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सैन्य क्षेत्र से गुजरने पर चुकानी होगी कीमत
मोहित धुपड़/अंबाला
Updated Sat, 23 Feb 2013 02:16 PM IST
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कैंटोनमेंट बोर्ड ने अपने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी कामर्शियल वाहनों से एंट्री फीस वसूलने का फैसला किया है। अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के इस प्रस्ताव पर बोर्ड के सदन में चरचा होगी और प्रस्ताव पर सहमति के बाद यह लागू हो जाएगा।
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अगर प्रस्ताव पास हो गया तो अंबाला समेत विभिन्न राज्यों से आने वाले तमाम कामर्शियल वाहनों को सैन्य क्षेत्र में प्रवेश करने पर एंट्री फीस देनी पड़ेगी। इसके लिए छह कलेक्शन सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है।
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दूसरे राज्यों से आती हैं हजारों गाड़ियां
अंबाला छावनी के सैन्य क्षेत्र का एक हिस्सा जगाधरी हाईवे, नेशनल हाईवे नंबर एक व शहर-कालाअंब हाईवे के साथ लगता है। यहां से चंडीगढ़, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ व पंजाब की ओर से हजारों वाहन वाया एयरफोर्स रोड होकर जगाधरी रोड, नेशनल हाईवे नंबर एक व कालाअंब हाईवे पर आगे बढ़ते हैं।
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सेना का मानना है कि इससे उनकी सड़कों पर काफी दबाव पड़ता है और सड़कें जल्दी बुरी तरह टूट जाती हैं। इसलिए कैंटोनमेंट बोर्ड इन कामर्शियल वाहनों से अब एंट्री फीस वसूलेगा। सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग कैटेगरी में कामर्शियल वाहनों को 24 घंटे के 100 रुपये, 60 रुपये, 20 रुपये व ट्रैक्टर-ट्रालियों को एक माह के एकमुश्त 200 रुपये वसूलने का प्रस्ताव है।
कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में चरचा के बाद इस फीस में संशोधन भी हो सकता है। एंट्री फीस कलेक्शन के लिए सैन्य क्षेत्र में एलेक्डरा रोड पर सेना नगर के पास, कलरहेड़ी रोड पर डिफेंस कालोनी के पास, जगाधरी रोड पर वेटरिनरी अस्पताल के पास, माल रोड पर सैनिक रेस्ट हाउस के पास, पंजोखरा रोड चौक व एफओएल डिपो चौक पर सेंटर बनाने का प्रस्ताव है।
राजकीय वाहनों को मिल सकती है राहत
एंट्री फीस के दायरे में टूरिस्ट बसें, हैवी व लाइट कामर्शियल वाहन, व्हील लोड कैरियर, ट्रैक्टर-ट्राली, टैक्सी व कामर्शियल वाहन रहेंगे लेकिन विभिन्न राज्यों के राजकीय वाहनों को इसमें राहत देना प्रस्तावित है। इसके अलावा उन वाहनों को भी एंट्री टैक्स से राहत मिल सकती है जो लोगों की सेवा में लगे हुए हैं।
कैंटोनमेंट बोर्ड की मुख्य अधिशासी अधिकारी शालिनी पांडेय ने बताया कि कामर्शियल वाहनों सेे एंट्री फीस के लिए मसौदा तैयार किया गया है। इस पर पहले बोर्ड के सदन में चरचा होगी, उसके बाद इसे लागू किया जाएगा। हजारों कामर्शियल वाहन सैन्य क्षेत्र की सड़कों से गुजरते हैं, जिस वजह से ये सड़कें जर्जर हो जाती हैं। इसलिए एंट्री फीस लगाने का निर्णय लिया गया है। सब कुछ एक्ट के अनुसार ही होगा।