बीच सीटीएम ने किसानों को समझाया और कहा कि किसानों को पूरा मुआवजा तय समय में मिलेगा और इस पर प्रशासन दिनरात कार्रवाई कर रहा है। फिर डीआरओ ने भी किसानों को बताया कि कई अधिकारी इस कार्य में लगे हैं और जल्द मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। सीटीएम ने कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है कंप्यूटर में फीडिंग का काम चल रहा है। नया सॉफ्टवेयर है, जल्द कार्य पूरा हो जाएगा और सरकार आपके खातों में रुपये डलवा देगी।
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25 हजार रुपये प्रति किले के हिसाब से ही लेंगे
किसान बोले अगर छह तारीख तक उनके खातों में रुपये नहीं डाले गए तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे और सरकार चाहेगी भी तब भी नहीं उठेंगे। सभी किसानों के खातों में एसडीएम द्वारा किए गए वादों के अनुसार ही 25 हजार रुपये प्रति किले के हिसाब से ही लेंगे और इससे एक रुपया कम भी नहीं लेगे। जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक वह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। इस मौके पर रमेश राणा, परविंद्र सिंह, जय सिंह, राजीव शर्मा, जसवीर सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी कार्यालय परिसर में मुआवजे के लिए तीन दिन पहले इकट्ठा हुए किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले डीआरओ (डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर) को आखिर भाकियू के समक्ष माफी मांगनी पड़ी। वीरवार को डीआरओ कैप्टन विनोद कुमार खुद डीसी कार्यालय पहुंचे और विरोध कर रहे किसानों से अपनी गलती के लिए माफी मांगी और अपने आपको किसान बताया। किसानों ने डीआरओ से पूछा कि अगर आप किसान हो तो उनका दुख अच्छे से जानते होंगे, आपके ऐसे अभद्र व्यवहार से ज्यादा खेद पहुंचा है। इस बीच सीटीएम सतीश कुमार ने मामले को संभालते हुए किसानों को शांत करवाया। डीआरओ के माफी मांगने पर मामला रफा-दफा हुआ, मगर किसान यूनियन ने मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी की और अधिकारियों को चेताया कि यदि 6 दिसंबर तक मुआवजा राशि खातों में नहीं आई तो किसान भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
किसानों ने की जमकर नारेबाजी
अक्तूबर में ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए डीसी कार्यालय पहुंचे किसानों के साथ डीआरओ ने अभद्र व्यवहार किया था। इसके विरोध में किसान यूनियन के सभी सदस्य व किसान डीसी को डीआरओ की शिकायत देने पहुंचे थे। यहां उन्होंने सरकार और डीआरओ के खिलाफ नारेबाजी की और डीआरओ से माफी मांगने के लिए नारे लगाए। इसके साथ ही किसानों ने उनकी खराब फसल का जल्द मुआवजा दिलवाने की बात कही।
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किसानों व डीआरओ की यह हुई आमने-सामने बातचीत
किसान ने सीटीएम से कहा कि किसानों से अभद्रता करना किसी अधिकारी को शोभा नहीं देता। इस पर डीआरओ बोले कि वह स्वयं भी किसान हैं। इसी बीच सीटीएम ने किसानों को समझाया और कहा कि किसानों को पूरा मुआवजा तय समय में मिलेगा और इस पर प्रशासन दिनरात कार्रवाई कर रहा है। फिर डीआरओ ने भी किसानों को बताया कि कई अधिकारी इस कार्य में लगे हैं और जल्द मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। सीटीएम ने कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है कंप्यूटर में फीडिंग का काम चल रहा है। नया सॉफ्टवेयर है, जल्द कार्य पूरा हो जाएगा और सरकार आपके खातों में रुपये डलवा देगी।
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25 हजार रुपये प्रति किले के हिसाब से ही लेंगे
किसान बोले अगर छह तारीख तक उनके खातों में रुपये नहीं डाले गए तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे और सरकार चाहेगी भी तब भी नहीं उठेंगे। सभी किसानों के खातों में एसडीएम द्वारा किए गए वादों के अनुसार ही 25 हजार रुपये प्रति किले के हिसाब से ही लेंगे और इससे एक रुपया कम भी नहीं लेगे। जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक वह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। इस मौके पर रमेश राणा, परविंद्र सिंह, जय सिंह, राजीव शर्मा, जसवीर सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे।