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आयरन गोलियां खाने से 50 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
यमुनानगर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2013 12:38 PM IST
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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में आयरन की गोलियां खाने के बाद तबीयत बिगड़ने
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का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को जगाधरी के राजकीय
कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की करीब 50 छात्राओं की तबीयत आयरन की
गोलियां खाने से बिगड़ गई।
18 छात्राओं का उपचार जगाधरी के सिविल अस्पताल में चल रहा है, वहीं 16 छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार दोपहर को मिड-डे मील खाने के बाद छात्राओं को आयरन की गोलियां दी गईं। स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार पहले कक्षा इंचार्ज ने स्वयं गोली खाई, बाद में छात्राओं को गोलियां दी गई। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्राएं अपने-अपने घर चली गईं।
चूना भट्टी निवासी आठवीं कक्षा की छात्रा पूजा, मुखर्जी पार्क निवासी छठीं कक्षा की राधा और आठवीं कक्षा की ममता की तबीयत खराब होने पर बुधवार को ही उन्हें सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया। वीरवार सुबह छात्राओं के स्कूल आने के बाद एक-एक कर कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राओं को सिरदर्द, चक्कर आना और पेटदर्द की शिकायतें थी।
एक-एक कर अचानक 20 से अधिक छात्राओं की तबीयत खराब होते देख अध्यापक घबरा गए। अध्यापकों ने तुरंत कंट्रोल रूम में फोन कर एंबुलेंस बुलाई। इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को दी। एंबुलेंस से छात्राओं को जगाधरी के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया।
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स्कूल में छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर मिलने पर परिजन भी स्कूल और अस्पताल में पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तुरंत छात्राओं का इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती दसवीं कक्षा की छात्रा ललतेश की तबीयत गंभीर बनी हुई है।
स्कूल में भी की गई जांच
स्कूल में छात्राओं की तबीयत खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। सिविल सर्जन डा. एमआर पासी चिकित्सकों की टीम के साथ स्कूल पहुंचे। गंभीर रूप से बीमार बच्चों का उपचार सिविल अस्पताल में कराया गया, वहीं जिन छात्राओं की थोड़ी बहुत दिक्कत थी। उनकी जांच स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने स्कूल में ही की।
सरकार के आदेशानुसार स्कूलों में आयरन की गोलियां दी गईं। स्कूल में लगभग 900 छात्राओं को गोलियां दी गई। इसमें से कुछ कमजोर छात्राओं की गोली खाने से तबीयत खराब हुई है। कुछ छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ अभी अस्पताल में भर्ती हैं। सभी छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है।
जगजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी
बच्चों में खून की कमी को देखते हुए आयरन की गोलियां दी जा रही है, जो बच्चे खाली पेट या गोली खाने के बाद पानी नहीं पीते और जो बच्चे कमजोर हैं, उन बच्चों को गोली खाने के बाद दिक्कत होती है। यदि बच्चे रुटीन में गोलियां लेंगे तो वह धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगे। जगाधरी के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिन बच्चों की तबीयत खराब हुई है। उनको जांचकर दवा दे दी गई है। अब सभी बच्चों की हालत ठीक है।
डा. एमआर पासी, सिविल सर्जन यमुनानगर
18 छात्राओं का उपचार जगाधरी के सिविल अस्पताल में चल रहा है, वहीं 16 छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार दोपहर को मिड-डे मील खाने के बाद छात्राओं को आयरन की गोलियां दी गईं। स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार पहले कक्षा इंचार्ज ने स्वयं गोली खाई, बाद में छात्राओं को गोलियां दी गई। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्राएं अपने-अपने घर चली गईं।
चूना भट्टी निवासी आठवीं कक्षा की छात्रा पूजा, मुखर्जी पार्क निवासी छठीं कक्षा की राधा और आठवीं कक्षा की ममता की तबीयत खराब होने पर बुधवार को ही उन्हें सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया। वीरवार सुबह छात्राओं के स्कूल आने के बाद एक-एक कर कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राओं को सिरदर्द, चक्कर आना और पेटदर्द की शिकायतें थी।
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एक-एक कर अचानक 20 से अधिक छात्राओं की तबीयत खराब होते देख अध्यापक घबरा गए। अध्यापकों ने तुरंत कंट्रोल रूम में फोन कर एंबुलेंस बुलाई। इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को दी। एंबुलेंस से छात्राओं को जगाधरी के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया।
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स्कूल में छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर मिलने पर परिजन भी स्कूल और अस्पताल में पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तुरंत छात्राओं का इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती दसवीं कक्षा की छात्रा ललतेश की तबीयत गंभीर बनी हुई है।
स्कूल में भी की गई जांच
स्कूल में छात्राओं की तबीयत खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। सिविल सर्जन डा. एमआर पासी चिकित्सकों की टीम के साथ स्कूल पहुंचे। गंभीर रूप से बीमार बच्चों का उपचार सिविल अस्पताल में कराया गया, वहीं जिन छात्राओं की थोड़ी बहुत दिक्कत थी। उनकी जांच स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने स्कूल में ही की।
सरकार के आदेशानुसार स्कूलों में आयरन की गोलियां दी गईं। स्कूल में लगभग 900 छात्राओं को गोलियां दी गई। इसमें से कुछ कमजोर छात्राओं की गोली खाने से तबीयत खराब हुई है। कुछ छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ अभी अस्पताल में भर्ती हैं। सभी छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है।
जगजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी
बच्चों में खून की कमी को देखते हुए आयरन की गोलियां दी जा रही है, जो बच्चे खाली पेट या गोली खाने के बाद पानी नहीं पीते और जो बच्चे कमजोर हैं, उन बच्चों को गोली खाने के बाद दिक्कत होती है। यदि बच्चे रुटीन में गोलियां लेंगे तो वह धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगे। जगाधरी के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिन बच्चों की तबीयत खराब हुई है। उनको जांचकर दवा दे दी गई है। अब सभी बच्चों की हालत ठीक है।
डा. एमआर पासी, सिविल सर्जन यमुनानगर